फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Asian Games 2023 : Annu Rani said that success has achieved by defeating social challenges

बातचीत: अन्नु बोलीं- लोअर टी-शर्ट पहनने पर उठे थे सवाल, रात में 3 बजे उठ करती थी अभ्यास, पढ़ें संघर्ष की कहानी

Sun, 08 Oct 2023 02:14 AM IST
कपिल kapil शाह आलम त्यागी, संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
शाह आलम त्यागी, संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Sun, 08 Oct 2023 02:14 AM IST
सार

Asian Games 2023 : अन्नु रानी ने अमर उजाला से खास बातचीत में बताया कि रात में ही तीन बजे उठकर अभ्यास करने चली जाती थी और सुबह होने से पहले ही घर आकर सो जाती थी। जिससे परिवार को सामाजिक व गांव वालों की बातें सुनने को ना मिले।

विज्ञापन
Asian Games 2023 : Annu Rani said that success has achieved by defeating social challenges
अन्नू रानी का स्वागत करते परिजन - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

चीन में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर घर लौटी अन्नु रानी ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि लक्ष्य को पूरा करने में संघर्ष और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उसके सामने सामाजिक चुनौती आईं, एक लड़की होकर लोवर टीशर्ट पहनने को लेकर गांव में असमंजसता की स्थिति भी बनी। जिसके चलते परिवार के लोग भी खिलाड़ी बनने में सहयोग करने से पीछे हट गए। वे सब सामाजिक व्यवस्थाओं को चुनौती नहीं दे सकते थे। ऐसे में मैने अपनी दिनचर्या में बदलाव करते हुए रात में ही तीन बजे उठकर अभ्यास करने जाने लगी और सुबह होने से पहले ही घर आकर सो जाती थी। जिससे परिवार को सामाजिक व गांव वालों की बातें सुनने को ना मिले।

विज्ञापन


 इन सब विपरीत परिस्थितियों के बाद आज सफतला का मुकाम हासिल करना गांव की दूसरी बेटियों के लिए भी प्रेरणाश्रोत बन गया है।

अन्नु रानी ने कहा कि उन्होंने बांस की जैवलिन से अभ्यास किया। प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए ट्रेन में सीट नहीं मिलने पर नीचे लेटकर जाना पड़ता था। कभी-कभी खेल छोड़ने के विचार भी आने लगते हैं, लेकिन ऐसे ही समय में यदि दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ा जाए तो सफलता एक दिन जरूर मिलती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

बताया कि 15 साल पहले मेरे खेल के प्रति समाज के नजरिए को देखते हुए पिता भी नहीं चाहते थे कि वह खेल में जाए। जिसके बाद प्रभात आश्रम के स्वामी विवेकानंद ने परिवार को भरोसा दिलाया। कई बार आसपास कोई उम्मीद नहीं होने के बाद भी वह लक्ष्य से पीछे नहीं हटी। दिन रात मेहनत का नतीजा है कि आज सभी के आशीर्वाद से इस मुकाम पर पहुंची हूं। 

विज्ञापन

अन्नु ने कहा कि युवाओं को किसी भी चुनौतियों का सामने क्यों ना करना पड़े लेकिन अपने परिश्रम में कमी नहीं छोड़नी चाहिए। पिता अमरपाल कहते हैं मुझे तो पहले यह डर सताता था कि बेटी को खेलने के लिए दूर-दूर शहरों में जाना पड़ेगा। लेकिन आज अन्नू की मेहनत और संघर्ष ने गांव से लेकर देश विदेश की दूरी को घटा दिया है। क्षेत्र के हर कोई ग्रामीण अन्नु रानी को अपनी बेटी मानकर गर्व महसूस कर रहे हैं। उन्हें इससे बड़ी और क्या सोहरत चाहिए।

यह भी पढ़ें: थाने पहुंचीं गोल्डन गर्ल अन्नु रानी: पुलिस को दी तहरीर, कार्रवाई की मांग, हादसे में भाई समेत दो युवक हुए घायल

मां से बोली अन्नू, तुम्हारी दुआओं की बदौलत दी कमजोरी को मात तो मिला ये मुकाम
अन्नु गांव पहुंची तो मां घर की दहलीज पर आरती की थाली लेकर खड़ी थीं। बेटी को देखते ही खुशी से आंखें छलक आईं। आरती उतारकर बेटी को गले लगा लिया। अन्नु ने गले लगकर कहा कि मां, तुम्हारी दुआओं की बदौलत ही मैने कमजोरी को हराकर ये मुकाम हासिल किया है। तुम हिम्मत नहीं बंधाती तो आज ये मुकाम हासिल नहीं होता।

यह भी पढ़ें: UP: झूठा निकला 50 लाख के जेवरात चोरी का मामला, कारीगर भागा नहीं मां को देखने गया था घर, सामने आया पूरा सच

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed