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Meerut News: कृत्रिम दांत बनाने वाला बना धर्म का ठेकेदार, करोड़ों की संपत्ति कमाई
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संदीप,,, मकान के बाहर लगी लोगों की भीड़
मेरठ। परतापुर के शंकरनगर निवासी विनीत पास्टर कृत्रिम दांत बनाने का काम करता था। पहले उसने खुद का धर्म बदला और फिर अपने परिवार को धर्म बदलवाया। अब तक वह 500 लोगों का धर्मांतरण करा चुका है। इसके एवज में विनीत करोड़ों की संपत्ति का मालिक बन गया है। चार साल पहले उसने परतापुर में मकान खरीदा था। वह पहले से ही धर्मांतरण के काम में लगा था।
बताया जा रहा है कि धर्म परिवर्तन कर मिली रकम से ही विनीत ने तीन मंजिला मकान खड़ा कर लिया। विनीत आठ वर्ष पहले कृत्रिम दांत बनाने का काम करता था। इसके बाद वह किसी व्यक्ति के संपर्क में आया और पत्नी पायल व मां गीता और अपने बच्चों धर्म परिवर्तन करा लिया। तभी से ही विनीत ने इसाई धर्म का प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया।
परतापुर की काॅलोनी में जिस जगह यह तीन मंजिला मकान है, वहां आसपास दर्जनों परिवार रहते हैं। काॅलोनी के सभी लोग पुलिस के सामने मकान में चल रहे इस खेल की जानकारी होने से इन्कार करते रहे। लोगों का कहना था विनीत का परिवार काॅलोनी के लोगों से ज्यादा मतलब नहीं रखता था। हर रविवार को लोग काफी संख्या में विनीत के घर आते जाते थे। लोग अंदर जाने के बाद कई घंटों के बाद निकलते थे। पूछने पर विनीत व उसका परिवार लोगों की मानसिक बीमारी का उपचार करने की बात कहता था।
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साउंड प्रूफ मिनी चर्च में किया जा रहा था लोगों का ब्रेनवाश
मकान की दूसरी मंजिल पर बने मिनी चर्च में मेरठ सहित आसपास के कई जिलों के लोगों को मानसिक बीमारी का उपचार करने के लिए बुलाया जाता था। मसीही प्रार्थना स्थल नामक चर्च में लोगों का ब्रेनवाश करने की तमाम सामग्री उपलब्ध थी। लोगों को बाइबल के उपदेशों से इसाई धर्म की महत्ता के बारे में शिक्षा दी जाती थी। यह काम हर रविवार को होता था। जो लोग उनकी बातों में आ जाते थे उनका धर्मपरिवर्तन कराकर फार्म भरवाया जाता था और नया नाम दिया जाता था। साथ ही धर्म परिवर्तन करा चुके लोगों से अन्य लोगों को इसाई धर्म से जोड़ने के कहा जाता था। बाहर से आए लोगों के लिए खाने पीने की व्यवस्था मिनी चर्च में ही होती थी।
इन लोगों से भी की गई पूछताछ
पुलिस ने मौके से 15 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। विनीत के अलावा उसकी पत्नी पायल, गीता, जॉनी और संगीता के अलावा प्रमोद निवासी नईबस्ती टीपीनगर, लव निवासी शंकर नगर थाना परतापुर, कुनाल निवासी खेड़की मुजक्कीपुर, सतेंद्र कुमार निवासी नंगला जमालपुर, शेषनाथ निवासी आजमगढ, अनोईन निवासी कुंडा, नितिन निवासी देवतापुरम व तीन महिलाओं को हिरासत में लिया गया था।
कहां से होती है फंडिंग, नेटवर्क तलाशने में जुटी पुलिस
परतापुर के शंकरनगर के फेस 2 स्थित पकड़े गए धर्म परिवर्तन करने के गिरोह का बडा नेटवर्क है। सूत्रों के अनुसार विनीत एक बड़े गिरोह का मामूली सदस्य है। मेरठ में इसका एक बडा नेटवर्क काम कर रहा है। इसके लिए बाहर से बड़ी फंडिंग होती है। आरोपियों की बातों में आकर जो लोग धर्म परिवर्तन कराते है उन्हें रुपयों का लालच दिया जाता है। इस फंडिंग का नेटवर्क पुलिस खंगाल रही है। आरोप है कि मिनी चर्च में आने वाले लोगों को उनके धर्म से विमुख करने के लिए इसाई धर्म की विशेषताओं के बारे में बताया जाता था। पुलिस गिरोह के सरगना की तलाश में जुटी है।
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बताया जा रहा है कि धर्म परिवर्तन कर मिली रकम से ही विनीत ने तीन मंजिला मकान खड़ा कर लिया। विनीत आठ वर्ष पहले कृत्रिम दांत बनाने का काम करता था। इसके बाद वह किसी व्यक्ति के संपर्क में आया और पत्नी पायल व मां गीता और अपने बच्चों धर्म परिवर्तन करा लिया। तभी से ही विनीत ने इसाई धर्म का प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया।
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परतापुर की काॅलोनी में जिस जगह यह तीन मंजिला मकान है, वहां आसपास दर्जनों परिवार रहते हैं। काॅलोनी के सभी लोग पुलिस के सामने मकान में चल रहे इस खेल की जानकारी होने से इन्कार करते रहे। लोगों का कहना था विनीत का परिवार काॅलोनी के लोगों से ज्यादा मतलब नहीं रखता था। हर रविवार को लोग काफी संख्या में विनीत के घर आते जाते थे। लोग अंदर जाने के बाद कई घंटों के बाद निकलते थे। पूछने पर विनीत व उसका परिवार लोगों की मानसिक बीमारी का उपचार करने की बात कहता था।
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साउंड प्रूफ मिनी चर्च में किया जा रहा था लोगों का ब्रेनवाश
मकान की दूसरी मंजिल पर बने मिनी चर्च में मेरठ सहित आसपास के कई जिलों के लोगों को मानसिक बीमारी का उपचार करने के लिए बुलाया जाता था। मसीही प्रार्थना स्थल नामक चर्च में लोगों का ब्रेनवाश करने की तमाम सामग्री उपलब्ध थी। लोगों को बाइबल के उपदेशों से इसाई धर्म की महत्ता के बारे में शिक्षा दी जाती थी। यह काम हर रविवार को होता था। जो लोग उनकी बातों में आ जाते थे उनका धर्मपरिवर्तन कराकर फार्म भरवाया जाता था और नया नाम दिया जाता था। साथ ही धर्म परिवर्तन करा चुके लोगों से अन्य लोगों को इसाई धर्म से जोड़ने के कहा जाता था। बाहर से आए लोगों के लिए खाने पीने की व्यवस्था मिनी चर्च में ही होती थी।
इन लोगों से भी की गई पूछताछ
पुलिस ने मौके से 15 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। विनीत के अलावा उसकी पत्नी पायल, गीता, जॉनी और संगीता के अलावा प्रमोद निवासी नईबस्ती टीपीनगर, लव निवासी शंकर नगर थाना परतापुर, कुनाल निवासी खेड़की मुजक्कीपुर, सतेंद्र कुमार निवासी नंगला जमालपुर, शेषनाथ निवासी आजमगढ, अनोईन निवासी कुंडा, नितिन निवासी देवतापुरम व तीन महिलाओं को हिरासत में लिया गया था।
कहां से होती है फंडिंग, नेटवर्क तलाशने में जुटी पुलिस
परतापुर के शंकरनगर के फेस 2 स्थित पकड़े गए धर्म परिवर्तन करने के गिरोह का बडा नेटवर्क है। सूत्रों के अनुसार विनीत एक बड़े गिरोह का मामूली सदस्य है। मेरठ में इसका एक बडा नेटवर्क काम कर रहा है। इसके लिए बाहर से बड़ी फंडिंग होती है। आरोपियों की बातों में आकर जो लोग धर्म परिवर्तन कराते है उन्हें रुपयों का लालच दिया जाता है। इस फंडिंग का नेटवर्क पुलिस खंगाल रही है। आरोप है कि मिनी चर्च में आने वाले लोगों को उनके धर्म से विमुख करने के लिए इसाई धर्म की विशेषताओं के बारे में बताया जाता था। पुलिस गिरोह के सरगना की तलाश में जुटी है।