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Meerut News: कोहरे में सड़क हादसे रोकने के इंतजाम नाकाफी
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सहारनपुर। सर्दी के साथ ही कोहरे ने भी दस्तक दे दी है, लेकिन कोहरे में सड़क हादसे रोकने के इंतजाम अभी नदारद ही दिखाई दे रहे हैं। शहर से लेकर देहात की सड़कों पर वाहन बिना रिफ्लेक्टर के ही दौड़ रहे हैं। कोहरे के दौरान ज्यादातर सड़क हादसों का कारण वाहनों पर रिफ्लेक्टर नहीं होना ही माना जाता है। एक पखवाड़े में 20 से अधिक लोगों की जान सड़क हादसों में जा चुकी है।
कोहरे में हादसे रोकने के लिए वाहनों पर लगने वाली रिफ्लेक्टर टेप को बेहद अहम माना जाता है। जिन वाहनों पर यह टेप नहीं होती है उनका चालान भी किया जाता है। कोहरे में सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया है, लेकिन अभी तक न तो परिवहन विभाग की तरफ से कोई ठोस कदम उठाए गए और न ही यातायात पुलिस। संभागीय परिवहन विभाग के पास इतना बजट नहीं है कि वह रिफ्लेक्टर टेप की खरीदारी कर सके। सामाजिक एवं व्यापारी संगठनों से चंदे के भरोसे वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप लगाई जाती है। लोक निर्माण विभाग साइन बोर्ड लगवाता है। इसके अलावा अधिकतर सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे भी भरे जाते हैं, ताकि सड़क हादसों में इजाफा न हो।
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-- क्या है रिफ्लेक्टर टेप --
लाल रंग की रिफ्लेक्टर टेप को वाहनों के आगे व पीछे लगाया जाता है। रात के अंधेरे या फिर कोहरे में किसी वाहन की रोशनी पड़ने पर यह टेप चमकती है। जिससे पता चल जाता है कि आगे या फिर पीछे कोई वाहन है। सर्दियों के मौसम में यह टेप बेहद कारगर मानी जाती है।
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-- वर्जन
कोहरे से बचाव के लिए वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाने का काम चल रहा है। चीनी मिलों में आने वाले ट्रैक्टर-ट्रालियों पर भी रिफ्लेक्टर लगाई जा रही। ट्रांसपोर्टरों से भी बात कर रहे हैं। बिना रिफ्लेक्टर टेप के चालान भी हो रहे। - एमपी सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन
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कोहरे में हादसे रोकने के लिए वाहनों पर लगने वाली रिफ्लेक्टर टेप को बेहद अहम माना जाता है। जिन वाहनों पर यह टेप नहीं होती है उनका चालान भी किया जाता है। कोहरे में सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया है, लेकिन अभी तक न तो परिवहन विभाग की तरफ से कोई ठोस कदम उठाए गए और न ही यातायात पुलिस। संभागीय परिवहन विभाग के पास इतना बजट नहीं है कि वह रिफ्लेक्टर टेप की खरीदारी कर सके। सामाजिक एवं व्यापारी संगठनों से चंदे के भरोसे वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप लगाई जाती है। लोक निर्माण विभाग साइन बोर्ड लगवाता है। इसके अलावा अधिकतर सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे भी भरे जाते हैं, ताकि सड़क हादसों में इजाफा न हो।
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लाल रंग की रिफ्लेक्टर टेप को वाहनों के आगे व पीछे लगाया जाता है। रात के अंधेरे या फिर कोहरे में किसी वाहन की रोशनी पड़ने पर यह टेप चमकती है। जिससे पता चल जाता है कि आगे या फिर पीछे कोई वाहन है। सर्दियों के मौसम में यह टेप बेहद कारगर मानी जाती है।
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कोहरे से बचाव के लिए वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाने का काम चल रहा है। चीनी मिलों में आने वाले ट्रैक्टर-ट्रालियों पर भी रिफ्लेक्टर लगाई जा रही। ट्रांसपोर्टरों से भी बात कर रहे हैं। बिना रिफ्लेक्टर टेप के चालान भी हो रहे। - एमपी सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन