Exit Poll के नतीजों से सियासी हलचल की आशंका, मेरठ, मुजफ्फरनगर में सेना अलर्ट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस बार के विधानसभा चुनाव में सुरक्षा की कमान पुलिस और पीएसी के बजाय केंद्रीय पैरा मिलिट्री फोर्स (सीपीएमएफ) के हवाले रही थी। जिसके चलते मतदान शांतिपूर्वक निपटा। अब बारी नतीजे की है। अक्सर चुनाव परिणाम आने के बाद समर्थकों के भिड़ने और माहौल खराब होने की आशंका बनी रहती है। वैसे भी मतगणना के बाद होली का त्योहार सिर पर है। ऐसे में कोई शरारत या हरकत माहौल न बिगाड़ दे। इसको लेकर पूरी तरह से सतर्कता बरती जा रही है।
एनसीआर पर मेरठ से नजर
सूत्रों के मुताबिक पुलिस-प्रशासन के अलावा सेना भी सतर्क है। एहतियातन वह किसी भी क्विक रिस्पांस के लिए तैयार हैं। सेना के अधिकारी मेरठ और आसपास के जिलों में नतीजे आने के बाद की स्थिति पर इनपुट ले रहे हैं। पोस्ट पोल के रिजल्ट के बाद पिक्चर कुछ हद तक साफ होती नजर आ रही है। संवेदनशीलता के हिसाब से सेना के लिए मुजफ्फरनगर और मेरठ अहम हैं।
मुजफ्फरनगर में दंगा होने के बाद सेना की मदद से उसे कंट्रोल किया गया था। जिन विधानसभा सीटों पर टकराव हुए हैं या संवेदनशील हैं, उन पर नजर है। एनसीआर से लेकर पश्चिम यूपी के कई जिलों पर मेरठ से नजर रखी जा रही है। मेरठ में सेना की दो बड़ी डिविजन, पाइन डिविजन और 22 इंफेंट्री हैं। दोनों ही काफी महत्वपूर्ण हैं।
इंटेलीजेंस और लोकल इनपुट
चुनाव के बाद माहौल को लेकर सेना इंटेलीजेंस और स्थानीय लोगों से इनपुट ले रही है। हाईवे से लेकर शहरों के अंदरूनी इलाकों तक नजर है। पुराने चुनाव के मुकाबले इस बार मुकाबला काफी कड़ा रहा है। हार या जीत पर रिएक्शन से कोई घटना न हो जाए, इसको लेकर सतर्क है।