मेरठ में सांस लेना दूभर: एक्यूआई पहुंचा 336, हेल्थ इमरजेंसी के चलते पटाखों पर प्रतिबंध, व्यापारियों ने दिया धरना
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मेरठ शहर का एक्यूआई 336 पहुंचने के बाद हालात विकट हो गए और लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। ठंड बढ़ने के साथ मौसम में नमी बढ़ी है और इस वजह से वाहनों से निकलने वाला जहरीला धुआं और धूल के कण आसमान में ऊपर जाने के बजाय हवा में घुलते रहे। वहीं सोमवार को जिलाधिकारी के. बालाजी ने हेल्थ इमरजेंसी को देखते हुए पटाखा व्यापारियों को लाइसेंस देने से इनकार कर दिया है। इसे लेकर सांसद राजेंद्र अग्रवाल को व्यापारियों ने ज्ञापन सौंपा और इसके बाद व्यापारी जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरना देकर बैठ गए।
जनपद के अंदरूनी इलाकों के साथ-साथ बाहरी कॉलोनियों में भी हवा जहरीली हो गई है। बेगमपुल पर जहां एक्यूआई 382 रहा वहीं पल्लवपुरम में 354 तक पहुंच गया। दौराला से परतापुर के बीच इन दिनों रैपिड रेल का काम चल रहा है। इस वजह से यहां सड़क संकरी है और शाम के समय ट्रैफिक रेंगता है। इस वजह से हवा में धुआं घुलता गया। मवाना रोड पर गंगानगर में भी एक्यूआई 330 पहुंच गया।
क्या है हेल्थ इमरजेंसी
प्रदूषण नियंत्रण विभाग एयर क्वॉलिटी इंडेक्स को जीरो से 500 तक नापता है। जीरो से 50 एक्यूआई तक हवा अच्छी मानी जाती है और इसे सेहत के नजरिए से ग्र्रीन जोन में माना जाता है। 51 से 100 के बीच येलो जोन आता है। एक्यूआई 150 के पार होने पर ऑरेंज जोन में कहा जाता है। इसका अर्थ है कि हवा बुजुर्गों और बीमारों के लिए ठीक नहीं है। एक्यूआई 151 से 200 के बीच रेड जोन में आता है।
जब एक्यूआई 201 से 300 के बीच हो तो सेहत के लिए खतरा बढ़ जाता है। एक्यूआई 301 के पार जाने पर इसे सेहत की दृष्टि से हेल्थ इमरजेंसी की श्रेणी में माना जाता है। यानी इस श्रेणी में हवा सभी के लिए खतरनाक हो जाती है।
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शहर के प्रमुख इलाकों एक्यूआई
बेगमपुल 382
तेजगढ़ी 378
बिजली बंबा चौकी 371
पल्लवपुरम 354
केसरगंज 367
मेडिकल 349
मेट्रो प्लाजा 329
शॉप्रिक्स मॉल 347
जयभीमनगर 335
गंगानगर 330
मास्क और चश्मा लगाएं
मुंह और नाक पर तो लोग मास्क लगाकर प्रदूषण के दुष्प्रभाव से बचने की करते हैं, लेकिन आंखों से जुड़े खतरे से अनजान रहते हैं। इससे आंखों की एलर्जी, जलन, खुजली, पानी आना और लाली होने की समस्या होने लगती है। प्रदूषण हो तो चश्मा लगाकर बाहर निकलें, बाहर से आ रहे हैं तो पीने के पानी से आंखों को धो लें। - डॉ. लोकेश कुमार, नेत्र रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज
बचाव जरूरी, बरतें सावधानी
बढ़ता वायु प्रदूषण सेहत के लिए खतरनाक है। इसकी वजह से लोग तेजी से कई बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। इन बीमारियों में अस्थमा (दमा), फेफड़ों का कैंसर, टीबी और निमोनिया आदि शामिल हैं। ठंड के मौसम में प्रदूषण लोगों की और मुसीबत बढ़ा देता है। बचाव के लिए मास्क का इस्तेमाल जरूरी है। - डॉ. वीरोत्तम तोमर, सांस रोग विशेषज्ञ