{"_id":"5bf63b37bdec2269390296ee","slug":"aparajita-gram-pradhan-munesh-starts-study-after-42-years-later-changed-her-life","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अपराजिता: आठवीं के बाद छूटी थी पढ़ाई, 42 साल बाद ऐसे बदली ग्राम प्रधान मुनेश की जिंदगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपराजिता: आठवीं के बाद छूटी थी पढ़ाई, 42 साल बाद ऐसे बदली ग्राम प्रधान मुनेश की जिंदगी
मदन बालियान, अमर उजाला, बागपत
Updated Thu, 22 Nov 2018 10:44 AM IST
विज्ञापन
ग्रामप्रधान मुनेश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कहते हैं शिक्षा हासिल करने के लिए उम्र का कोई बंधन नहीं होता है। इसे सच कर दिखाया है निरपुड़ा की प्रधान मुनेश देवी ने, जिन्होंने 42 साल बाद अपनी अधूरी शिक्षा को पूरा करने का बीड़ा उठाया और प्रथम श्रेणी में हाईस्कूल परीक्षा पास की। अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत आज हम आपको रुबरू करा रहे हैं सैंकड़ों महिलाओं की प्रेरणा बनीं मुनेश देवी से:-
विज्ञापन
मुनेश घरेलू कार्यों में व्यस्त रहने वाली महिलाओं को पढ़ाई के लिए प्रेरित करने की जिंदा मिसाल बनी हैं। अब वह कक्षा 11 की छात्रा हैं और स्नातक करना चाहती हैं। प्रतिदिन गांव में शिक्षा का प्रचार करती हैं और दूसरी महिलाओं को शिक्षित होने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
विज्ञापन
छपरौली के चांदनहेड़ी गांव के किसान जहान सिंह की इस बेटी ने 1976 में श्री विद्या मंदिर इंटर कॉलेज छपरौली से आठवीं पास की थी और इसके बाद पढ़ाई छोड़ दी। कुछ दिन बाद ही इनकी शादी निरपुड़ा के ब्रजपाल सिंह के साथ हो गई।
वक्त गुजरता रहा और 42 साल बीत गए। तीन बेटियों की शादी कर चुकी मुनेश ने 2017 में कक्षा नौ में एडमीशन लिया। 2018 में जीएस इंटर कॉलेज दोघट से दसवीं कक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण की। वर्तमान में वह यहीं पर कक्षा 11 की छात्रा हैं।
दृढ़ संकल्प से सब संभव : मुनेश
निरपुड़ा की प्रधान मुनेश देवी कहती हैं कि दृढ़ संकल्प से सब कुछ हासिल किया जा सकता है। पढ़ाई छोड़े हुए इतने साल हो गए थे। बेटे निश्चय राणा और निर्वेश राणा ने प्रेरित किया तो उनकी हिम्मत बढ़ गई। उन्हें लगा कि वह गांव की प्रधान हैं और किसी को शिक्षा देने से पहले खुद भी शिक्षा हासिल कर लेनी चाहिए। इसमें कोई बुराई नहीं है। किसी भी उम्र में पढ़ाई शुरू की जा सकती है।
वक्त गुजरता रहा और 42 साल बीत गए। तीन बेटियों की शादी कर चुकी मुनेश ने 2017 में कक्षा नौ में एडमीशन लिया। 2018 में जीएस इंटर कॉलेज दोघट से दसवीं कक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण की। वर्तमान में वह यहीं पर कक्षा 11 की छात्रा हैं।
दृढ़ संकल्प से सब संभव : मुनेश
निरपुड़ा की प्रधान मुनेश देवी कहती हैं कि दृढ़ संकल्प से सब कुछ हासिल किया जा सकता है। पढ़ाई छोड़े हुए इतने साल हो गए थे। बेटे निश्चय राणा और निर्वेश राणा ने प्रेरित किया तो उनकी हिम्मत बढ़ गई। उन्हें लगा कि वह गांव की प्रधान हैं और किसी को शिक्षा देने से पहले खुद भी शिक्षा हासिल कर लेनी चाहिए। इसमें कोई बुराई नहीं है। किसी भी उम्र में पढ़ाई शुरू की जा सकती है।
चार लड़कियों को दिलाया प्रवेश
ग्राम प्रधान मुनेश देवी ने पढ़ाई छोड़ चुकी चार लड़कियों का एडमीशन दोबारा कराया है। अब ये लड़कियां स्कूल जा रही हैं। उनका कहना है कि अभी प्रयास शुरू किया है, उसका मकसद गांव की महिलाओं को शिक्षा की कतार में खड़ा करना है। गांव में प्रतिदिन घर घर जाकर बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने का प्रचार कर रही हैं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
ग्राम प्रधान मुनेश देवी ने पढ़ाई छोड़ चुकी चार लड़कियों का एडमीशन दोबारा कराया है। अब ये लड़कियां स्कूल जा रही हैं। उनका कहना है कि अभी प्रयास शुरू किया है, उसका मकसद गांव की महिलाओं को शिक्षा की कतार में खड़ा करना है। गांव में प्रतिदिन घर घर जाकर बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने का प्रचार कर रही हैं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/