अपराजिता: पिता व भाई की मौत भी नहीं तोड़ पाई प्रियंका के मजबूत इरादे, आज हैं दूसरों की प्रेरणा
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जागृति विहार सेक्टर-9 निवासी 28 वर्षीय प्रियंका सिंह का चयन केरल में कोच के तौर पर हो गया है। वह मंगलवार को केरल पहुंची हैं यहां और कुश्ती कोच का पद ग्रहण करेंगी। जीवन में प्रियंका ने जो दर्द सहा वह एक खिलाड़ी के लिये मुश्किल हो सकता है।
प्रियंका अंतर राष्ट्रीय खिलाड़ी अलका तोमर की बुआ की बेटी है। छोटी सी उम्र में ही अलका तोमर ने प्रियंका को कुश्ती के दांव सिखाना शुरू कर दिया। 12 साल की उम्र से ही प्रियंका ने सब-जूनियर वर्ग के कुश्ती खेल में पदक झटकने शुरू कर दिये।
करीब एक साल तक कुश्ती से दूर रही प्रियंका को दोबारा खेलने के लिये प्रेरित किया गया। परिवार व कुश्ती खिलाड़ियों के प्रयासों से प्रियंका फिर से कुश्ती में आने को तैयार हो गई। प्रियंका ने कुश्ती में शानदार वापिसी करते सफर जारी किया। अंतर राष्ट्रीय कुश्ती खिलाड़ी अलका तोमर ने बताया मंगलवार को प्रियंका केरल में बतौर कोच ज्वाइन करने वाली है। प्रियंका ने शारीरिक शिक्षा से एमफिल किया है, जबकि कोच के लिये एनआईएस डिप्लोमा किया है।
प्रियंका ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सिंगापुर की सीनियर कामनवेल्थ रेसलिंग चैंपियनशिप में सिल्वर, गुहाटी के साउथ एशियन गेम्स में गोल्ड, राष्ट्रीय स्तर पर गोंडा की सीनियर नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मैडल, स्टेट स्तर पर गोरखपुर की सीनियर यूपी रेंसलिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मैडल जीता। इसके अलावा वो राष्ट्रीय -अंतर राष्ट्रीय स्तर, स्टेट स्तर पर 39 पदक अपने नाम कर चुकी हैं। पांच महत्वपूर्ण अवार्ड भी पा चुकी हैं।
अंतर राष्ट्रीय स्तर- 9 मेडल
राष्ट्रीय स्तर - 13 मेडल
स्टेट स्तर - 17 मेडल
अवार्ड
2008: उप्र केसरी अवार्ड
2010: उप्र केसरी अवार्ड
2012: अवध सम्मान
2015-16: लक्ष्मीबाई अवार्ड
2015: भारत केसरी