अमर उजाला अपराजिता अभियान: तन-मन को सशक्त बनाएं, अपराजिता बन जाएं
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बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनमें आत्मविश्वास जगाने के लिए आयोजित प्रशासन के बालिका सुरक्षा जागरुकता एवं अमर उजाला के अपराजिता अभियान के संयुक्त कार्यक्रम में छात्राओं को सुरक्षित रहने के गुर सिखाए गए। कार्यक्रम में शामिल छात्राएं उत्साहित नजर आईं और उन्होंने सवाल पूछकर अपनी शंकाएं दूर कीं।
सहारनपुर में चकराता मार्ग स्थित राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में मंगलवार को प्रशासन और अमर उजाला की ओर से संयुक्त कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रधानाचार्य शोभा चौधरी ने कहा कि आत्मविश्वास के बल पर ही बालिकाएं विपरीत परिस्थितियों का डटकर मुकाबला कर सकती हैं। यह उम्र बालिकाओं के पढ़ने लिखने की है। इसलिए किसी के झांसे में आने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि बैड टच और गुड टच की नौबत तो बहुत बाद में आती है। अगर किसी लड़की के साथ कोई व्यक्ति छेड़छाड़ कर रहा तो पहली बार में उसका जोरदार विरोध करना चाहिए। ऐसा करने से छेड़छाड़ करने वाले व्यक्ति का हौसला तुरंत टूट जाएगा। अगर हम इस तरह की घटना को छुपाएंगे तो वह एक दिन बड़ी समस्या बन जाएगी। ईश्वर ने महिलाओं को ऐसी शक्ति दी है, जिसके माध्यम से वह सामने वाले व्यक्ति को देखकर ही पहचान जाती हैं कि वह व्यक्ति किस नजर से उन्हें देख रहा है।
उन्होंने कहा कि बालिकाओं को अपना चरित्र पवित्र रखना होगा। क्योंकि, चरित्र विहीन व्यक्ति की समाज में कोई इज्जत नहीं होती है। चरित्र जितना अच्छा होगा, उतना ही अच्छा जीवन बनेगा। पुलिस-प्रशासन और शासन की ओर से तमाम हेल्पलाइन महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा के लिए चलाई गई हैं। विपरीत परिस्थितियों में कोई भी बालिका, युवती और महिला इनका इस्तेमाल कर सकती हैं। महिला एवं बाल कल्याण विभाग से रूपा हरित ने बालिकाओं को सवालों का जवाब देते हुए उन्हें आत्मनिर्भर रहने के गुर दिए। उन्होंने कहा कि परिस्थिति कुछ भी हो, हमें अपने अंदर के आत्मविश्वास को नहीं खोना है। मुसीबत में डटकर मुकाबला करना चाहिए। लड़कियां किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं। जरूरत है कि वह अपनी शक्ति को पहचानें और छेड़छाड़ जैसी घटनाओं में बिना घबराए सामने वाले व्यक्ति का डटकर मुकाबला करें। उन्होंने बालिकाओं के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।
वहीं महिला थाने की एसआई और एंटी रोमियो स्क्वॉड कोतवाली सदर बाजार की प्रभारी सावित्री ने हेल्पलाइन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बालिकाएं और महिलाएं विकट परिस्थितियों में 181 महिला हेल्पलाइन, डायल 100, 1090, 1098 टोल फ्री नंबर पर कॉल कर सकती हैं। पुलिस और प्रशासन हर समय मदद के लिए तैयार है, लेकिन छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को रोकने के लिए हमें खुद भी जागरूक होना होगा। उन्होंने बालिकाओं से कहा कि अगर वह कहीं अकेली जाती हैं तो जिस वाहन में सफर कर रही है, उसका रजिस्ट्रेशन नंबर जरूर नोट करें और व्हाट्सएप एवं गूगल मैप के माध्यम से नंबर एवं लाइव लोकेशन अपने अभिभावकों को जरूर भेजें। इसके साथ ही मुसीबत में हेल्पलाइन नंबर को जरूर डायल करें। इसके पश्चात छात्राओं को पढ़ने-लिखने और अच्छे से कार्य करने की शपथ दिलाई गई। इस दौरान शिक्षिका रेखा शर्मा, चंचल गर्ग, मीनाक्षी, अलका रानी, मीनाक्षी सैनी, रचना सैनी, सुमन रानी, स्नेह चोपड़ा, अलका अग्रवाल, प्रीति, मृदुला सिंह, आशु सिंह, सोनिया, अनीता सिंह, कल्पना सिंह सहित छात्राएं मौजूद रही।
स्वास्थ्य शिविर में की छात्राओं की जांच
कार्यक्रम में छात्राओं की जांच के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाया गया, जिसमें स्वास्थ्य विभाग से स्टाफ नर्स स्वाति त्यागी ने ब्लड प्रेशर, वजन और हीमोग्लोबिन की जांच की। स्वाति त्यागी ने बताया कि ज्यादातर छात्राओं को हीमोग्लोबिन कम पाया गया है। इसके लिए उन्हें उचित खानपान और दवाएं लेने की सलाह दी गई।
इन बातों पर अमल करने की दी सलाह
-- हमेशा मोबाइल फोन को चार्ज रखें।
-- जिस वाहन में अकेले सफर कर रहीं हो उसका नंबर नोट कर अपने परिजनों को भेजें।
-- गूगल मैप और व्हाट्सएप के जरिए अपनी लोकेशन अभिभावकों को बताएं।
-- किसी पर आंख बंद करके विश्वास न करें।
-- घबराएं नहीं और किसी के झांसे में न आएं।
-- मुसीबत में होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर डायल करें।
ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ता है। इस कार्यक्रम के माध्यम से बहुत महत्वपूर्ण जानकारियां मिली है। हमें पता लगा है कि पुलिस-प्रशासन और शासन विकट परिस्थिति में हमारी कैसे मदद कर सकता है। -उजाला सिद्दीकी, कक्षा 11 की छात्रा, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज
पढ़ने लिखने के साथ ही अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना हर बालिका का कर्तव्य है, लेकिन जानकारी के अभाव में बालिकाएं पीछे रह जाती है। ऐसे कार्यक्रम के जरिए उन्हें आत्म निर्भर बनने में मदद मिलती है। -मुस्कान, कक्षा 12 की छात्रा, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज
समाज में छेड़छाड़ जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ रहीं हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से हमें पता चला है कि किस तरह इन घटनाओं का विरोध करके बचा जा सकता है। कार्यक्रम में मिली जानकारियों से सभी छात्राओं का हौसला बढ़ा है। -हुमैरा, कक्षा 12 की छात्रा, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज
समय-समय पर इस तरह की जानकारियां मिलती रहनी चाहिए। ताकि हर लड़की को पता लग सके कि वह विपरीत परिस्थितियों में अपने को कैसे सुरक्षित रख सकती है। इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए वह प्रशासन और अमर उजाला का धन्यवाद करती हैं। -रूहीना, कक्षा 11 की छात्रा, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज
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