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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   ANTF team is preparing a list of drug smugglers, Ganja, Charas, Heroin is coming from Nepal, Assam and Delhi

बड़ी तैयारी में एएनटीएफ: निशाने पर 300 से अधिक नशा तस्कर, नेपाल-असम से गांजा तो दिल्ली से आ रही चरस-हेरोइन

Fri, 28 Apr 2023 04:05 PM IST
कपिल kapil विनीत तोमर, अमर उजाला, मेरठ
विनीत तोमर, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Fri, 28 Apr 2023 04:05 PM IST
सार

Meerut News : एएनटीएफ के निशाने पर 300 से अधिक नशा तस्कर हैं। इन सभी की सूची तैयार की जा रही है। बताया गया कि इनके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई होगी।

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ANTF team is preparing a list of drug smugglers, Ganja, Charas, Heroin is coming from Nepal, Assam and Delhi
नशा तस्कर। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पश्चिमी यूपी में नशे का धंधा करने वाले सात जिलों के 300 से अधिक नशा तस्कर एएनटीएफ (एंटी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स) के निशाने पर है। एएनटीएफ की टीम मेरठ के अलावा सहारनपुर, शामली, बागपत, मुजफ्फरनगर, बिजनौर और बुलंदशहर जिलों के ऐसे नशा तस्करों की सूची तैयार कर रही है जो एक से ज्यादा बार गिरफ्तार हो चुके हैं। 

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बड़े तस्करों से पूछताछ की जाएगी कि वह पहली बार कब गिरफ्तार हुए थे, कहां से नशा लेकर आते थे और किसे सप्लाई करते थे या कर रहे हैं। इस सूची के बाद एएनटीएफ के पास हर जिले के नशा तस्कर का रिकॉर्ड होगा। नशा तस्करी का कोई भी मामला सामने आते ही सबसे पहले उसी तस्कर को जांच में शामिल किया जाएगा। सूची में शामिल होने वाले बड़े नशा तस्करों पर गैंगस्टर की कार्रवाई भी कराई जाएगी।
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नेपाल और असम से आ रहा गांजा, दिल्ली से चरस, हेरोइन
एएनटीएफ की छानबीन के अनुसार, पश्चिमी यूपी समेत गांजे की सप्लाई अधिकतर नेपाल, बिहार और असम से हो रही है। वहां से गांजे की बड़ी खेप लाई जाती है, जिसके बाद इधर-उधर सप्लाई की जाती है। हाल ही में एएनटीएफ ने 7.67 क्विंटल गांजा भी पकड़ा था, जो नेपाल से आया था, जिसकी कीमत करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये थी। इसके अलावा दिल्ली के पश्चिम विहार एरिया से हेरोइन और चरस की सप्लाई होती है। ऐसे में अब नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए वहां की स्थानीय पुलिस से भी सहयोग मांगा जाएगा।
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कोड वर्ड में घास मतलब गांजा
नशे का धंधा करने वाले ज्यादातर व्हाट्सएप कॉल करते हैं और पुलिस से बचने के लिए कोड वर्ड इस्तेमाल कर रहे हैं। पता चला है कि किसी को गांजा मंगवाना है तो वह फोन पर गांजे की बजाय घास बोलता है। इसके अलावा स्मैक के लिए सुगंधित धूप और चरस के लिए धुम्मा कोड वर्ड बनाया गया है। हालांकि समय-समय पर नशा तस्कर कोड वर्ड बदलते रहते हैं।

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नशे के धंधे को खत्म करने के लिए यह अभियान शुरू किया गया है। नशा तस्करों की सूची तैयारी की जा रही है, जिससे उन पर पूरी निगरानी रखी जा सके और जरूरत पड़ने पर उनके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई कराई जाए। - राजेश कुमार, पुलिस उपाधीक्षक एएनटीएफ (मेरठ-सहारनपुर जोन)

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