फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Another henchman trapped in cage of forest department in Bijnor

Bijnor: वन विभाग के पिंजड़े में फंसा एक और गुलदार, भीड़ को देख लगा रहा था दहाड़, कई माह से दहशत में थे लोग

Sun, 13 Aug 2023 10:36 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर
अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 13 Aug 2023 10:36 AM IST
सार

ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में पिछले कई माह से गुलदार का आतंक था। गुलदार अब तक कई निराश्रित गोवंश पशुओं को निवाला बना चुका है। गांव के लोग एकत्र होकर खेती बाड़ी का काम करने के लिए मजबूर हो रहे थे। 
 

विज्ञापन
Another henchman trapped in cage of forest department in Bijnor
पिंजड़े में कैद गुलदार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिजनौर के नगीना सामाजिक वानिकी विभाग इलाके के शेरकोट थाने के गांव आराजी कांधला में रविवार सुबह एक मादा गुलदार वन विभाग की ओर से लगे पिंजड़े में कैद हो गई। गुलदार की आयु लगभग 5-6 साल की बताई गई है। रविवार जैसे ही ग्राम वासियों को गुलदार के पिंजड़े में कैद होने का पता लगा तो वह लाठी-डंडे लेकर घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। 
विज्ञापन


वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और गुलदार को पिंजड़े सहित अपने साथ ले गए। वन दरोगा सुनील राजोरा ने बताया कि गुलदार को कहां छोड़ा जाएगा यह अभी नहीं बताया जा सकता, जैसे ही उच्च अधिकारी बताएंगे कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


आराजी कंधला के ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में पिछले कई माह से गुलदार का आतंक था। गुलदार अब तक कई निराश्रित गोवंश पशुओं को निवाला बना चुका है। गांव के लोग एकत्र होकर खेती बाड़ी का काम करने के लिए मजबूर हो रहे थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


 वन विभाग के अधिकारियों से कई बार कहने के बाद गांव में पिंजड़ा लगाया गया। वन विभाग ने शुक्रवार को गांव के राम अवतार के खेत के पास रास्ते के किनारे पिंजड़ा लगाया था। पिंजड़े में एक काले कुत्ते को बांधा था। जिससे गुलदार कुत्ते के लालच में पिंजड़े में कैद हो जाए। 

बताया गया कि रविवार सुबह जब गांव के लोग शौच के लिए जंगल जा रहे थे। तब उन्हें पिंजड़े में जोर के खटका होने की आवाज सुनाई दी। पिजड़े में गुलदार के फंसने की खबर मिलते ही गांव के लोग लाठी डंडे लेकर घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। देखते ही देखते लोगों की भीड़ जमा हो गई। 

 

भीड़ को देख गुलदार दहाड़ लगा रहा था। बड़ी बात यह है कि गुलदार ने पिंजड़े में कैद होने के बाद भी कुत्ते को निवाला नहीं बनाया। कुत्ता भी पिंजरे में सही सलामत रहा। बाद में वन विभाग के अधिकारियों ने कुत्ते को पिंजड़े से भगा दिया। गुलदार को पिंजरे समेत अपने साथ ले गए।

जाको राखे  साइयां, मार सके ना कोई
वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों के सहयोग से गुलदार को पिंजड़े में बंद करने के लिए एक काले कुत्ते को बांधा था। गुलदार कुत्ते के लालच में आकर पिंजड़े में कैद तो हो गया लेकिन कुत्ते पर हमला कर उसे मौत के घाट नहीं उतरा। कुत्ता पिंजड़े में एक कोने में सुरक्षित खड़ा रहा। लोगों का कहना था कि जिसको राखे साइयां भैया मार सके ना कोई कहावत चरितार्थ हुई। गुलदार को अपनी जान बचाने भारी पड़ी। इसलिए गुलदार ने कुत्ते को निवाला नहीं बनाया।

मादा गुलदार को दो शावकों के साथ फिर देखा - ग्रामीण
गांव वालों का कहना है कि क्षेत्र में केवल एक ही गुलदार नहीं है, बल्कि रविवार सवेरे माता गुलदार दो शावकों के बाद क्षेत्र में विचरण करती हुई देखी गई। वन विभाग के अफसरों से मादा गुलदार को शावकों सहित पकड़ने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed