'खबर खजाना' की विजेता बनीं मेरठ की अनीता चौधरी, 33 साल से हैं अमर उजाला की नियमित पाठक
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मेरठ के रोहटा थाना क्षेत्र निवासी अनीता चौधरी ने बताया कि वह अपने पिता के साथ रहती थीं तभी से अमर उजाला की नियमित पाठक हैं। घर में कुछ समय के लिए अन्य अखबार भी लिए लेकिन वे हमें पसंद नहीं आए और लगा कि हमें तो अमर उजाला ही चाहिए।
तब से फिर अमर उजाला लेना शुरू किया और आज तक इसे ही ले रहीं हैं। क्योंकि इसमें कुछ बातें ऐसी होती हैं जो मुझे पसंद आती हैं जैसे कि जॉब अलर्ट है, रुपायन, उड़ान और बहुत से कॉलम हमें बहुत पसंद हैं।
खबर खजाना के बारे में कैसे मालूम चला? इसके जवाब में उन्होंने बताया कि मैंने अखबार पढ़ते समय देखा कि ऐसा प्रतियोगिता है और इसमें कोई भी प्रतिभागिता कर सकता है। मैनें ध्यान से पढ़ने के बाद सवालों के उत्तर दिए। मुझे ऐसी प्रतियोगिताओं का काफी शौक है क्योंकि पहले भी कई खेलो-जीतो प्रतियोगिताओं मे हिस्सा ले चुकी हूं और कई बार जीत भी चुकी हूं।
वह बताती हैं कि वह अपसेट हो गईं थी कि सवालों के उत्तर देने पर भी उनका नाम ही नहीं आ रहा है। शनिवार को अचानक उन्हें फोन कॉल आया कि वह सोने का सिक्का जीती हैं। इस पर उन्हें लगा कि कहीं फेक कॉल तो नहीं है, तब उनकी बेटी दृष्टि उन्हें लेकर अमर उजाला कार्यालय पहुंचीं जहां उन्हें यकीन हो गया कि वह इस प्रतियोगिता की सही में विजेता बनीं हैं। यहां उन्हें 'सोने का सिक्का' प्रदान किया गया।
उनकी बेटी दृष्टि को जहां कॅरियर से जुड़ी जानकारी अच्छी लगती है। वहीं उनके बेटे दृश्य ने बताया कि उन्हें अमर उजाला में क्रिकेट की खबरें और अन्य स्पोर्टस की खबरें पढ़ना उन्हें बेहद पसंद हैं।
उन्होंने बताया कि जागृति विहार में अमर उजाला द्वारा आयोजित किए गए एक कार्यक्रम में भी वह हिस्सा ले चुके हैं। आप भी बन सकते हैं 'खबर खजाना' के अगले विजेता इसलिए बने रहिए हमारे साथ और पढ़ते रहिए अमर उजाला।