{"_id":"6932cc0b335245ae340fb694","slug":"ananya-first-in-review-of-munshi-premchands-novel-gaban-meerut-news-c-40-1-smrt1041-110924-2025-12-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: मुंशी प्रेमचंद के उपन्यास गबन की समीक्षा में अनन्या प्रथम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: मुंशी प्रेमचंद के उपन्यास गबन की समीक्षा में अनन्या प्रथम
विज्ञापन
कृषक इंटर कॉलेज में पुस्तक समीक्षा समारोह में स्थान प्राप्त करने वाली छात्राएं। (स्त्रोत स्कूल)
संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। कृषक इंटर कॉलेज में हिंदी विषय पर आधारित पुस्तक समीक्षा समारोह का आयोजन हुआ। प्रधानाचार्य देवेंद्र कुमार के निर्देशन में शिक्षक एवं लेखक डाॅ. सुशील कुमार ने विद्यार्थियों के लिए मुंशी प्रेमचंद, धर्मवीर भारती, जयशंकर प्रसाद, भारतेंदु हरिश्चंद्र आदि की रचनाओं पर आधारित पुस्तक समीक्षा समारोह का आयोजन किया।
विद्यार्थियों ने हिंदी साहित्यकारों की कहानियों, उपन्यासों, काव्य-संग्रहों और निबंध-संग्रहों पर आधारित विस्तृत एवं सारगर्भित समीक्षाएं प्रस्तुत कीं। प्रधानाचार्य देवेंद्र कुमार ने कहा कि पुस्तकें मनुष्य के बौद्धिक व नैतिक विकास की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। कार्यक्रम में प्रथम स्थान अनन्या को मुंशी प्रेमचंद के उपन्यास गबन की समीक्षा के लिए, द्वितीय स्थान निधि वर्मा को धर्मवीर भारती के उपन्यास सूरज का सातवां घोड़ा एवं तृतीय स्थान अवनी एवं साक्षी को जयशंकर प्रसाद के उपन्यास कंकाल की समीक्षा के लिए प्रदान किया गया।
संचालन करते हुए डॉ. सुशील कुमार ने कहा कि पुस्तकें मनुष्य के व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला होती हैं। पुस्तक समीक्षा जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को बेहतर पाठक एवं विचारक बनाते हैं। निर्णायक मंडल में शिक्षक विनोद कुमार, मोहित शर्मा, शिवम त्यागी, डॉ. केशव कुमार रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मवाना। कृषक इंटर कॉलेज में हिंदी विषय पर आधारित पुस्तक समीक्षा समारोह का आयोजन हुआ। प्रधानाचार्य देवेंद्र कुमार के निर्देशन में शिक्षक एवं लेखक डाॅ. सुशील कुमार ने विद्यार्थियों के लिए मुंशी प्रेमचंद, धर्मवीर भारती, जयशंकर प्रसाद, भारतेंदु हरिश्चंद्र आदि की रचनाओं पर आधारित पुस्तक समीक्षा समारोह का आयोजन किया।
विद्यार्थियों ने हिंदी साहित्यकारों की कहानियों, उपन्यासों, काव्य-संग्रहों और निबंध-संग्रहों पर आधारित विस्तृत एवं सारगर्भित समीक्षाएं प्रस्तुत कीं। प्रधानाचार्य देवेंद्र कुमार ने कहा कि पुस्तकें मनुष्य के बौद्धिक व नैतिक विकास की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। कार्यक्रम में प्रथम स्थान अनन्या को मुंशी प्रेमचंद के उपन्यास गबन की समीक्षा के लिए, द्वितीय स्थान निधि वर्मा को धर्मवीर भारती के उपन्यास सूरज का सातवां घोड़ा एवं तृतीय स्थान अवनी एवं साक्षी को जयशंकर प्रसाद के उपन्यास कंकाल की समीक्षा के लिए प्रदान किया गया।
विज्ञापन
संचालन करते हुए डॉ. सुशील कुमार ने कहा कि पुस्तकें मनुष्य के व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला होती हैं। पुस्तक समीक्षा जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को बेहतर पाठक एवं विचारक बनाते हैं। निर्णायक मंडल में शिक्षक विनोद कुमार, मोहित शर्मा, शिवम त्यागी, डॉ. केशव कुमार रहे।
विज्ञापन