आनंद हॉस्पिटल के शेयर धारकों ने कराए बयान दर्ज, मानसी की ऑडियो क्लिप सौंपी
- एसपी सिटी को बयान दर्ज कराने के साथ मानसी की ऑडियो क्लिप सौंपी
- हरिओम आनंद की खुदकुशी के पीछे उनके परिवार का आपसी विवाद बताया
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मानसी के द्वारा लगाए आरोपों को आनंद हॉस्पिटल के शेयर धारकों ने बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा है कि हरिओम आनंद की खुदकुशी के पीछे उनके परिवार का आपसी विवाद है। उन्होंने एसपी सिटी ऑफिस पहुंचकर अपने बयान दर्ज कराए। मानसी की दो ऑडियो क्लिप भी एसपी सिटी को सौंपी हैं।
आनंद हॉस्पिटल के मालिक हरिओम आनंद की खुदकुशी के बाद उनकी बेटी मानसी ने सुभारती ट्रस्ट के चेयरमैन अतुल कृष्ण व आनंद हॉस्पिटल के शेयरधारकों जीएस सेठी, ललित भारद्वाज, मुमताज कामरान, राहुल दास, समय सिंह सैनी व आकाश खन्ना पर आरोप लगाकर एसएसपी को शिकायती पत्र दिया था, जिसकी जांच एसपी सिटी कर रहे हैं।
मंगलवार को आनंद हॉस्पिटल के शेयर धारक जीएस सेठी, ललित भारद्वाज, राहुल दास, समय सिंह सैनी और आकाश खन्ना बयान दर्ज कराने एसपी सिटी ऑफिस पहुंचे। शेयरधारकों ने अपने बयानों ने मानसी के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने 27 जून हरिओम आनंद की खुदकुशी वाले दिन मानसी और ललित भारद्वाज के बीच फोन पर बातचीत का ऑडियो एसपी सिटी को सौंपा है।
28 जून को फिर ललित भारद्वाज और मानसी के बीच फोन पर बातचीत हुई, उसका भी ऑडियो एसपी सिटी को दिया गया। कहा कि इन दोनों ऑडियो में मानसी शेयरधारकों को अपने परिवार का सदस्य बता रही है। शेयर धारकों ने दावा किया कि हरिओम आनंद के खुदकुशी करने में उनके परिवार का आपसी विवाद निकलेगा।
मानसी को क्यों नहीं दिया हॉस्पिटल का अधिकार
हरिओम आनंद के साथ उनकी बेटी मानसी आनंद हॉस्पिटल में बैठती थीं। हरिओम ने अपने जीवित रहते हुए बेटी मानसी को हॉस्पिटल का अधिकार क्यों नहीं दिया। आकाश खन्ना को हरिओम आनंद के द्वारा ही डायरेक्टर बनाया गया। ऐसी कई सारी बातें हैं जिसमें हरिओम आनंद अपनी बेटी को हॉस्पिटल से दूर रखते थे।
शेयरधारकों ने यह तमाम बातें कहते हुए एसपी सिटी को हॉस्पिटल से जुड़े कई साक्ष्य भी सौंपे हैं। कहा कि मानसी बार-बार अपने बयान क्यों बदल रही हैं, यह बात जल्द सबके सामने खुल जाएगी। कहा कि हरिओम आनंद ने जीवित रहते हुए हॉस्पिटल में कोई बड़ा अधिकार मानसी को नहीं दिया था। यह बात सब लोग जानते हैं। डॉक्टर्स और शेयरधारक सभी की जानकारी में यह बातें हैं।
मानसी मेरी बेटी जैसी, सलाहकार कर रहे भ्रमित
एसपी सिटी ऑफिस में बयान देने पहुंचे जीएस सेठी ने कहा कि मानसी आनंद मेरी बेटी समान है। हरिओम आनंद को मैंने हमेशा अपना बड़ा भाई माना है। मानसी को गलत सलाह देने वाले बरगला रहे हैं। हरिओम आनंद के सामने और उनकी मौत के दो दिन तक मानसी से कभी कोई मतभेद नहीं हुआ, आज भी नहीं हैं।
गलत सलाह देने वाले ही मानसी को भ्रमित कर रहे हैं। बार-बार उसके बयान बदलवा देते हैं। आनंद हॉस्पिटल में सबसे ज्यादा शेयर जीएस सेठी के हैं, इसकी जानकारी हरिओम आनंद और मानसी समेत उनके पूरे परिवार को हैं। मैंने कभी भी हरिओम आनंद पर कोई भी दबाव नहीं बनाया।
मानसी ने खुद फोन किया, ऑडियो सौंपा है
शेयरधारक ललित भारद्वाज ने बताया कि 27 जून को वह दिल्ली में थे। मानसी का फोन आया था। पिता हरिओम आनंद की मौत का मानसी को जितना दुख था उससे ज्यादा गम मुझे था। हरिओम आनंद मेरे बड़े भाई जैसे थे। जब भी हॉस्पिटल को लेकर बातचीत हुई तो मैं उनको समझाता रहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सब लोग आपस में मिलकर आनंद हॉस्पिटल को चलाएंगे।
करीब 5 मिनट मानसी से बात हुई। अगले दिन मानसी द्वारा दिए गए बयान में मेरा नाम उत्पीड़न में आया। मैंने मानसी को फोन किया। जिसमें मानसी ने साफ इंकार कर दिया कि उसके द्वारा कोई भी गलत बयान नहीं दिया गया। यह दोनों ऑडियो मेरे पास हैं और मैंने एसपी सिटी को दिए हैं।
मानसी या हरिओम आनंद से कभी भी कोई भी दबाव की बात नहीं की गई। सभी कागज लिखा पढ़ी में हैं। मानसी बार-बार फोन पर कह रही थीं कि भैया अब उनका क्या होगा। मैं उसको समझा रहा था कि टेंशन लेने की जरूरत नहीं है मैं तुम्हारे साथ हूं।