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अमित हत्याकांड: 87 तारीखें, 553 दिन का इंतजार..., मां, भाई और सपेरे की गवाही से मिला इंसाफ, कोर्ट में ये कहा

Sat, 17 Oct 2026 07:02 AM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Mohd Mustakim Updated Sat, 17 Oct 2026 07:02 AM IST
सार

Meerut News: मेरठ के बहसूमा क्षेत्र के गांव अकबरपुर सादात में पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप ने अमित कश्यप की गला घोंटकर हत्या कर दी। कोर्ट ने शुक्रवार को रविता और अमरदीप को फांसी की सजा दी। कुल 12 गवाह पेश किए गए। अमित की मां, भाई और सपेरे की गवाही महत्वपूर्ण रही। 

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Amit murder case: 87 hearings, a 553-day wait... Justice served through the testimonies of his mother, brother
अमित की मां और भाई। - फोटो : अमर उजाला
अमित कश्यप हत्याकांड में अदालत द्वारा दोषियों को मृत्युदंड (फांसी) सुनाए जाने के बाद मृतक के परिजनों को आखिरकार सुकून मिला है। 12 अप्रैल 2025 से शुरू होकर शुक्रवार को आए फैसले तक कुल 553 दिन लगे और 87 तारीखों की सुनवाई हुई। विशेष लोक अभियोजक (एडीजीसी) फरजाना मकसूद के नेतृत्व में अभियोजन पक्ष ने अदालत में कुल 12 गवाहों के बयान दर्ज कराए। 

 
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Amit murder case: 87 hearings, a 553-day wait... Justice served through the testimonies of his mother, brother
कचहरी में अमित के परिजन। - फोटो : अमर उजाला
पुलिस द्वारा जुटाए गए अकाट्य वैज्ञानिक साक्ष्यों और गवाहों की अचूक कड़ियों के कारण दोषी पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप को कानून से कोई मदद नहीं मिल सकी। इस पूरे मुकदमे की नींव मुख्य रूप से तीन गवाहियों (अमित की मां, भाई और सपेरा) पर टिकी रही, जिन्हें अदालत ने सबसे अहम माना
 
Amit murder case: 87 hearings, a 553-day wait... Justice served through the testimonies of his mother, brother
रविता, उसका प्रेमी अमरदीप। पति अमित की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
इन तीन प्रमुख गवाहों ने दोषियों को पहुंचाया फांसी के फंदे तक

मां मुनेश देवी और भाई मोनू

दोनों इस केस के मुख्य गवाह रहे। इन्होंने अदालत के सामने गवाही दी कि हत्या वाली रात उन्होंने अमरदीप को अपने घर में प्रवेश करते हुए देखा था। एडीजीसी ने कोर्ट में दलील दी कि वारदात से कुछ समय पहले मां मुनेश देवी ने ही रविता और अमरदीप को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा था जिसके बाद से अमित दोनों के अवैध संबंधों का कड़ा विरोध करने लगा था।

सपेरा कीर्तन (सपेरा)
सपेरे कीर्तन ने अदालत में मुख्य आरोपी अमरदीप की सीधे पहचान की। उसने बताया कि अमरदीप ने माता के जागरण में पूजा का बहाना बनाकर उससे 1,000 रुपये में सांप खरीदा था।
 
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Amit murder case: 87 hearings, a 553-day wait... Justice served through the testimonies of his mother, brother
कचहरी में रही वकीलों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला
रविता ने हाथ पकड़े, अमरदीप ने घोंटा गला
पुलिस द्वारा कोर्ट में दाखिल आरोप पत्र (चार्जशीट) के अनुसार, हत्या की रात बेहद खौफनाक थी। जब अमित गहरी नींद में थे, तब रविता ने अमित के हाथ कसकर पकड़ लिए थे और प्रेमी अमरदीप ने उनका गला, नाक व मुंह दबाकर मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद साक्ष्य छिपाने और हत्या को सांप से डंसने की दुर्घटना साबित करने के लिए उन्होंने शव के पास चारपाई पर सांप छोड़ दिया था।
 
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अमित की मां मुनेश देवी। - फोटो : अमर उजाला
86 दिन में 703 बार बातचीत: सीडीआर रिपोर्ट ने खोली पोल
टेलीकॉम कंपनियों के नोडल अधिकारियों के बयान और कोर्ट में पेश की गई कॉल डिटेल रिकॉर्ड से दोनों के प्रेम-प्रसंग की पूरी तरह पुष्टि हो गई। 18 जनवरी 2025 से 13 अप्रैल 2025 तक (86 दिनों में) रविता और अमरदीप के बीच कुल 703 बार फोन पर बातचीत हुई थी। रविता ने कोर्ट में खुद को बचाने के लिए यह झूठा दावा किया कि जिस मोबाइल से बातचीत हुई थी, उसे उसका पति अमित इस्तेमाल करता था लेकिन अदालत ने इस बेतुकी दलील को सिरे से खारिज कर दिया।
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