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यूपी: अगर पानी नहीं बचाया तो होगी बड़ी परेशानी, ये रहे पांच जिलों के ब्लाकवार आंकड़े

Mon, 07 Jun 2021 02:13 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दीपक भारद्वाज, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दीपक भारद्वाज, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Mon, 07 Jun 2021 02:13 PM IST
सार

यूपी के इन पांच जिलों में जन संरक्षण की समस्या बड़ी होती जा रही है। अगर यहां पानी नहीं बचाया गया तो आने वाले समय में बड़ी मुश्किल हो सकती है। 

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Amar Ujala Special Report: There is a big problem of water conservation in five districts of UP including Meerut
जल संरक्षण - फोटो : अमर उजाला, फाइल फोटो

विस्तार

जल संरक्षण की समस्या देशभर में विकराल होती जा रही है। कहा जा रहा है कि अगर जनजागरण सहित उपाय समय पर नहीं किए गए तो पेयजल के साथ ही सिंचाई साधनों के हालात नियंत्रण से बाहर हो सकते हैं। इसके लिए केंद्र ने अलग से जल शक्ति मंत्रालय बनाया है। प्रदेश में भी जल शक्ति मिशन चलाए जाने की बात हो रही है लेकिन, अभी तक इसके लिए बनाई गई योजनाओं के नतीजे धरातल पर नहीं पहुंचे हैं।

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यही कारण है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश  के पांच जिलों मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, शामली और सहारनपुर में भूगर्भ जलस्तर के हालात बेकाबू हो गए हैं। अब इन पांच जिलों के जिलाधिकारियों सहित अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ सोमवार को वेबिनार के माध्यम से एक बार फिर से मंथन होने जा रहा है।
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नमामि गंगे वेबसाइट से मिले आंकड़ों के मुताबिक, पांचों जिलों में वर्ष 2019 के पोस्ट मानूसन के आंकड़े डराने वाले हैं। मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना ब्लाक में भूगर्भ जलस्तर में 30 मीटर तक की गिरावट आई है। इसी के मद्देनजर मानसून से पहले जिलों को अलर्ट कर दिया गया है, ताकि जल संरक्षण के लिए जल्द से जल्द तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा सके।
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भूगर्भ जलस्तर के ब्लाकवार आंकड़े

बागपत जिला 
बागपत (16.46 मीटर) बड़ौत (20.14 मीटर) बिनौली (28.26 मीटर), छपरौली (14.94 मीटर) खेकड़ा (21.80 मीटर) और पिलाना (20.94 मीटर)

मुजफ्फरनगर जिला
बगरा (14.60 मीटर), बुढ़ाना (30.94 मीटर), चरथावल (5.37 मीटर) , जानसठ (8.09 मीटर), खतौली (6.99 मीटर), मोरना (11.30 मीटर), मुजफ्फरनगर (11.79 मीटर, पुरकाजी (7.08 मीटर) और शाहपुर (19.56)

शामली जिला
कैराना (24.86 मीटर), कांधला (25.00 मीटर), शामली (26.33 मीटर) और थानाभवन (12.10 मीटर)

सहारनपुर जिला
बलियाखेड़ी (10.33 मीटर), देवबंद (7.24 मीटर), गंगोह (16.49 मीटर), मुजफ्फराबाद (8.22 मीटर), नांगल (12.04 मीटर), नकुड़ (13.25 मीटर), नानौता (5.88 मीटर), रामपुर (6.97 मीटर), सढ़ौली कदीम (6.32 मीटर) और सरसावा (6.88 मीटर)

मेरठ जिला
खरखौदा (16.58 मीटर), रजपुरा (15.85 मीटर), माछरा (14.68 मीटर), मेरठ (13.95 मीटर), रोहटा (11.57 मीटर), सरुरपुर (12.08 मीटर), परीक्षितगढ़ (11.81 मीटर), सरधना (8.67 मीटर), मवाना कलां (10.37 मीटर), जानी (10.30 मीटर), दौराला (9.68 मीटर) और हस्तिनापुर (11.41 मीटर)
(नोट: मेरठ जिले के आंकड़े 2020 तक के और बाकी जिलों के आंकड़े 2019 तक के हैं।) 

आगे की योजना पर तीन घंटे की चर्चा होगी
मानसून से पहले की जाने वाली तैयारियों के लिए जिलाधिकारियों को वेबिनार में शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं। वेबिनार के माध्यम से अभी तक किए गए कार्यों का विवरण सहित आगे की योजना पर तीन घंटे तक चर्चा होगी। - राजेश कुमार पांडेय, विशेष सचिव, लघु सिंचाई विभाग

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