स्टडी रिपोर्ट में खुलासा: कोरोना मरीजों की जिंदगी और मौत के बीच शुरुआती 48 घंटे अहम, पढ़िए खास रिपोर्ट
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उत्तर प्रदेश के मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती होने वाले कोरोना मरीजों की जिंदगी और मौत के बीच शुरुआती 48 घंटे सबसे ज्यादा अहम हैं। मेडिकल में करीब 62 प्रतिशत कोरोना मरीजों की मौत इसी दौरान हुई है। मेडिकल में अब तक कोरोना से मरने वाले 127 मरीजों पर की गई स्टडी में यह खुलासा हुआ है। यह स्टडी रिपोर्ट शासन को भी भेजी गई है।
25 मार्च से 30 जून तक मेडिकल कॉलेज में कोरोना के 565 मरीज भर्ती हुए थे। इनमें से 287 की छुट्टी हो चुकी है। 14 मरीजों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया, जबकि 127 की मौत हो गई। 90 मरीज अभी भर्ती हैं। इनमें 78 लोगों की मौत भर्ती होने के 48 घंटे के भीतर हुई है। माना गया है कि अधिकांश मरीज बेहद गंभीर हालत में मेडिकल लाए गए। अगर बीमारी की शुरुआत में ही उन्हें इलाज मिल जाए तो उनके बचने की उम्मीद ज्यादा है। हालांकि यहां यह भी सवाल उठता है कि मेडिकल में भर्ती मरीज को तुरंत बेहतर उपचार मिलता है या नहीं, क्योंकि यहां इलाज में लापरवाही के आरोप लगते रहे हैं।
वहीं जिन लोगों ने कोरोना को हराया है, उनमें 133 मरीजों की उम्र 50 साल से ज्यादा है। इनमें 50 से 59 साल के 67 लोग हैं। 60 से 69 साल के 44 और 69 से ज्यादा उम्र के 22 लोग हैं।
मेडिकल में हुई कोविड मरीजों की मृत्यु और भर्ती कराने का समय
मृत अवस्था में लाए गए 08
भर्ती के 12 घंटे के भीतर 28
भर्ती के 12-24 घंटे के भीतर 15
भर्ती के 24-48 घंटे के भीतर 35
भर्ती के 3-7 दिन के भीतर 33
भर्ती के सात दिन के बाद 08
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मृतकों की उम्र
20 साल से कम 04
20-40 साल 19
41-50 साल 22
51-60 साल 47
61-70 साल 20
71-100 साल 15
किस जिले में कितनी मौत
जिला मौत
मेरठ 51
गाजियाबाद 29
हापुड़ 12
बुलंदशहर 07
मुजफ्फरनगर 06
बागपत 04
शामली 04
बिजनौर 03
नोएडा 03
(इनके अलावा बाकी मौतें सम्भल, अमरोहा, मुरादाबाद, आगरा आदि जिलों की हैं।)
अधिकतर मरीज गंभीर आए हैं
मेडिकल कॉलेज में अधिकांश मरीज गंभीर हालत में आए हैं। ज्यादातर की उम्र 50 साल से ज्यादा थी। उन्हें कोरोना के अलावा दिल, गुर्दे, फेफड़े, उच्च रक्तचाप, कैंसर या टीबी आदि बीमारियां भी थीं। - डॉ. टीवीएस आर्य, नोडल अधिकारी, मेडिकल कॉलेज, कोविड अस्पताल
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