अमर उजाला की खास रिपोर्ट: इस जिले में 99 हजार मतदाता डुप्लीकेट, ऐसे हुआ खुलासा
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मेरठ में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के साथ ही निर्वाचन आयोग ने सॉफ्टवेयर के माध्यम से मतदाता फोटो पहचान पत्रों की जांच कराई है। जिसमें जनपद में करीब 99 हजार मतदाता ऐसे मिले हैं, जिनके नाम एक जगह से ज्यादा स्थान पर हैं। ऐसे मतदाताओं को चिह्नित कर अब डोर-टू-डोर जाकर उनका सत्यापन करते हुए सूची से नाम बाहर करने का अभियान चलाया जा रहा है।
जनपद में सात विधानसभा क्षेत्र हैं। निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव 2019 से पहले त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार करने के लिए अभियान चलाया हुआ है। इसमें एक तरफ जहां बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन कर रहे हैं, तो निर्वाचन आयोग ने सॉफ्टवेयर के माध्यम से मतदाता सूची के नाम, फोटो आदि का मिलान कराया है।
इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से प्राप्त रिपोर्ट में जनपद का आंकड़ा चौंकाने वाला है। जिले में करीब 20 लाख मतदाता हैं, जिनमें करीब 98937 मतदाता ऐसे पकड़ में आए हैं, जिनकी वोट एक से अधिक स्थानों पर बनी हुई है। इन सभी मतदाताओं के फोटो एक ही पाए गए हैं।
निर्वाचन आयोग से जारी आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा डुप्लीकेट मतदाता सरधना विधानसभा क्षेत्र में 70848 मिले हैं। जबकि सिवालखास में 8826, हस्तिनापुर में 4689, किठौर में 4675, मेरठ कैंट में 4419, मेरठ शहर में 2034 और मेरठ दक्षिण में 3446 मतदाता ऐसे मिले हैं, जिनकी वोट दो या अधिक स्थानों पर बनी हैं।
जिला निर्वाचन कार्यालय सूत्रों के अनुसार इनमें बड़ी संख्या में तो ऐसे भी मतदाता मिले हैं, जिनकी वोट गैर जनपदों तक में है। जबकि एक विधानसभा से दूसरी विधानसभा में तो बड़ी संख्या में वोट हैं। कुछ मतदाता ऐसे भी हैं जिनकी वोट एक ही विधानसभा में दो-दो जगह बनी हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी अनिल ढींगरा के अनुसार मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के तहत पूरी गंभीरता से काम हो रहा है। डुप्लीकेट वालों के नाम हटाए जा रहे हैं।
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