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अमर उजाला पड़ताल : 50 प्रतिशत सहकारी समितियों पर डीएपी नहीं तो कहीं यूरिया गुम

Sat, 07 Jun 2025 02:17 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 07 Jun 2025 02:17 AM IST
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Amar Ujala investigation: 50% of cooperative societies do not have DAP or somewhere urea is missing
सहकारी समिति परीक्षितगढ़
मेरठ। डीएम साहब, जिले की 50 प्रतिशत सहकारी समितियों से जुड़े किसानों को डीएपी ही नहीं बल्कि यूरिया भी नहीं मिल रहा है। इस समय किसानों को गन्ने और सब्जी व अन्य फसलों में यूरिया की जरूरत है। अगर समय पर फसलों को खाद नहीं मिल पाया तो उत्पादन गिर जाएगा। किसानों की इस समस्या की सच्चाई जानने के लिए अमर उजाला की टीम ने शुक्रवार को जिले भर में सहकारी समितियों पर पहुंचकर खाद की स्थिति जानी। सहकारी समितियों के खाली पड़े गोदाम और समिति सचिव खुद ही खाद की उपलब्धता की सच्चाई बयां करते नजर आए।
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सहकारी समिति पांचली खुर्द :
चार दिनों से डीएपी और यूरिया नहीं है। किसान परेशान हैं। समिति सचिव गजेंद्र सिंह ने बताया कि खाद की आपूर्ति के लिए चेक लगाया है। खाद शीघ्र मिलने की उम्मीद है। उपलब्धता होते ही किसानों का इसका वितरण किया जाएगा।
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सहकारी समिति धोलड़ी :
तीन दिन से यूरिया नहीं है। सचिव शिवकुमार की मानें तो खाद की डिमांड भेजी गई है, ईद के बाद मिलेगी। किसान खाद के लिए भटक रहे हैं। उन्हें किसी तरह समझाकर भेजा जा रहा है।
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हस्तिनापुर क्षेत्र :
सहकारी समिति रानी नंगला, गणेशपुर, रठोरा खुर्द पर 15 दिन से न डीएपी है और न यूरिया। एडीओ सहकारिता देवेंद्र चौहान का कहना है कि फिलहाल जिले के लिए खाद की कोई रैक नहीं है। खाद आते ही किसानों को इसका वितरण किया जाएगा।

सहकारी समिति दतावली :
समिति पर न यूरिया है और न एनपीके। सचिव बिजेंद्र तोमर ने बताया कि समिति पर 350 बोरे डीएपी है। नंगलाशाहू सहकारी समिति के सचिव रविंद्र यादव का कहना है कि समिति पर एनपीके नहीं है, यूरिया और डीएपी है।

बहुउददेशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति सरधना :
इस समिति पर भी यूरिया नहीं है। सचिव मशरूर खान का कहना है कि डीएपी की कोई कमी नहीं है। सहकारी समिति महादेव में यूरिया नहीं है। सचिव राजकुमार ने बताया कि खपत के अनुसार खाद की डिमांड भेजी गई है।

किसान सेवा सहकारी समिति सिसौली :
ब्लॉक के रजपुरा में डीएपी तो मिली, लेकिन यूरिया नहीं है। सचिव विजेंद्र तोमर का कहना है कि यूरिया की आपूर्ति के लिए चेक लगाया हुआ है। शीघ्र ही आपूर्ति होने की उम्मीद है। रेक आते ही किसानों को वितरण किया जाएगा।

रोहटा क्षेत्र :
सहकारी समिति रासना, अरनावली, रोहटा, कल्याणपुर, कैथवाड़ी आदि पर पांच दिन से यूरिया नहीं है। समिति सचिव केपी सिंह ने बताया कि समितियों पर केवल डीएपी है, यूरिया एक सप्ताह से खत्म है।

बहसूमा क्षेत्र :
महमूदपुर सिखेड़ा सहकारी समिति, मोड़ खुर्द, झुनझुनी व रामपुर घेरिया सहकारी समितियों से यूरिया गायब है। समिति सचिव अवनीश ने बताया कि यूरिया 15 दिन से खत्म है। मोड़ खुर्द समिति सचिव राजेंद्र सिंह ने बताया कि समिति पर एक माह से यूरिया नहीं है।

खरखौदा क्षेत्र :
बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति खरखौदा पश्चिम और कैली समिति पर यूरिया खत्म हो गया है। बाकी डीएपी और एनपीके है। कैली समिति के एमडी जन्म सिंह का कहना है कि यूरिया की दिक्कत चल रही है।

साधन सहकारी समिति परीक्षितगढ़ :
इस समिति पर भी न डीएपी है और न यूरिया। किसान खाद के लिए भटक रहे हैं। समिति सचिव रणधीर ने बताया कि डीएपी और यूरिया की रैक आने वाली है। शीघ्र किसानों को खाद का वितरण किया जाएगा।

मवाना गन्ना समिति :
गोदाम प्रभारी शिशुपाल सिंह ने बताया कि समिति के अंतर्गत 17 गोदाम आते हैं। सभी पर एक सप्ताह से यूरिया नहीं है। उम्मीद है 10 जून तक खाद उपलब्ध हो जाएगा।



आज लगेगी मेरठ-बागपत के लिए 52 हजार बोरे यूरिया की रैक
मेरठ जिला सहायक सहकारी निर्वाचन अधिकारी एवं सहायक आयुक्त सहायक निबंधक सहकारिता दीपक थरेजा का कहना है कि आज मेरठ 2600 मीट्रिक टन यानी 52 हजार बोरे यूरिया खाद पहुंचेगा। जिसमें से 60 प्रतिशत मेरठ जिले को और 40 प्रतिशत यूरिया खाद बागपत भेजा जाएगा। इसके बाद ही खाद की दूसरी रैक भी आएगी।
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