फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Amar Ujala Exclusive: rigged recruitment of financially aided schools

अमर उजाला एक्सक्लूसिव : फर्जी डिग्री से नौकरी, वित्तीय सहायता प्राप्त स्कूलों की नियुक्ति में धांधली

Sun, 11 Apr 2021 06:19 PM IST
Dimple Sirohi आशुतोष भारद्वाज, अमर उजाला, मेरठ
आशुतोष भारद्वाज, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 11 Apr 2021 06:19 PM IST
सार

  • चर्च सिटी जूनियर हाईस्कूल शिक्षा समिति के तीन विद्यालयों की जांच शुरू
  • सदर स्कूल में बीटीसी की फर्जी डिग्री से 28 साल तक की नौकरी
  • प्रिंसिपल और छह शिक्षकों की भर्ती में दो पूर्व बीएसए पर भी आरोप

विज्ञापन
Amar Ujala Exclusive: rigged recruitment of financially aided schools
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : getty

विस्तार

उत्तर प्रदेश के मेरठ में बेसिक शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त चर्च सिटी जूनियर हाईस्कूल शिक्षा समिति से जड़ुे तीन विद्यालयों अंडरकोट, ठठेरवाड़ा और सदर में नियुक्तियों में मनमानी सामने आई है। मामले में पूर्व बीएसए जीवेंद्र सिंह एरी,  सेवानिवृत्त बीएसए मोहम्मद इकबाल और वर्तमान बीएसए सतेंद्र कुमार ढाका के खिलाफ शासन में शिकायत की गई है। मुख्य सचिव के निर्देश पर जिलाधिकारी ने जांच के लिए अपर जिलाधिकारी भूमि अध्यापित की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है।  

विज्ञापन


आरटीआई एक्टिविस्ट शाह आलम ने बताया कि सदर चर्च सिटी जूनियर हाईस्कूल में वर्तमान में प्रबंधक रमेश गिल की पत्नी रोजा गिल ने 1976 में बीटीसी की फर्जी डिग्री प्राप्त कर 1990 से 2018 तक नौकरी की। 2 फरवरी, 2019 से वह पेंशन ले रही हैं। शाह आलम का आरोप है कि फर्जी कागजों के आधार पर सरकारी खजाने से 50 लाख रुपये तक की रकम ली गई है।
विज्ञापन


उधर, चर्च सिटी शिक्षा समिति के अध्यक्ष अनिल शर्मा ने बताया वर्ष 2015-16 में बीएसए जीवेंद्र सिंह ने एरी ने तत्कालीन अध्यक्ष अजय त्यागी के विरोध के बावजूद अपने ट्रांसफर से तीन दिन पूर्व अंडरकोट, ठठेरवाड़ा और सदर में तीन प्रिंसिपल नियुक्त किए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इनमें एक प्रिंसिपल का डिग्री कॉलेज में पांच साल का अनुभव दिखाया गया। दूसरे ने दूरस्थ शिक्षा से बीएड किया है। साथ ही सेवानिवृत्त हो चुके बीएसए मोहम्मद इकबाल ने 2016-17 में तीनों विद्यालयों में छह शिक्षकों की नियुक्ति की थी।  

सवाल उठने पर बचाव पक्ष हुआ सक्रिय
आरटीआई एक्टिविस्ट की शिकायत पर वर्तमान प्रबंधक और उनकी पत्नी के खिलाफ जांच शुरू हो चुकी है, वहीं शिकायत के बाद प्रबंध समिति ने पिछली नियुक्तियों पर सवाल खड़ा कर दिया है। ऐसे में जो प्रधानाचार्य और शिक्षक नियुक्त हुए हैं, वह तो बचाव में आ ही गए हैं, अधिकारी भी उनके पक्ष में सक्रिय हो चुके हैं। वहीं प्रबंध समिति और शिकायतकर्ता भी इनके सामने आ चुके हैं। 

दो बार की सुनवाई में सिर्फ शिकायतकर्ता ही आए
शिकायत के बाद एडीएम (एलए) की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। इसके तहत 3 और 12 मार्च, 2021 को हुई सुनवाई में शिकायतकर्ता ही जांच समिति के सामने आए। अध्यक्ष अनिल शर्मा ने बताया कि रोजा गिल की पेंशन पेंशन अदालत ने स्वीकृत की है। अब बीएसए और बेसिक शिक्षा विभाग के क्लर्क वर्तमान नियुक्तियों के मामले दबाने के लिए पुराने मामले उठा रहे हैं।  
अभी कुछ भी बताना अनुचित
संपूर्ण प्रकरण की विभागीय स्तर पर जांच की जा रही हैं। इस संबंध में कई साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। जांच पूर्ण होने से पूर्व कुछ भी जानकारी देना अनुचित होगा।    - सतेंद्र कुमार ढाका, बीएसए, मेरठ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed