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एक्सक्लूसिव: कॉलेज में शुरू हुआ रिलेशनशिप मैनेजमेंट का कोर्स, छात्राएं सीख रहीं रिश्तों के नाजुक बंधन सुलझाना
Thu, 25 Feb 2021 04:35 PM IST
कपिल kapil
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: कपिल kapil
Updated Thu, 25 Feb 2021 04:35 PM IST
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डॉ. नेहा शर्मा और डॉ. किरण प्रदीप
- फोटो : अमर उजाला
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रिश्तों की नाजुक डोर को संभालना जीवन और जहां दोनों के लिए जरूरी है। रिश्तों में गलतफहमियों की सलवटें आएं तो उन्हें सुलझाकर दूर किया जा सकता है। बशर्ते हर पक्ष अपनी जिद को किनारे रखकर सोचे। समाज में आपसी रिश्ते हैं तो जीवन है।
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निजी जिंदगी के साथ सामाजिक रिश्तों में बढ़ती दूरियों को दूर करने की सीख छात्राओं को दी जा रही है। कनोहर लाल महिला पीजी कॉलेज में छात्राओं व स्टाफ के लिए रिलेशनशिप मैनेजमेंट कोर्स चलाया गया है। कनोहर लाल ट्रस्ट व सोसायटी द्वारा इस कोर्स को शुरू किया गया है। शुरुआत में डिग्री कॉलेज की छात्राओं व शिक्षिकाओं को जोड़ा गया है। बाद में अन्य शिक्षण संस्थाओं में यह शुरू होगा।
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अकेलापन नहीं मुश्किल का हल
रिलेशनशिप मैनेजमेंट के इस कोर्स का उद्देश्य बिगड़ते रिश्तों को संवारना है। समाज में हर इंसान में गुस्सा है। हर समस्या का हल सेपरेशन, तलाक या दूरी बनाना लगता है। युवाओं में शादी न करने और तलाक लेने की भावना बढ़ रही है।
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परिवार-नौकरी हर जगह बढ़ रही दूरियां
कोर्स की संचालिका व कनोहर लाल ट्रस्ट की शिक्षा निदेशक डॉ. नेहा शर्मा कहती हैं कि रिश्तों में खटास सिर्फ सास-बहू, पति-पत्नी, माता, पिता या बच्चों के बीच आती है ऐसा नहीं हैं। पड़ोसी, सहकर्मी, दोस्त सहित हर रिश्ते में दूरियां बढ़ रही हैं। इसकी प्रमुख वजह ईगो है। समाज, नौकरी और परिवार हर क्षेत्र रिश्तों में दूरियां आ रही हैं। जो तनाव, आत्महत्या का कारण बन चुकी हैं। समस्या को खत्म करने का प्रयास इस कोर्स के जरिए किया जा रहा है। 20 दिन का निशुल्क कोर्स होता है। दो घंटे की दो कक्षा होती है। इसमें वीडियो, ध्यान, गेम्स, लेक्चर, साहित्य के जरिए रिश्तों को सहेजने की तकनीक व उनका महत्व बताते हैं।
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कोरोना के बाद बिगड़े हालात
कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. किरण प्रदीप कहती हैं कि कोरोना के वक्त जो लॉकडाउन हुआ उससे रिश्तों के हालात बहुत बिगड़े हैं। पूरा परिवार 24 घंटे साथ था। ऐसे में घरेलू हिंसा और महिला अपराध के मामलों में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई। साथ ही आपसी विवाद, झगड़े, माता-पिता बच्चों में तनाव बहुत बढ़ा है। कई शोध, रिपोर्ट में भी इसका खुलासा हुआ है। लॉकडाउन से रिश्तों में जो दूरियां बढ़ी उसको देखकर ही इस कोर्स को शुरू करने की योजना बनी जो अब चालू है।
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