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अमर उजाला एक्सक्लूसिव: सामने आया नगर निगम का फर्जीवाड़ा, 11 लाख के भुगतान का है मामला

Sat, 08 Aug 2020 04:07 PM IST
कपिल kapil राजदीप जाखड़, अमर उजाला, मेरठ
राजदीप जाखड़, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Sat, 08 Aug 2020 04:07 PM IST
सार

  • डेढ़ साल से ठप पड़े नलकूपों पर सामने आया नगर निगम का कारनामा
  • गजब बात यह कि इन नलकूपों पर बिजली कनेक्शन ही नहीं
  • चालू बताकर ऑपरेटर और मरम्मत के नाम कर ली लाखों की बंदरबांट

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Amar Ujala Exclusive Report: 11 lakh fraud has been revealed in Nagar Nigam at Meerut
सैनिक विहार में ठप पड़ा नलकूप और जमीन पर पड़ा बिजली का तार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के मेरठ में भ्रष्टाचार को लेकर चर्चित रहे नगर निगम का एक और फर्जीवाड़ा सामने आया है। इस बार मामला नगर निगम के जलकल विभाग का है। एमडीए से हैंडओवर हुए कई नलकूप डेढ़ साल से ठप हैं। उनमें बिजली कनेक्शन भी नहीं हैं। इसके बावजूद उन्हें चालू दिखाकर ऑपरेटर और मरम्मत के नाम पर करीब 11 लाख रुपये की बंदरबांट कर ली गई। भ्रष्टाचार सामने आने पर अधिकारी और आउटसोर्सिंग फर्म के लोग मामले की लीपापोती में लगे हैं। भाजपा नेताओं ने इसकी शिकायत नगर आयुक्त से करते हुए इसे मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की बात कही है। 

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मेरठ विकास प्राधिकरण ने 29 जनवरी 2019 को आवासीय कालोनी श्रद्धापुरी फेस-2, डिफेंस एनक्लेव, पांडव नगर, गंगानगर, सैनिक विहार, वेदव्यासपुरी, रक्षापुरम और मेजर ध्यानचंद नगर को नगर निगम के हैंडओवर किया था। उस समय कॉलोनियों के नलकूप और ओवरहेड टंकी भी हस्तांतरित की गई थी। वर्ष 2007 में बने नौ नलकूप और पांच टंकियां 13 साल से ठप पड़ी थी। लेकिन जलकल विभाग ने लॉकडाउन का फायदा उठाते हुए आउटसोर्स फर्म को नलकूप और टंकियों के संचालन और रखरखाव का इस साल के तीन महीने जनवरी, फरवरी और मार्च माह का करीब 11 लाख रुपए भुगतान मई माह में कर दिया। जबकि अप्रैल और मई का भुगतान इसके बाद करने की तैयारी थी।
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पड़ताल में ठप मिले नलकूप
अमर उजाला टीम ने इसका पर्दाफाश करने के लिए धरातल पर पड़ताल की तो भ्रष्टाचार उजागर हो गया। सैनिक विहार स्थित नलकूप घास और झाड़ियों से घिरा मिला। विद्युत केबल नीचे हौज के पास पड़ा था। क्षेत्रवासियों ने बताया कि ये नलकूप आज तक नहीं चला। दो दिन पहले कुछ लोग जनरेटर लेकर इसे चलाने आए थे। लेकिन कामयाबी नहीं मिली। वहीं डिफेंस एनक्लेव सहित जोनल पार्क का नलकूप भी ठप मिला। 
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लीपापोती में जुटे दोषी अधिकारी 
भ्रष्टाचार को दबाने के लिए दोषी अधिकारी पूरी ताकत लगा रहे हैं। बिजली विभाग के सूत्रों के अनुसार कनेक्शन विहीन और बकाए में कटे विद्युत कनेक्शन वाले नलकूपों का छह महीने पुराना बकाया बिल जमा करने का नोटिस मांगा जा रहा है ताकि नलकूपों के चलने का सुबूत जांच के समय दिया जा सके। लेकिन बिजली विभाग ने फर्जी नोटिस देने से मना कर दिया है।  

नगर आयुक्त के पास पहुंचा मामला
भाजपा के पूर्व पार्षद एवं संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष अजय गुप्ता ने इस मामले की शिकायत नगर आयुक्त से कर दी है। शिकायती पत्र में आठ कॉलोनियों की ठप पड़ी नौ ट्यूबवेल और पांच टंकियों के संचालन और रखरखाव के लिए लाखों रुपये के भुगतान का आरोप लगाते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।  

दोषियों से होगी वसूली
ठप पड़े नलकूपों और टंकियों का भुगतान किए जाने का मामला संज्ञान में आया है। मामले की पूरी जांच कराई जाएगी और दोषियों से भुगतान राशि की वसूली की जाएगी। - डॉ. अरविंद चौरसिया, नगर आयुक्त

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