नेट-जेआरएफ में सीसीएसयू हिट, ज्यूडिशरी में भी नाम, मेरठ कॉलेज से पढ़कर 200 छात्र बने जज
चौधरी चरण सिंह विवि के छात्र-छात्राओं का जलवा किसी दूसरे विवि से कम नहीं है। नेट-गेट-जेआरएफ और पीएचडी पूरी करने वालों में सीसीएसयू के छात्र-छात्राओं की संख्या बहुत ज्यादा है। न्यायिक सेवाओं में भी यहां के छात्रों ने कई प्रदेशों में अपनी सफलता के झंडे गाड़े हैं। अकेले मेरठ कॉलेज के दो सौ से ज्यादा जज देश की तमाम अदालतों में तैनात हैं।
मेरठ और सहारनपुर मंडल के नौ जिलों में फैला विवि हर साल डेढ़ लाख के करीब छात्र-छात्राओं को डिग्री देता है। यहां पांच लाख के करीब छात्र-छात्राएं शिक्षा लेते हैं। बीए, बीएससी-बीकॉम में एडमिशन लेने के लिए यहां तीन गुना छात्र-छात्राओं की मेरिट लगती है। कैंपस में अब ऑनर्स कोर्सों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। छात्र-छात्राएं इन्हें खूब पसंद कर रहे हैं। सीसीएसयू कैंपस की बात करें तो यहां एमए और एमएससी में प्रवेश लेने के लिए टॉपर्स की लाइन लगती है। इसमें मेरिट से प्रवेश होते हैं। वहीं एलएलएम, एमफिल एजुकेशन, हॉर्टीकल्चर, अंग्रेजी, इकोनॉमिक्स, इतिहास, राजनीति शास्त्र, साइकोलॉजी, सोशोलॉजी, उर्दू, बॉटनी, केमेस्ट्री, मैथ, फिजिक्स, स्टेटिक्स, जूलॉजी, हिंदी, माइक्रोबायलॉजी, संस्कृत, पत्रकारिता और फिजिकल एजुकेशन में प्रवेश परीक्षा होती है। कैंपस के जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग में पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं का सौ फीसदी प्लेसमेंट रहता है।
दूसरे विवि से कम है फीस
सीसीएसयू के कॉलेजों में दूसरे विश्वविद्यालयों की तुलना बहुत कम फीस है। बीए-बीकॉम में छात्रों की फीस 928 रुपये तो छात्राओं के लिए महज 796 रुपये है। बीएड में छात्रों के लिए एक साल की फीस 963 रुपये और छात्राओं की फीस 747 रुपये है। एलएलबी में प्रति वर्ष छात्रों की फीस 942 रुपये तो छात्राओं को 762 रुपये देने होते हैं। एलएलएम में छात्रों को 978 और छात्राओं को 762 रुपये फीस देती होती है। एमएड में छात्रों के लिए 998 रुपये और छात्राओं के लिए 782 रुपये फीस है। सीसीएसयू कैंपस में एमए की फीस 3685, एमएससी-एमएससी एजी की फीस 4685, एमफिल आर्ट के विषयों में 3775 और एमफिल साइंस एंड एग्रीकल्चर में 4745 रुपये फीस है।
एडेड कॉलेजों में एलएलबी की 1460 सीटें
सीसीएसयू में एलएलबी के छह एडेड कॉलेज हैं। इनमें गाजियाबाद के एमएमएच कॉलेज में 420 सीटें, मेरठ कॉलेज में 300, एनएएस कॉलेज में 180, एनआरईसी कॉलेज खुर्जा में 120, डीएवी कॉलेज मुजफ्फरनगर में 320, जेवी जैन कॉलेज सहारनपुर में 120 सीटें हैं। इसके अलावा सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में 15 हजार से ज्यादा सीटें हैं।
स्नातक कोर्सों में 1.60 लाख सीटें
बीए में एडेड-राजकीय कॉलेजों में 22 हजार और सेल्फ फाइनेंस में 44 हजार सीटें हैं। बीकॉम में एडेड-राजकीय कॉलेजों में 46 सौ और सेल्फ फाइनेंस में 22 हजार सीटें हैं। बीएससी में एडेड-राजकीय कॉलेजों में 9463 और सेल्फ फाइनेंस में 13 हजार सीटें हैं। बीएससी एजी में एडेड और सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में करीब 17 सौ सीटें हैं। बीए-एलएलबी और बीकॉम-एलएलबी में छह हजार से ज्यादा सीटें हैं।
शुरू हो रहे हैं ऑनर्स कोर्स
सीसीएसयू में भी ऑनर्स कोर्स की शुरुआत हो चुकी है। बीएससी कंप्यूटर साइंस ऑनर्स यहां खूब पसंद किया जा रहा है। बीए इकोनोमिक्स ऑनर्स, बीकॉम ऑनर्स भी शुरू हो चुके हैं। इसके अलावा एमबीए एचए कोर्स भी छात्रों को भा रहा है। एमए में दाखिला लेने वाले अधिकतर स्टूडेंट्स कामयाबी हासिल कर रहे हैं। रिसर्च में विवि काफी आगे है। कैंपस और कॉलेजों में पीएचडी की सीटें 4220 हैं। डीयू और जेएनयू से भी छात्र यहां पीएचडी करने आते हैं।
बीए में बढ़ा रूझान
प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला बताती हैं कि 10 साल पहले तक बीए, बीएससी-बीकॉम की सीटें खाली रह जाती थीं। अब एडेड कॉलेजों में सीटों से तीन गुना ज्यादा छात्र-छात्राएं आवेदन कर रहे हैं। सरकारी नौकरी में जाने का क्र्रेज लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में बीए जैसे कोर्स में ज्यादा प्रवेश हो रहे हैं। उसमें सबसे ज्यादा मेरिट जा रही है। बीए के साथ छात्र-छात्राएं प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करते हैं। पिछले एक साल के भीतर डिग्री कॉलेजों में सबसे ज्यादा चयन सीसीएसयू के छात्र-छात्राओं का हुआ है। नेट-गेट और जेआरएफ में यहां के छात्रों की हर बार अच्छी संख्या रहती है। न्यायिक परीक्षाओं लगातार यहां के छात्र सफल हो रहे हैं।
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