अमर उजाला अपनत्व : कोरोना ने छीनी मोनिका के परिवार की खुशी, दो मासूमों के सिर से उठा पिता का साया, रहने को नहीं घर
पति की मौत के बाद परिवार आर्थिक संकट में आ गया। मकान मालिक ने भी मकान खाली करा लिया। फिलहाल रामपुरी में रहने वाले पिता ब्रजमोहन त्यागी के पास दोनों बच्चों को लेकर मोनिका रह रही है।
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कोरोना संक्रमण के कहर ने अनेक परिवारों को तबाह कर दिया। किसी का सुहाग छीन गया, किसी का बेटा चला गया। बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। वहीं कई बच्चों से मां का आंचल भी सदा के लिए छीन गया। मुजफ्फरनगर के उत्तरी रामपुरी निवासी मोनिका की खुशियां भी कोरोना संक्रमण ने छीन ली।
पति दीपक की मौत के बाद रहने के लिए मकान तक नहीं रहा। घर मालिक ने किराए पर रहने वाली मोनिका से मकान खाली करा लिया। अब मोनिका कैसे बच्चों का भविष्य संवारेगी, यह चिंता उसे सता रही है। फिलहाल वो दोनों बेटों को लेकर अपने पिता के घर रह रही है।
शहर के उत्तरी रामपुरी निवासी दीपक त्यागी (34) गुजरात प्रांत में एक पेपर मिल में नौकरी कर रहा था। यहां शहर में पत्नी मोनिका दोनों बेटों रुद्र (10) और (कुंज) के साथ रह रही थी। परिवार में हर खुशी थी। मगर, कोरोना संक्रमण ने उनके परिवार की खुशियों को छीन लिया।
कोरोना संक्रमण फैलने पर गुजरात में भी पाबंदी लगी तो दीपक 10 अप्रैल को यहां घर आ गया। कुछ दिनों बाद अचानक उसे तेज बुखार हुआ। दवाई लेने पर आराम नहीं मिला। जिला अस्पताल में जांच कराई, तो कोरोना संक्रमण से पीड़ित मिला। डॉक्टरों ने घर में आइसोलेट कर दिया, मगर तबीयत बिगड़ती चली गई।
ऑक्सीजन लेवल कम होने पर 27 अप्रैल को मोनिका उसे लेकर प्राइवेट डॉक्टरों के यहां गई, मगर बेड खाली नहीं मिला। जिला चिकित्सालय में उसे लेकर आई तो दीपक को बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया, लेकिन वहां भी बेड नहीं मिला।
ऑक्सीजन कम होने के कारण 28 अप्रैल को दीपक ने दम तोड़ दिया। परिवार पर गमों का पहाड़ टूट गया। दीपक की मौत के बाद परिवार आर्थिक संकट में आ गया। मकान मालिक ने भी मकान खाली करा लिया। फिलहाल रामपुरी में रहने वाले पिता ब्रजमोहन त्यागी के पास दोनों बच्चों को लेकर मोनिका रह रही हैं।