{"_id":"603e96f28ebc3ec4965b25ab","slug":"always-do-good-deeds-bharatbhushan-muniraj-mawana-news-mrt5280275176","type":"story","status":"publish","title_hn":"सदैव अच्छे कर्म करते रहो: भारतभुषण मुनिराज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सदैव अच्छे कर्म करते रहो: भारतभुषण मुनिराज
विज्ञापन
सदैव अच्छे कर्म करते रहो: भारतभुषण मुनिराज
हस्तिनापुर। कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ के 15वें दिन मंगलवार को विधानाचार्य सुदीप शास्त्री ने मांगलिक मंत्रों से क्रियाओं का शुभारंभ किया।
आचार्य 108 भारतभूषण मुनिराज ने कहा कि सदैव अच्छे कर्म करते रहो, क्योंकि जीवन का कोई भरोसा नहीं वह कब अंधकार में चला जाए। इसलिए अच्छे कर्म सदा करते रहो और उन्हें टालने का प्रयास न करो। अत्यधिक कष्ट में हमारा मन मरने को हो तो जाता है, परंतु संत बनने का नहीं होता।
इससे पूर्व दीप प्रज्ज्वलन शांतिलाल मनोज ने किया। सुनीता दीदी ने शांतिधारा का उच्चारण किया। मंगलवार के विधान पाठ में स्वर्ण कलश से अभिषेक करने का सौभाग्य मदनलाल, मनीष, पारस जैन व शांतिधारा करने का सौभाग्य अरुण कुमार, रविंद्र कुमार, निर्मला कुमार, शिवकुमार, पदमचंद, शांतिलाल, जिनेंद्र गौरव, रचित, सुभाषचंद सुलभ, अंशुल, आर्जव, बनारसी दास, संजय नीरज, अभय राजकुमार, संजीव, अनमोल, वीरेंद्र, प्रेमचंद नवीन को प्राप्त हुआ। उसके बाद आदिनाथ भगवान की पूजा संपन्न हुई।
विज्ञापन
विश्व की सुख शांति के लिए 48 अर्घ्य चढ़ाए गए। 101 परिवारों की ओर से विधान का आयोजन कराया गया। इसके बाद आदिनाथ भगवान की आरती की गई। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए क्षेत्र के अध्यक्ष विनोद जैन, मुकेश जैन, राजेंद्र जैन आदि का विशेष सहयोग रहा।
विज्ञापन
हस्तिनापुर। कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ के 15वें दिन मंगलवार को विधानाचार्य सुदीप शास्त्री ने मांगलिक मंत्रों से क्रियाओं का शुभारंभ किया।
आचार्य 108 भारतभूषण मुनिराज ने कहा कि सदैव अच्छे कर्म करते रहो, क्योंकि जीवन का कोई भरोसा नहीं वह कब अंधकार में चला जाए। इसलिए अच्छे कर्म सदा करते रहो और उन्हें टालने का प्रयास न करो। अत्यधिक कष्ट में हमारा मन मरने को हो तो जाता है, परंतु संत बनने का नहीं होता।
विज्ञापन
इससे पूर्व दीप प्रज्ज्वलन शांतिलाल मनोज ने किया। सुनीता दीदी ने शांतिधारा का उच्चारण किया। मंगलवार के विधान पाठ में स्वर्ण कलश से अभिषेक करने का सौभाग्य मदनलाल, मनीष, पारस जैन व शांतिधारा करने का सौभाग्य अरुण कुमार, रविंद्र कुमार, निर्मला कुमार, शिवकुमार, पदमचंद, शांतिलाल, जिनेंद्र गौरव, रचित, सुभाषचंद सुलभ, अंशुल, आर्जव, बनारसी दास, संजय नीरज, अभय राजकुमार, संजीव, अनमोल, वीरेंद्र, प्रेमचंद नवीन को प्राप्त हुआ। उसके बाद आदिनाथ भगवान की पूजा संपन्न हुई।
विज्ञापन
विश्व की सुख शांति के लिए 48 अर्घ्य चढ़ाए गए। 101 परिवारों की ओर से विधान का आयोजन कराया गया। इसके बाद आदिनाथ भगवान की आरती की गई। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए क्षेत्र के अध्यक्ष विनोद जैन, मुकेश जैन, राजेंद्र जैन आदि का विशेष सहयोग रहा।