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Meerut News: दौराला में कोयला उतराई से प्रदूषण का आरोप, कार्रवाई की मांग
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दौराला - स्टेशन पर कोयला उतरने की रोकथाम के लिए प्रार्थना पत्र देते ओमकार उपाध्याय। स्रोत : स्व
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संवाद न्यूज एजेंसी
दौराला। नगर पंचायत दौराला क्षेत्र में रेलवे स्टेशन पर कोयला उतारने के दौरान फैल रहे प्रदूषण को लेकर आपत्ति जताई है। इस संबंध में क्षेत्रवासियों की ओर से सभासद कुसुम उपाध्याय, उनके पति ओमकार उपाध्याय ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, एसडीएम सरधना, स्टेशन मास्टर को शिकायत पत्र देकर समस्या के समाधान की मांग की है।
ओमकार उपाध्याय ने प्रार्थना पत्र में बताया कि दौराला रेलवे स्टेशन पर कोयला लेकर आने वाली ट्रेनों से गेट के पास कोयला उतारकर ट्रकों में भरा जाता है, जिस कारण भारी मात्रा में धूल उड़ती है, जिससे आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। कोयला उतारने के दौरान उड़ने वाली धूल सड़कों तक फैल जाती है, जिससे राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आसपास कई स्कूल हैं, जिस कारण स्कूलों के बच्चों पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है। कोयले की धूल के कारण बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। इसके अलावा धूल सार्वजनिक स्थानों पर जमने से सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है, जिससे आमजन का जीवन स्तर प्रभावित हो रहा है। शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि रेलवे स्टेशन पर कोयला उतारने की प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए या इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि प्रदूषण पर नियंत्रण पाया जा सके।
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दौराला। नगर पंचायत दौराला क्षेत्र में रेलवे स्टेशन पर कोयला उतारने के दौरान फैल रहे प्रदूषण को लेकर आपत्ति जताई है। इस संबंध में क्षेत्रवासियों की ओर से सभासद कुसुम उपाध्याय, उनके पति ओमकार उपाध्याय ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, एसडीएम सरधना, स्टेशन मास्टर को शिकायत पत्र देकर समस्या के समाधान की मांग की है।
ओमकार उपाध्याय ने प्रार्थना पत्र में बताया कि दौराला रेलवे स्टेशन पर कोयला लेकर आने वाली ट्रेनों से गेट के पास कोयला उतारकर ट्रकों में भरा जाता है, जिस कारण भारी मात्रा में धूल उड़ती है, जिससे आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। कोयला उतारने के दौरान उड़ने वाली धूल सड़कों तक फैल जाती है, जिससे राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि आसपास कई स्कूल हैं, जिस कारण स्कूलों के बच्चों पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है। कोयले की धूल के कारण बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। इसके अलावा धूल सार्वजनिक स्थानों पर जमने से सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है, जिससे आमजन का जीवन स्तर प्रभावित हो रहा है। शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि रेलवे स्टेशन पर कोयला उतारने की प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए या इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि प्रदूषण पर नियंत्रण पाया जा सके।
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