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छात्रों को कैंपस में एक ही जगह मिलेगी सारे उपकरणों की सुविधा
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छात्रों को कैंपस में एक ही जगह मिलेंगी सभी सुविधाएं
मेरठ। सीसीएसयू कैंपस में अब ही एक जगह छात्र-छात्राओं को महत्वपूर्ण उपकरणों की सुविधा मिलेगी। विवि ने सेंट्रल इंस्टू्रमेंट फैसिलिटी पॉलिसी के लिए दो करोड़ रुपये का बजट पास कर दिया है। बृहस्पतिवार को वित्त समिति की बैठक में इस पर मुहर लगा दी। इसके साथ ही तय किया है कि सेल्फ फाइनेंस विभागों में शुरू किए जाने वाले नए कोर्सों के लिए विवि मदद देगा।
कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में वित्त समिति की बैठक हुई। सेंट्रल इंस्टू्रमेंट फैसिलिटी का प्रावधान करते हुए प्रारंभिक तौर पर दो करोड़ रुपये आवंटित किए गए। इसके अंतर्गत एक ही बिल्डिंग में हर विभाग के सामान्य इस्तेमाल के जो महत्वपूर्ण उपकरण हैं, जिन्हें शोधार्थी और शिक्षक इस्तेमाल करते हैं, वे एक ही जगह मिल जाएंगे। अच्छे विश्वविद्यालयों में ये पॉलिसी बेहद कारगर साबित हुई है। जिन उपकरणों की कीमत 25 लाख रुपये से अधिक है, उनको भी इसी बिल्डिंग में लाया जाएगा।
एक विभाग में उनका इस्तेमाल कम होता है, केंद्रीयकृत व्यवस्था होने से इसका दूसरे विभागों को भी लाभ होगा। प्रधानमंत्री ने जिस तरह से आई-एसटीईएम के द्वारा साइंस एंड टेक्नोलॉजी को जोड़ने के लिए पहल की थी, उसी तरह से इस सेंटर का लाभ कॉलेजों के शोधार्थियों को भी मिले, भविष्य में इसको लेकर भी कार्य किया जाएगा। इससे कॉलेजों के छात्र भी यहां आकर रिसर्च वर्क कर सकेंगे। कुलपति ने इसके लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। इसमें प्रो. बीरपाल सिंह, प्रो. मृदुल गुप्ता, प्रो. शैलेंद्र शर्मा, प्रो. नीलू जैन गुप्ता और प्रो. विजय मलिक को रखा गया है।
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बैठक में निर्णय लिया गया कि स्ववित्त पोषित योजना के अंतर्गत शुरू किए जाने वाले नए पाठ्यक्रमों को विश्वविद्यालय द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। पांच वर्ष बाद भी यदि ऐसे पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों का रुझान अपेक्षा अनुरूप-मानकानुसार नहीं होता है तो ऐसे पाठ्यक्रमों को बंद कर दिया जाएगा। बैठक में प्रतिकुलपति प्रो. वाई विमला, वित्त अधिकारी सुशील गुप्ता, कुलसचिव धीरेंद्र वर्मा, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अश्वनी कुमार शर्मा, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी राजीव गुप्ता, सरकार द्वारा नामित सदस्य नरेंद्र कुमार विश्नोई, वित्त नियंत्रक कृषि विवि लक्ष्मी मिश्रा, प्रशासनिक अधिकारी विनय पांडे प्रो. प्रशांत कुमार एवं प्रेस प्रवक्ता मितेंद्र कुमार गुप्ता मौजूद रहे।
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मेरठ। सीसीएसयू कैंपस में अब ही एक जगह छात्र-छात्राओं को महत्वपूर्ण उपकरणों की सुविधा मिलेगी। विवि ने सेंट्रल इंस्टू्रमेंट फैसिलिटी पॉलिसी के लिए दो करोड़ रुपये का बजट पास कर दिया है। बृहस्पतिवार को वित्त समिति की बैठक में इस पर मुहर लगा दी। इसके साथ ही तय किया है कि सेल्फ फाइनेंस विभागों में शुरू किए जाने वाले नए कोर्सों के लिए विवि मदद देगा।
कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में वित्त समिति की बैठक हुई। सेंट्रल इंस्टू्रमेंट फैसिलिटी का प्रावधान करते हुए प्रारंभिक तौर पर दो करोड़ रुपये आवंटित किए गए। इसके अंतर्गत एक ही बिल्डिंग में हर विभाग के सामान्य इस्तेमाल के जो महत्वपूर्ण उपकरण हैं, जिन्हें शोधार्थी और शिक्षक इस्तेमाल करते हैं, वे एक ही जगह मिल जाएंगे। अच्छे विश्वविद्यालयों में ये पॉलिसी बेहद कारगर साबित हुई है। जिन उपकरणों की कीमत 25 लाख रुपये से अधिक है, उनको भी इसी बिल्डिंग में लाया जाएगा।
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एक विभाग में उनका इस्तेमाल कम होता है, केंद्रीयकृत व्यवस्था होने से इसका दूसरे विभागों को भी लाभ होगा। प्रधानमंत्री ने जिस तरह से आई-एसटीईएम के द्वारा साइंस एंड टेक्नोलॉजी को जोड़ने के लिए पहल की थी, उसी तरह से इस सेंटर का लाभ कॉलेजों के शोधार्थियों को भी मिले, भविष्य में इसको लेकर भी कार्य किया जाएगा। इससे कॉलेजों के छात्र भी यहां आकर रिसर्च वर्क कर सकेंगे। कुलपति ने इसके लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। इसमें प्रो. बीरपाल सिंह, प्रो. मृदुल गुप्ता, प्रो. शैलेंद्र शर्मा, प्रो. नीलू जैन गुप्ता और प्रो. विजय मलिक को रखा गया है।
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बैठक में निर्णय लिया गया कि स्ववित्त पोषित योजना के अंतर्गत शुरू किए जाने वाले नए पाठ्यक्रमों को विश्वविद्यालय द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। पांच वर्ष बाद भी यदि ऐसे पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों का रुझान अपेक्षा अनुरूप-मानकानुसार नहीं होता है तो ऐसे पाठ्यक्रमों को बंद कर दिया जाएगा। बैठक में प्रतिकुलपति प्रो. वाई विमला, वित्त अधिकारी सुशील गुप्ता, कुलसचिव धीरेंद्र वर्मा, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अश्वनी कुमार शर्मा, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी राजीव गुप्ता, सरकार द्वारा नामित सदस्य नरेंद्र कुमार विश्नोई, वित्त नियंत्रक कृषि विवि लक्ष्मी मिश्रा, प्रशासनिक अधिकारी विनय पांडे प्रो. प्रशांत कुमार एवं प्रेस प्रवक्ता मितेंद्र कुमार गुप्ता मौजूद रहे।