मेरठ: महिला लिपिक ने ईओ पर लगाया उत्पीड़न का आरोप, कर्मचारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश में मेरठ जनपद के सरधना में सोमवार को नगर पालिका की एक कर्मचारी के साथ उत्पीड़न करने का मामला प्रकाश में आया है। कर्मचारियों ने सरधना नगर पालिका ईओ अमिता वरुण के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए सरधना कोतवाली में तहरीर दी है।
वहीं कर्मचारियों ने पालिका ईओ के खिलाफ विरोध शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि अगर 24 घंटे के भीतर ईओ का तबादला नहीं हुआ तो वे पालिका में सफाई व्यवस्था ठप कर देंगे। उन्होंने ईओ पर कर्मचारियों के साथ उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। साथ ही उन्होंने आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
पूर्व में भी नामित सभासद वीरेंद्र चौधरी, महिला सभासद इंदिरा मानव समेत पांच सभासदों ने ईओ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी थी। इससे पूर्व भी अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सुभाष चावरिया ने भी ईओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर थाने में तहरीर दी थी। वहीं पालिका के द्वारा भी इन सभी के खिलाफ शासन को पूर्व में लिखा जा चुका है।
उधर, सोमवार को हुई घटना के संबंध में ईओ अमिता वरुण का कहना है कि चपरासी के पद पर तैनात शिवानी शर्मा वर्तमान में लिपिक के पद पर काम कर रही हैं। उनसे यदि किसी संबंध में जानकारी की जाती है तो वह जानकारी देने से इंकार कर देती हैं, जिसको लेकर उन्होंने उसे थोड़ा डांट दिया। इसी को लेकर यह बखेड़ा खड़ा किया जा रहा है।
यह भी पढ़ें: शर्मनाक! अपहरण के बाद महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म, फिर गंगनहर में फेंका, जांच में जुटे अफसर
ईओ ने कुछ दिनों पहले ठेकोंदारों के खिलाफ की थी कार्रवाई
सरधना पालिका क्षेत्र में टेंडर जारी होने के बाद भी समय सीमा में निर्माण कार्य पूरा नहीं करने वालों पर ईओ द्वारा कार्रवाई की गई थी। पालिका के चार ठेकेदारों की 67 हजार 200 रुपये की जमानत राशि को जब्त कर लिया गया था।
सरधना नगर पालिका से विभिन्न निर्माण कार्यों के टेंडर लेने के बाद समय से निर्माण पूरा नहीं करने वाले ठेकेदारों पर पालिका ईओ के द्वारा कार्रवाई की गई थी। जिसमें पालिका ईओ अमिता वरुण ने बताया था कि पालिका से जिन ठेकेदारों या फर्म ने ठेके लिए थे उन्होंने तय समय अवधि एवं चेतावनी नोटिस जारी होने के बाद भी निर्माण कार्य को पूरा नहीं किया। जिसको लेकर चार ठेकेदारों/फर्म की जमानत राशि को जब्त कर लिया गया था। उनकी जमानत राशि को पालिका के एकांउट में ट्रांसफर करने के लिए संबधित बैंकों को पत्र लिखा हैं। जिसमें मैमर्स एएसआर कंस्ट्रक्शन बीस हजार रुपये, एएम कंस्ट्रक्शन एंड ट्रेडिंग कंपनी बीस हजार रुपये, मोहित कुमार कांट्रेक्टर 13 हजार 200 रुपये, अकरम कंस्ट्रक्शन 14 हजार रुपये, कुल 67 हजार 200 रुपये की जमानत राशि जब्त करने की कार्रवाई गई थी।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/