{"_id":"682b96852ddb257c3d0713e4","slug":"alert-due-to-bird-flu-outbreak-eat-poultry-meat-and-eggs-only-after-cooking-meerut-news-c-14-1-mrt1005-865347-2025-05-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"बर्ड फ्लू की दस्तक से अलर्ट, कुक्कुट मांस और अंडे को पकाकर ही खाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बर्ड फ्लू की दस्तक से अलर्ट, कुक्कुट मांस और अंडे को पकाकर ही खाएं
विज्ञापन
मेरठ। मुर्गियों और अन्य पक्षियों में फैलने वाले बर्ड फ्लू ने प्रदेश में दस्तक दे दी है। कानपुर और गोरखपुर में पशुओं में बर्ड फ्लू के मामले सामने आने के बाद से अन्य जिलों में भी अलर्ट कर दिया गया है। यहां भी पशुपालन विभाग ने परीक्षण अभियान शुरू किया है। पशु चिकित्सकों ने लोगों को कुक्कुट मांस और अंडा पूरा पकाकर खाने की सलाह दी है। हस्तिनापुर में प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं। इसलिए यहां अतिरिक्त सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है। मुर्गी फार्म संचालकों को साफ-सफाई और जागरूक रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बर्ड फ्लू का प्रभाव आमतौर पर पक्षियों में देखा जाता है। बर्ड फ्लू का वायरस मुर्गियों व अन्य पक्षियों में गंभीर बीमारी और मृत्यु का कारण बनता है। यह वायरस अन्य जानवर जैसे बिल्ली, कुत्ते, जंगली पशुओं को प्रभावित करता है। इतना ही नहीं बर्ड फ्लू उन मनुष्यों में भी फैल सकता है, जो संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आते हैं।
बर्ड फ्लू के लक्षण
- पैरों में सूजन, रक्तस्राव व नीला पड़ना, नाक और आंख से पानी बहना, सर्दी जुकाम जैसे लक्षण, सांस लेने में तकलीफ, दस्त, अंडे देने की दर में कमी आना, पक्षियों का असामान्य व्यवहार जैसे मुर्गियों का एक साथ बैठना और कम खाना खाना।
विज्ञापन
बचाव के तरीके
- पक्षियों को नियमित रूप से बीमारियों से बचाव के टीके लगवाएं।
- मुर्गी फार्म एवं पशुशाला को साफ रखें। कीटनाशक, कीटाणुनाशक दवाओं का छिड़काव करें।
- लक्षण दिखते ही पशु चिकित्सक से संपर्क करें।
- कुक्कुट मांस या अंडे को अच्छी तरह पकाकर ही खाएं
- मुर्गी फार्म में बाहरी पशु-पक्षी या व्यक्ति को प्रवेश न होने दें
-- -- -- --
- मेरठ में अब तक बर्ड फ्लू के कोई संकेत नहीं मिले हैं। फिर भी एहतियात के लिए जिले के मुर्गी फार्म में जांच की जा रही है। हस्तिनापुर क्षेत्र में प्रवासी पक्षी आते हैं। इसलिए वहां ज्यादा सतर्कता बरती जा रही है। साफ-सफाई और खानपान की सावधानियों के लिए भी जागरूक किया गया है। - डॉ. संदीप शर्मा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।
विज्ञापन
बर्ड फ्लू का प्रभाव आमतौर पर पक्षियों में देखा जाता है। बर्ड फ्लू का वायरस मुर्गियों व अन्य पक्षियों में गंभीर बीमारी और मृत्यु का कारण बनता है। यह वायरस अन्य जानवर जैसे बिल्ली, कुत्ते, जंगली पशुओं को प्रभावित करता है। इतना ही नहीं बर्ड फ्लू उन मनुष्यों में भी फैल सकता है, जो संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आते हैं।
विज्ञापन
बर्ड फ्लू के लक्षण
- पैरों में सूजन, रक्तस्राव व नीला पड़ना, नाक और आंख से पानी बहना, सर्दी जुकाम जैसे लक्षण, सांस लेने में तकलीफ, दस्त, अंडे देने की दर में कमी आना, पक्षियों का असामान्य व्यवहार जैसे मुर्गियों का एक साथ बैठना और कम खाना खाना।
विज्ञापन
बचाव के तरीके
- पक्षियों को नियमित रूप से बीमारियों से बचाव के टीके लगवाएं।
- मुर्गी फार्म एवं पशुशाला को साफ रखें। कीटनाशक, कीटाणुनाशक दवाओं का छिड़काव करें।
- लक्षण दिखते ही पशु चिकित्सक से संपर्क करें।
- कुक्कुट मांस या अंडे को अच्छी तरह पकाकर ही खाएं
- मुर्गी फार्म में बाहरी पशु-पक्षी या व्यक्ति को प्रवेश न होने दें
- मेरठ में अब तक बर्ड फ्लू के कोई संकेत नहीं मिले हैं। फिर भी एहतियात के लिए जिले के मुर्गी फार्म में जांच की जा रही है। हस्तिनापुर क्षेत्र में प्रवासी पक्षी आते हैं। इसलिए वहां ज्यादा सतर्कता बरती जा रही है। साफ-सफाई और खानपान की सावधानियों के लिए भी जागरूक किया गया है। - डॉ. संदीप शर्मा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।