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प्रशासन की नींद टूटती तो नहीं जाती तीन लोगों की जान, सैनिटाइजर से बनाई जा रही अवैध शराब

Fri, 11 Sep 2020 02:02 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Fri, 11 Sep 2020 02:02 AM IST
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Alcohol is making by sanitizer: three people died due to consuming poisonous liquor in Meerut and Baghpat
जहरीली शराब मौत मामला - फोटो : अमर उजाला
जहरीली शराब से मौत का यह मामला पहला नहीं है। जहां भट्ठियों से कच्ची शराब तैयार होती है। वहीं, कुछ लोग सीधे ही इथाइल या मिथाइल अल्कोहल से शराब बनाकर बेचते हैं। यह मिथाइल अल्कोहल से बनाई गई शराब ही जान की दुश्मन बनती है।
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इस समय सैनिटाइजर बनाने का लाइसेंस कई छोटी इकाईयों ने लिया हुआ है। जिसमें मिथाइल अल्कोहल प्रयोग होता है। सूत्रों के अनुसार सैनिटाइजर की मांग इस समय कम हुई है, जबकि तमाम डिस्टलरी से मिथाइल अल्कोहल सैनिटाइजर बनाने के नाम पर निकाली जा रही है।
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इस मिथाइल अल्कोहल को ही कुछ लोग शराब बनाने में प्रयोग कर रहे हैं, जो जहरीली होती है और इसकी अधिक मात्रा जानलेवा होती है। यदि किसी की जान नहीं जाती है तो वह लकवाग्रस्त हो सकता है या आंखों की रोशनी जा सकती है।
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घर में भी बनाते हैं शराब
खादर क्षेत्र में इस समय गंगा का जलस्तर बढ़ा हुआ है। ऐसे में वहां पर कच्ची शराब की भट्ठियां इस समय नहीं चल रही हैं। लेकिन कुछ लोग घरों में ही ईस्ट (खमीर) का प्रयोग कर शराब बना रहे हैं। लेकिन इसको बनाने में भी होने वाली लापरवाही से इथाइल अल्कोहल की जगह मिथाइल अल्कोहल निकलती है, जो अत्यंत जहरीली होती है।

बड़े स्तर पर बन रही है अवैध शराब
अवैध शराब का कारोबार महानगर में नया नहीं है। कच्ची शराब से लेकर नकली देशी और अंग्रेजी शराब तक यहां बन रही हैं। अमर उजाला कई बार इस अवैध शराब के कारोबार का स्टिंग कर खुलासा कर चुका है। लेकिन आबकारी विभाग हमेशा सेटिंग के खेल में चुप्पी साधकर बैठ जाता है। पिछले दिनों नकली अंग्रेजी शराब का खुलासा आबकारी विभाग ने किया। लेकिन यह शराब कैसे बनती है, इस पर किसी  अधिकारी ने आज तक बताने की कोशिश नहीं की।

नींद टूटती तो नहीं जाती 3 लोगों की जान 
50 दिन में जहरीली शराब का दूसरा मामला सामने आया है। यदि आबकारी विभाग की उसी समय नींद टूट गई होती तो जानी में तीन युवकों की जान नहीं जाती। किसी भी बड़ी घटना के होने पर आबकारी विभाग पूरी तरह अनजान बन जाता है। 20 जुलाई को रोहटा के डूंगर गांव में प्रधान पद के संभावित प्रत्याशियों द्वारा शराब बांटी गई थी। जिसे पीकर तेजपाल, सुधीर समेत तीन ग्रामीणों की मौत हो गई थी।
लखनऊ तक मामला गूंजने पर जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर अंकित खंडेलवाल को जांच के लिए मौके पर भेजा था। जिसमें आबकारी विभाग की लापरवाही सामने आने पर आबकारी के केवल एक इंस्पेक्टर को हटाया गया था। अब जानी क्षेत्र में जहरीली शराब से तीन लोगों की मौत का मामला भी शासन तक पहुंच गया है। 

जहरीली शराब से मौतों के पूर्व के मामले 
2015 -
प्रधानी चुनाव के दौरान गांवड़ी परतापुर में जहरीली शराब से कई लोगों की मौत 
2018 - भावनपुर क्षेत्र के जयभीम नगर में युवक की मौत
फरवरी 2019- सदर के रजबन इलाके में एक व्यक्ति की जान गई
मार्च 2019- टीपी नगर में होली पर एक व्यक्ति की मौत 
जुलाई 2020- रोहटा के डूंगर गांव में जहरीली शराब से 3 लोगों की मौत

सामूहिक अभियान चलेगा
जहरीली शराब से हुई मौत बड़ा मामला है। इसमें आबकारी विभाग से जवाब तलब किया गया है। अवैध शराब बनाने के सभी ठिकानों पर सामूहिक अभियान चलाया जाएगा और कड़ी कार्रवाई तय होगी। -अनिल ढींगरा, जिलाधिकारी मेरठ

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