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अखिलेश यादव का दांव: जयंत चौधरी की रैली से पहले पूर्व सीएम की 2027 की बिसात पर पहली चाल, हिंदू-मुस्लिम समीकरण
Thu, 03 Sep 2026 10:45 AM IST
Sharukh Khan
विनीत तोमर, अमर उजाला, सहारनपुर
विनीत तोमर, अमर उजाला, सहारनपुर
Published by: Sharukh Khan
Updated Thu, 03 Sep 2026 10:45 AM IST
सार
अखिलेश यादव ने 2027 की बिसात पर पहली चाल चल दी है। रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी की प्रस्तावित स्वाभिमान रैली से ठीक एक दिन पहले अखिलेश यादव ने सहारनपुर पहुंचकर पदाधिकारियों की नब्ज टटोली। इस दौरान हिंदू-मुस्लिम समीकरण पर जोर रहा। टिकट के दावेदारों ने भी दम दिखाया।
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Akhilesh Yadav
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का बुधवार को जिले में दौरा महज पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मुलाकात तक सीमित नहीं रहा। रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी की तीन सितंबर को रामपुर मनिहारान में प्रस्तावित स्वाभिमान रैली से ठीक एक दिन पहले सपा अध्यक्ष का सहारनपुर पहुंचना पश्चिमी यूपी की सियासत में कई संदेश छोड़ गया।
अखिलेश ने संगठन की नब्ज टटोलने के साथ हिंदू-मुस्लिम सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश की। 2027 की बिसात पर जिले में अखिलेश की यह पहली चाल मानी जा रही है। अखिलेश यादव पहले सपा के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी रुद्रसैन और चौधरी इंद्रसैन के आवास पर पहुंचे।
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अखिलेश ने संगठन की नब्ज टटोलने के साथ हिंदू-मुस्लिम सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश की। 2027 की बिसात पर जिले में अखिलेश की यह पहली चाल मानी जा रही है। अखिलेश यादव पहले सपा के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी रुद्रसैन और चौधरी इंद्रसैन के आवास पर पहुंचे।
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इससे पहले उन्होंने स्टेट बैंक कॉलोनी स्थित सिद्धि विनायक मंदिर में पूजा की। इसके बाद उन्होंने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और विधानसभा चुनाव को लेकर उत्साह भरा। इसके बाद वह पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान के आवास पर पहुंचे।
दोनों स्थानों पर कार्यकर्ताओं से मुलाकात का राजनीतिक संदेश साफ था कि सपा चुनाव से पहले संगठन को सक्रिय करने के साथ अपने सामाजिक आधार को भी मजबूत करना चाहती है।
चौधरी रुद्रसैन के आवास पर पहुंचकर अखिलेश ने हिंदू, किसान और पिछड़े वर्गों से जुड़े सामाजिक समीकरण को साधने का संकेत दिया, वहीं हाजी फजलुर्रहमान के घर पहुंचकर मुस्लिम मतदाताओं के बीच अपने आधार को मजबूत रखने का संदेश दिया। सपा के लिए पश्चिमी यूपी में यही व्यापक सामाजिक गठजोड़ चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा है।
दौरे का एक बड़ा पहलू विधानसभा टिकट भी है। 2027 का चुनाव करीब आते ही सहारनपुर की सातों विधानसभा सीटों पर सपा में टिकट के दावेदार सक्रिय हैं। अखिलेश का कार्यकर्ताओं और प्रमुख नेताओं के घर पहुंचना संभावित प्रत्याशियों के लिए भी शक्ति प्रदर्शन का मौका बना।
दावेदारों ने शहर को होर्डिंग्स और पोस्टरों से पाटा
दावेदारों ने शहर को होर्डिंग्स और पोस्टरों से पाट दिया। वहीं, जयंत चौधरी की रैली ने टिकट और सीटों के समीकरण को और दिलचस्प बना दिया है। रामपुर मनिहारान में रालोद का शक्ति प्रदर्शन इस बात का संकेत देगा कि पार्टी पश्चिमी यूपी में किन सीटों पर अपनी राजनीतिक दावेदारी मजबूत करना चाहती है।
दावेदारों ने शहर को होर्डिंग्स और पोस्टरों से पाट दिया। वहीं, जयंत चौधरी की रैली ने टिकट और सीटों के समीकरण को और दिलचस्प बना दिया है। रामपुर मनिहारान में रालोद का शक्ति प्रदर्शन इस बात का संकेत देगा कि पार्टी पश्चिमी यूपी में किन सीटों पर अपनी राजनीतिक दावेदारी मजबूत करना चाहती है।
ऐसे में सपा के लिए चुनौती केवल भाजपा से मुकाबले की नहीं, बल्कि सहयोगी दलों के साथ सीटों के संभावित बंटवारे में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखने की भी होगी। यही वजह है कि जयंत की रैली से पहले अखिलेश का सहारनपुर दौरा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है।
पिछले चुनाव में बेइमानी न होती तो धर्म सिंह सैनी विधायक होते
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि उस समय बेमानी न होती तो नकुड़ से चुनाव लड़े धर्म सिंह सैनी विधायक होते। इसी तरह अन्य जनपदों में भी सपा प्रत्याशी हरा दिए गए। वह पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान के निवास पर बातचीत कर रहे थे। उन्होंने 2027 के चुनाव में अपनी पार्टी की रणनीति और एजेंडे के बारे में भी बताया।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि उस समय बेमानी न होती तो नकुड़ से चुनाव लड़े धर्म सिंह सैनी विधायक होते। इसी तरह अन्य जनपदों में भी सपा प्रत्याशी हरा दिए गए। वह पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान के निवास पर बातचीत कर रहे थे। उन्होंने 2027 के चुनाव में अपनी पार्टी की रणनीति और एजेंडे के बारे में भी बताया।
उन्होंने कहा कि जो लोग समाजवादी पार्टी में आएंगे उन्हें सरकार बनने पर पूरा सम्मान दिया जाएगा। यदि वह चुनाव जीत सकते हैं तो उस पर भी पार्टी विचार करेगी कि उन्हें चुनाव लड़ाया जाए। कहा कि यदि उनकी पार्टी की सरकार बनती है तो युवाओं की शिक्षा और रोजगार पर काम करेगी। बिजली सस्ती करेंगे और महंगाई पर अंकुश लगाने का काम करेंगे।
सहारनपुर में जो कारोबार बंद हो गए हैं, साथ ही अमेरिकी पाबंदियों से जो कारोबार और खेती प्रभावित हुई है उसे सुधारा जाएगा। कहा कि इस बार सरकार बनाने में सहारनपुर का बड़ा योगदान रहेगा। उन्होंने कहा कि पीडीए भाजपा का मुकाबला कर रहा है। इसीलिए भाजपा को जिताने वालों के पेट में दर्द हो रहा है। बता दें, कि 2022 के चुनाव में धर्म सिंह सैनी सपा के टिकट पर मैदान में थे।
24 घंटे के भीतर करेंगे गन्ने का भुगतान
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सहारनपुर और आसपास के जनपद गन्ने का क्षेत्र है। पार्टी ने तय किया है कि सरकार बनने के बाद किसानों के गन्ने का भुगतान 24 घंटे में किया जाएगा उसे 48 घंटे भी नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह गन्ने के साथ ही एथनॉल का भी इलाका है। कोई व्हीकल कंपनी एथनॉल के इस्तेमाल से गाड़ी के मेंटेनेंस और माइलेज की गारंटी नहीं दे रही है। चीनी महंगी हुई है। यदि महंगाई का मुनाफा किसान को मिले तो वह खुशहाल होगा।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सहारनपुर और आसपास के जनपद गन्ने का क्षेत्र है। पार्टी ने तय किया है कि सरकार बनने के बाद किसानों के गन्ने का भुगतान 24 घंटे में किया जाएगा उसे 48 घंटे भी नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह गन्ने के साथ ही एथनॉल का भी इलाका है। कोई व्हीकल कंपनी एथनॉल के इस्तेमाल से गाड़ी के मेंटेनेंस और माइलेज की गारंटी नहीं दे रही है। चीनी महंगी हुई है। यदि महंगाई का मुनाफा किसान को मिले तो वह खुशहाल होगा।
मौसम की वजह से नहीं हो सकी रैली
पिछले दिनों अखिलेश यादव की दिल्ली रोड पर रैली होनी थी, जो स्थागित कर दी गई थी। रैली स्थागित करने के पीछे चवन्नी वाला बयान माना जा रहा था। बुधवार को जब अखिलेश यादव सहारनपुर थे तो पत्रकारों से रैली स्थागित करने की वजह पूछी तो उन्होंने बताया कि छह सितंबर को मौसम विभाग ने बारिश की संभावना बता रखी है। ऐसे में स्थागित करनी पड़ी, जो अब चुनाव के दौरान होगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी को लगता है कि रैली उनकी वजह से टली है तो वह रैली कर लें और सैटेलाइट से देख लें किसकी रैली में अधिक लोग पहुंचते हैं।
पिछले दिनों अखिलेश यादव की दिल्ली रोड पर रैली होनी थी, जो स्थागित कर दी गई थी। रैली स्थागित करने के पीछे चवन्नी वाला बयान माना जा रहा था। बुधवार को जब अखिलेश यादव सहारनपुर थे तो पत्रकारों से रैली स्थागित करने की वजह पूछी तो उन्होंने बताया कि छह सितंबर को मौसम विभाग ने बारिश की संभावना बता रखी है। ऐसे में स्थागित करनी पड़ी, जो अब चुनाव के दौरान होगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी को लगता है कि रैली उनकी वजह से टली है तो वह रैली कर लें और सैटेलाइट से देख लें किसकी रैली में अधिक लोग पहुंचते हैं।
यहां भी पहुंचे अखिलेश यादव
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पूर्व विधायक मनोज चौधरी और पूर्व राज्य मंत्री विनोद तेजियान के घर भी पहुंचे। यानी एक ही दिन में चार नेताओं के घरों पर पहुंचकर उन्होंने जातीय समीकरण साधने की कोशिश की।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पूर्व विधायक मनोज चौधरी और पूर्व राज्य मंत्री विनोद तेजियान के घर भी पहुंचे। यानी एक ही दिन में चार नेताओं के घरों पर पहुंचकर उन्होंने जातीय समीकरण साधने की कोशिश की।
जगह-जगह हुआ स्वागत
पूर्व मुख्यमंत्री हवाई जहाज से सरसावा एयरपोर्ट पर उतरे। सांसद इकरा हसन, विधायक आशु मलिक और विधायक अतुल प्रधान उनके साथ लखनऊ से आए। यहां पर अखिलेश यादव के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में सपा नेता एयरपोर्ट पर पहुंचे थे। वहां से उनका काफिला हाईवे से होते हुए चुन्हेटी फाटक और दिल्ली रोड से स्टेट बैंक कॉलोनी पहुंचा। जगह-जगह अखिलेश यादव का स्वागत किया गया।
पूर्व मुख्यमंत्री हवाई जहाज से सरसावा एयरपोर्ट पर उतरे। सांसद इकरा हसन, विधायक आशु मलिक और विधायक अतुल प्रधान उनके साथ लखनऊ से आए। यहां पर अखिलेश यादव के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में सपा नेता एयरपोर्ट पर पहुंचे थे। वहां से उनका काफिला हाईवे से होते हुए चुन्हेटी फाटक और दिल्ली रोड से स्टेट बैंक कॉलोनी पहुंचा। जगह-जगह अखिलेश यादव का स्वागत किया गया।
प्रमुख रूप से यह नेता रहे मौजूद
अखिलेश यादव के कार्यक्रमों में विधायक उमर अली खान, विधायक आशु मलिक, विधायक नाहिद हसन, जिलाध्यक्ष अब्दुल वाहिद, पूर्व विधायक वीरेंद्र ठाकुर, पूर्व विधायक माविया अली, मजाहिर हसन, मजाहिर मुखिया, कार्तिकेय राणा, जिला पंचायत सदस्य ममता चौधरी, रूही अंजुम आदि रहीं।
अखिलेश यादव के कार्यक्रमों में विधायक उमर अली खान, विधायक आशु मलिक, विधायक नाहिद हसन, जिलाध्यक्ष अब्दुल वाहिद, पूर्व विधायक वीरेंद्र ठाकुर, पूर्व विधायक माविया अली, मजाहिर हसन, मजाहिर मुखिया, कार्तिकेय राणा, जिला पंचायत सदस्य ममता चौधरी, रूही अंजुम आदि रहीं।