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घातक हुआ वायु प्रदूषण, बागपत में एक्यूआई 457, लोगों का सांस लेना दूभर, आंखों की परेशानियां बढ़ीं

Thu, 05 Nov 2020 08:48 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 05 Nov 2020 08:48 PM IST
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Air pollution increase in Baghpt, AQI reached 457, people face eye problems increasing
pollution - फोटो : अमर उजाला

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में बढ़ता हुआ वायु प्रदूषण लोगों के लिए घातक हो रहा है। गुरूवार को जिले का एक्यूआई 457 पहुंच गया। इससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत और आंखों की परेशानियां बढ़ रही है। प्रदूषण के कारण अस्पतालों में मरीज भी बढ़ने शुरू हो गए हैं। 

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जिले में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण के कारण सुबह व शाम को धुंध छाई रहती है। लोगों को कोहरे का आभास होने लगा है। प्रदूषित हवा में लोगों को गले व सांस लेने में परेशानी हो रही है। सीएचसी पर सांस, दमा, गला, फेफड़ो व आंखों का इलाज कराने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है। सीएचसी पर प्रतिदिन 20 से 30 मरीज सांस व गले की बीमारी से ग्रसित आ रहे है।
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इनके अलावा आंखों व फेफड़ों के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। सीएचसी अधीक्षक डॉ विभाष राजपूत का कहना है कि वायु प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर फेफड़े, आंखों के मरीज बढ़ रहे है। प्रदूषण के कारण लोगों की आंखों में जलन, खुजली व एजर्ली की परेशानी हो रही है।

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देहात में जलाया जा रहा कूड़ा, लोगों का निकला दूभर 
बागपत। देहात क्षेत्र में जलाए जा रहे कूड़े से जिले की हवा दूषित हो रही है। प्रदूषण के कारण लोगों का निकलना दूभर है। बृहस्पतिवार को निवाड़ा गांव में ग्रामीणों ने कूड़े के ढेर में आग लगा दी। इससे राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। 

ठंड बढ़ने से बढ़ेगा प्रदूषण का स्तर 
आईआईटी दिल्ली में मौसम विज्ञान केंद्र के स्कॉलर अग्रिम तोमर ने बताया कि उन्होंने जिले के प्रदूषण पर अध्ययन किया। क्षेत्र का एक्यूआई 350 से 400 के बीच है। ठंड बढ़ने पर हवा स्थिर हो जाएगी, जिससे प्रदूषण बढ़ेगा। कहना है कि वाहनों से 20 प्रतिशत प्रदूषण फैलता है। इतना ही प्रदूषण पराली से फैलता है। जबकि धूल एवं भट्टों के धुएं 56 प्रतिशत प्रदूषण होता है। प्रदूषण से खांसी, रक्तचाप का खतरा बढ़ता है। 

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