दिवाली से पहले जहरीली हुई हवा: वेस्ट यूपी में सुबह फिर छाया स्मॉग; बागपत का एक्यूआई 300 के पार पहुंचा
West UP Pollution: दिवाली से पहले वेस्ट यूपी की हवा लगातार खराब हो रही है। शुक्रवार सुबह बागपत का AQI 300, मेरठ का 265 और मुजफ्फरनगर का 230 दर्ज किया गया।
विस्तार
दिवाली से पहले ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर की हवा लगातार खराब होती जा रही है। शुक्रवार सुबह मेरठ, बागपत और मुजफ्फरनगर समेत आसपास के जिलों में स्मॉग की मोटी परत छाई रही। सुबह के समय सड़कों और खुले इलाकों में धुंध के साथ प्रदूषण का असर साफ दिखाई दिया। बागपत का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 300 दर्ज किया गया, जबकि मेरठ में यह 265 और मुजफ्फरनगर में 230 पर पहुंच गया। त्योहार से पहले ही बिगड़ती हवा ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
बागपत में सबसे खराब रही हवा, मेरठ भी प्रदूषण की चपेट में
शुक्रवार सुबह दर्ज किए गए आंकड़ों के अनुसार, बागपत का एक्यूआई 300 रहा। वहीं मेरठ में 265 और मुजफ्फरनगर में 230 दर्ज किया गया। तीनों जिलों में सुबह के समय स्मॉग का असर दिखाई दिया। खुले इलाकों और सड़कों पर धुंध की मोटी परत के कारण वातावरण में प्रदूषण महसूस किया गया।प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का खास असर नजर नहीं आ रहा है। हवा की गुणवत्ता लगातार बिगड़ने से लोगों की परेशानी बढ़ रही है।
सांस के मरीजों और बच्चों-बुजुर्गों को ज्यादा खतरा
हवा में प्रदूषक तत्वों की मात्रा बढ़ने से लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसका सबसे अधिक खतरा पहले से सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों, बच्चों और बुजुर्गों को है।
सुबह और शाम के समय स्मॉग का असर अधिक दिखाई दे रहा है। ऐसे में प्रदूषण के संपर्क में आने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ने की आशंका है।
ठंडक और हवा की कम गति से बढ़ रहा प्रदूषण
मौसम में ठंडक बढ़ने और हवा की गति कम रहने से प्रदूषक तत्व वातावरण में जमा हो रहे हैं। यही वजह है कि सुबह और शाम के समय प्रदूषण का असर अधिक महसूस किया जा रहा है। दिवाली से पहले ही हवा की गुणवत्ता खराब होने से लोगों की चिंता बढ़ गई है।
त्योहार पर आतिशबाजी के बाद प्रदूषण का स्तर और बढ़ने की आशंका है। ऐसे में आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता पर नजर बनी रहेगी।