भड़काऊ भाषण मामला: शौकत अली ने बयान विवाद पर दी सफाई, बोले-मकसद उकसाना नहीं था, गलत पेश किया
मेरठ में दिए गए बयान पर विवाद के बाद एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया और उनका मकसद किसी को उकसाना नहीं था।
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आजमगढ़ मेरठ में दिए गए बयान को लेकर उठे विवाद के बीच एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने बृहस्पतिवार को सफाई दी। कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि उनका मकसद किसी को उकसाना नहीं, बल्कि समाज के अधिकारों की बात उठाना था।
बता दें कि मेरठ में आयोजित ईद मिलन समारोह के दौरान शौकत अली ने मंच से कहा था कि यदि उनकी पार्टी को 11 विधायक मिल जाते हैं, तो मुसलमानों का एनकाउंटर करने वालों का ही एनकाउंटर कर दिया जाएगा। इस बयान के सामने आते ही राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई।
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आजमगढ़ के माहुल स्थित अपने पैतृक आवास पर मीडिया से बातचीत में शौकत अली ने कहा कि प्राथमिकी ही दर्ज हुई है, कोई एनकाउंटर तो नहीं हुआ। मीडिया ने उनके बयान को आधा-अधूरा दिखाकर विवाद खड़ा किया। उन्होंने सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि मुसलमानों का बड़ा वर्ग सपा को वोट देता है, लेकिन जब उनके मुद्दों की बात आती है तो जिम्मेदारी से बचा जाता है। हमारी पार्टी को सीमित संख्या में विधायक भी मिलते हैं तो वे हक की लड़ाई मजबूती से लड़ेंगे।
शौकत बोले- राजभर को इतिहास की जानकारी नहीं
प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर द्वारा उन्हें अनपढ़ और जाहिल कहे जाने पर शौकत अली ने संयमित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह मेरे बड़े भाई हैं, उनकी बात का मुझे कोई एतराज नहीं है, लेकिन उन्हें आजमगढ़ के गौरवशाली इतिहास की जानकारी नहीं है। आजमगढ़ के लोग कभी डरपोक नहीं रहे हैं। उन्होंने 1857 की आजादी की लड़ाई में जिले के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां के लोगों ने हमेशा साहस और संघर्ष का परिचय दिया है।