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कांवड़ यात्रा : उत्तराखंड बॉर्डर पर शिवभक्तों की भीड़ का आंकड़ा जुटाएगा एआई सीसीटीवी
Fri, 04 Jul 2025 12:03 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Fri, 04 Jul 2025 12:03 AM IST
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नजीबाबाद क्षेत्र में कांवड यात्रा मार्ग पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरे। स्रोत पुलिस
- फोटो : mathura
बिजनौर/नजीबाबाद। सावन माह की कांवड़ यात्रा के लिए पुलिस और प्रशासन तैयारियों में जुटा है। अबकी बार उत्तराखंड बार्डर एआई सीसीटीवी लगाया गया है, जो कि कांवड़ियोें की गिनती के साथ-साथ हर गतिविधि पर नजर रखेगा। एआई के अलावा सात कांवड़ मार्गों पर 570 सीसीटीवी हैं, सभी को कंट्रोल से जोड़ा गया है। वहीं ट्रैफिक डायवर्जन का खाका भी तैयार कर लिया गया है, जिसके छह जून की शाम से लागू होने की संभावना है।
सावन की शिवरात्रि के साथ-साथ प्रत्येक सोमवार को शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल लाकर अपने-अपने इलाकों के शिवालयों में जलाभिषेक करते हैं। ऐसे में हरिद्वार काशीपुर हाईवे के साथ-साथ बिजनौर की अन्य छह सड़कों पर दवाब बढ़ जाता है। लाखों कांवड़ियां सावन में हरिद्वार से गंगाजल भरकर बिजनौर से होकर गुजरता है।
जिसके लिए शिवभक्तों को सुरक्षित आवागमन देने की व्यवस्थाएं की जा रही हैं। नजीबाबाद-हरिद्वार मुख्य मार्ग पर यात्रा के दौरान भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा। प्रशासन ने शुरुआती दौर में नजीबाबाद से हरिद्वार दिशा में जाने वाले भारी वाहनों को नहर पटरी मार्ग तक सीमित रखने का फैसला लिया है। शिवभक्तों की संख्या बढ़ने पर प्रशासन ने पिछले वर्ष नजीबाबाद रोडवेज बसों और अन्य वाहनों का संचालन नजीबाबाद बिजनौर वाया मुजफ्फरनगर किया था। हालांकि अभी ट्रैफिक डायवर्जन प्लान को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
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हादसों को रोकने के लिए अबकी बार ठोस रणनीति : कांवड़ यात्रा में हादसों पर लगाम लगाने के लिए अबकी बार ठोस रणनीति बनी है। रात के अंधेरे में सड़क किनारे खड़े पेड़ और बिजली के पोल नजर नहीं आते हैं, इससे निपटने के लिए पेड़ और बिजली के पोल पर रिफेलक्टर लगाए गए हैं।
बृहस्पतिवार को यातायात उप निरीक्षक रवि नैन के नेतृत्व में रिफलेक्टर लगाए गए।
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सावन की शिवरात्रि के साथ-साथ प्रत्येक सोमवार को शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल लाकर अपने-अपने इलाकों के शिवालयों में जलाभिषेक करते हैं। ऐसे में हरिद्वार काशीपुर हाईवे के साथ-साथ बिजनौर की अन्य छह सड़कों पर दवाब बढ़ जाता है। लाखों कांवड़ियां सावन में हरिद्वार से गंगाजल भरकर बिजनौर से होकर गुजरता है।
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जिसके लिए शिवभक्तों को सुरक्षित आवागमन देने की व्यवस्थाएं की जा रही हैं। नजीबाबाद-हरिद्वार मुख्य मार्ग पर यात्रा के दौरान भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा। प्रशासन ने शुरुआती दौर में नजीबाबाद से हरिद्वार दिशा में जाने वाले भारी वाहनों को नहर पटरी मार्ग तक सीमित रखने का फैसला लिया है। शिवभक्तों की संख्या बढ़ने पर प्रशासन ने पिछले वर्ष नजीबाबाद रोडवेज बसों और अन्य वाहनों का संचालन नजीबाबाद बिजनौर वाया मुजफ्फरनगर किया था। हालांकि अभी ट्रैफिक डायवर्जन प्लान को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
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हादसों को रोकने के लिए अबकी बार ठोस रणनीति : कांवड़ यात्रा में हादसों पर लगाम लगाने के लिए अबकी बार ठोस रणनीति बनी है। रात के अंधेरे में सड़क किनारे खड़े पेड़ और बिजली के पोल नजर नहीं आते हैं, इससे निपटने के लिए पेड़ और बिजली के पोल पर रिफेलक्टर लगाए गए हैं।
बृहस्पतिवार को यातायात उप निरीक्षक रवि नैन के नेतृत्व में रिफलेक्टर लगाए गए।