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भीख मांगने वाले बच्चों की कॉउंसलिंग करेगी एएचटीयू
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मेरठ।
शहर में भिखारियों की संख्या बढ़ने के बाद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) सक्रिय हो गई है। सड़कों पर छोटे बच्चों की मौजूदगी बढ़ने पर एएचटीयू की ओर से विशेष अभियान की शुरुआत की गई है।
शहर में अभी तक चुनिंदा स्थानों पर ही भिखारी गुटों में दिखाई देते थे। पिछले कुछ समय में इनकी संख्या बढ़ी है। खास बात यह है कि छोटे बच्चे भी भीख मांगते दिखने लगे हैं। इस पर गंभीरता दिखाते हुए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने निगरानी का शेड्यूल तैयार किया है। यूनिट शहर के प्रमुख स्थान पर निगरानी कर भिखारियों की जानकारी जुटाने का काम करेगी। अभियान के दौरान यह भी देखा जाएगा कि जो बच्चा भीख मांग रहा है, वह अपने परिवार के साथ है या नहीं। कहीं कोई गिरोह तो बच्चों को भीख मांगने के लिए मजबूर कर रहा है।
संस्था के साथ चलेगा अभियान
योजना के तहत टीमें एक सप्ताह तक पूरे शहर में काउंसिलिंग करेंगी। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सदस्य भी बच्चों से बात करेंगे। इस बातचीत का पूरा विवरण तैयार कर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समक्ष रखा जाएगा। एएचटीयू ने रेलवे स्टेशन, शहर के सभी बस अड्डे, बड़े मंदिर के अलावा उन स्थानों को भी चिन्हित किया है, जहां भीख मांगने वाले लोग रहते हैं। बच्चों की काउंसिलिंग के दौरान पुलिस वर्दी में नहीं रहेगी।
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इस अभियान का उद्देश्य यह देखना है कि मामला ह्यूमन ट्रैफिकिंग से तो जुड़ा नहीं है। इसमें भीख मांगने वाले बच्चे से बात कर हकीकत को जानने का प्रयास किया जाएगा। फिलहाल शहर के प्रमुख स्थान चिन्हित किए गए हैं। - बृजेश शर्मा, प्रभारी, एएचटीयू
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शहर में भिखारियों की संख्या बढ़ने के बाद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) सक्रिय हो गई है। सड़कों पर छोटे बच्चों की मौजूदगी बढ़ने पर एएचटीयू की ओर से विशेष अभियान की शुरुआत की गई है।
शहर में अभी तक चुनिंदा स्थानों पर ही भिखारी गुटों में दिखाई देते थे। पिछले कुछ समय में इनकी संख्या बढ़ी है। खास बात यह है कि छोटे बच्चे भी भीख मांगते दिखने लगे हैं। इस पर गंभीरता दिखाते हुए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने निगरानी का शेड्यूल तैयार किया है। यूनिट शहर के प्रमुख स्थान पर निगरानी कर भिखारियों की जानकारी जुटाने का काम करेगी। अभियान के दौरान यह भी देखा जाएगा कि जो बच्चा भीख मांग रहा है, वह अपने परिवार के साथ है या नहीं। कहीं कोई गिरोह तो बच्चों को भीख मांगने के लिए मजबूर कर रहा है।
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संस्था के साथ चलेगा अभियान
योजना के तहत टीमें एक सप्ताह तक पूरे शहर में काउंसिलिंग करेंगी। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सदस्य भी बच्चों से बात करेंगे। इस बातचीत का पूरा विवरण तैयार कर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समक्ष रखा जाएगा। एएचटीयू ने रेलवे स्टेशन, शहर के सभी बस अड्डे, बड़े मंदिर के अलावा उन स्थानों को भी चिन्हित किया है, जहां भीख मांगने वाले लोग रहते हैं। बच्चों की काउंसिलिंग के दौरान पुलिस वर्दी में नहीं रहेगी।
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इस अभियान का उद्देश्य यह देखना है कि मामला ह्यूमन ट्रैफिकिंग से तो जुड़ा नहीं है। इसमें भीख मांगने वाले बच्चे से बात कर हकीकत को जानने का प्रयास किया जाएगा। फिलहाल शहर के प्रमुख स्थान चिन्हित किए गए हैं। - बृजेश शर्मा, प्रभारी, एएचटीयू