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कृषि दर्शन: अगेती गोभी की खेती कर आमदनी बढ़ाएं किसान, यहां जानें समस्या का समाधान
Tue, 14 Jul 2020 12:48 AM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Tue, 14 Jul 2020 12:48 AM IST
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फूल गोभी
- फोटो : अमर उजाला
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अगेती गोभी की खेती कर किसान अच्छा लाभ कमा सकते हैं। गोभी की खेती अब पूरे वर्ष की जाती है। वैज्ञानिक तरीके से अगेती खेती कर किसान अच्छा उत्पादन ले सकते हैं। एसोसिएटस प्रो. डा. एसके लोधी के मुताबिक, गोभी की खेती किसानों के लिए फायदे का सौदा है। किसान इसकी अगेती खेती करें ताकि वह अपनी आमदनी को बढ़ा सकें।
मिटटी:
यह फसल रेतली दोमट से चिकनी किसी भी तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है। देर से बीजने वाली किस्मों के लिए चिकनी दोमट मिट्टी को तरजीह दी जाती है। जल्दी पकने वाली के लिए रेतली दोमट का प्रयोग करें। मिट्टी का पीएच 6.7 होनी चाहिए। मिट्टी का पीएच बढ़ाने के लिए उसमें चूना डाला जा सकता है।
बिजाई का समय:
अगेती किस्मों के लिए जून-जुलाई रोपाई के लिए सबसे अच्छा समय है। अगेती किस्मों के लिए 45-45 सेमी का फासला होना चाहिए। बीजों को 1-2 सेेमी की गहराई पर बोएं। बिजाई के लिए डिबलिंग विधि और रोपण विधि का प्रयोग किया जाता है। नर्सरी में बीजों को बोएं और आवश्यकतानुसार खाद और सिंचाई दें। बिजाई के 25-30 दिन बाद पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं। इनकी रोपाई कर दें।
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मिटटी:
यह फसल रेतली दोमट से चिकनी किसी भी तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है। देर से बीजने वाली किस्मों के लिए चिकनी दोमट मिट्टी को तरजीह दी जाती है। जल्दी पकने वाली के लिए रेतली दोमट का प्रयोग करें। मिट्टी का पीएच 6.7 होनी चाहिए। मिट्टी का पीएच बढ़ाने के लिए उसमें चूना डाला जा सकता है।
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बिजाई का समय:
अगेती किस्मों के लिए जून-जुलाई रोपाई के लिए सबसे अच्छा समय है। अगेती किस्मों के लिए 45-45 सेमी का फासला होना चाहिए। बीजों को 1-2 सेेमी की गहराई पर बोएं। बिजाई के लिए डिबलिंग विधि और रोपण विधि का प्रयोग किया जाता है। नर्सरी में बीजों को बोएं और आवश्यकतानुसार खाद और सिंचाई दें। बिजाई के 25-30 दिन बाद पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं। इनकी रोपाई कर दें।
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बीज की मात्रा:
अगेती मौसम की किस्मों के लिए 500 ग्राम बीज की प्रति एकड़ में आवश्यकता होती है। बिजाई से पहले गर्म पानी (30 मिनट के लिए 50 डिग्री सेल्सियस) या स्ट्रैप्टोसाइक्लिन 0.01 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर 2 घंटे के लिए बीजों को इस घोल में भिगोकर रखें। उपचार के बाद बीजों को छांव में सुखाएं और फिर उन्हें बो दें। रबी के मौसम में काली फंगस का हमला ज्यादा होता है।
इसकी रोकथाम के लिए मरकरी क्लोराइड से बीजों का उपचार करना जरूरी होता है। मरकरी क्लोराइड 1 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर 30 मिनट के लिए बीजों को इस घोल में भिगोकर रखें और फिर छांव में सुखाएं। रेतली मिट्टी में ये फसल उगाने से तना गलन का खतरा रहता है। इसके लिए कार्बनडाजिम 50 प्रतिशत डब्ल्यूपी 3 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें।
कटाई: पूरा फूल विकसित होने पर सुबह के समय फूलों की कटाई की जा सकती है। कटाई के बाद फूलों को ठंडी जगह पर रखना चाहिए।
सवाल-जवाब: डा. सतेंद्र कुमार खारी, प्रोफेसर उद्यान-नोडल ऑफिसर कृषि तकनीकी सूचना केंद्र कृषि विवि
प्रश्न - धान की रोपाई से पहले हरी खाद की जुताई कब करें। -राजेश, महलका
उत्तर - यदि हरी खाद का प्रयोग करना हो तो तीन दिन पूर्व उसे मिट्टी पलटने वाले हल से पलटकर सड़ने के लिए खेत में पानी भर दें।
प्रश्न - धान की रोपाई कब करें। -श्रीराम, जानसठ
उत्तर - धान की मध्यम एवं देर से पकने वाली प्रजातियों की रोपाई जुलाई माह के प्रथम पखवाड़े में पूरी कर लें।
अगेती मौसम की किस्मों के लिए 500 ग्राम बीज की प्रति एकड़ में आवश्यकता होती है। बिजाई से पहले गर्म पानी (30 मिनट के लिए 50 डिग्री सेल्सियस) या स्ट्रैप्टोसाइक्लिन 0.01 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर 2 घंटे के लिए बीजों को इस घोल में भिगोकर रखें। उपचार के बाद बीजों को छांव में सुखाएं और फिर उन्हें बो दें। रबी के मौसम में काली फंगस का हमला ज्यादा होता है।
इसकी रोकथाम के लिए मरकरी क्लोराइड से बीजों का उपचार करना जरूरी होता है। मरकरी क्लोराइड 1 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर 30 मिनट के लिए बीजों को इस घोल में भिगोकर रखें और फिर छांव में सुखाएं। रेतली मिट्टी में ये फसल उगाने से तना गलन का खतरा रहता है। इसके लिए कार्बनडाजिम 50 प्रतिशत डब्ल्यूपी 3 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें।
कटाई: पूरा फूल विकसित होने पर सुबह के समय फूलों की कटाई की जा सकती है। कटाई के बाद फूलों को ठंडी जगह पर रखना चाहिए।
सवाल-जवाब: डा. सतेंद्र कुमार खारी, प्रोफेसर उद्यान-नोडल ऑफिसर कृषि तकनीकी सूचना केंद्र कृषि विवि
प्रश्न - धान की रोपाई से पहले हरी खाद की जुताई कब करें। -राजेश, महलका
उत्तर - यदि हरी खाद का प्रयोग करना हो तो तीन दिन पूर्व उसे मिट्टी पलटने वाले हल से पलटकर सड़ने के लिए खेत में पानी भर दें।
प्रश्न - धान की रोपाई कब करें। -श्रीराम, जानसठ
उत्तर - धान की मध्यम एवं देर से पकने वाली प्रजातियों की रोपाई जुलाई माह के प्रथम पखवाड़े में पूरी कर लें।
प्रश्न - धान की रोपाई से पूर्व जिंक कितना डालें। - पीतम सिंह, जौला
उत्तर - धान की रोपाई से पूर्व 25 किलोग्राम जिंक सल्फेट प्रति हेक्टेयर की दर से खेत में मिला दें। परंतु ध्यान रहे कि फास्फोरस वाले उर्वरक के साथ सल्फेट कभी न मिलाएं।
प्रश्न - ज्वार की बुवाई कब करें। - लालू, मवाना
उत्तर - ज्वार की बुवाई जुलाई के प्रथम पखवाड़े में पूरी कर लें। ज्वार की बुवाई के लिए प्रति हेक्टेयर 12 से 15 किलोग्राम बीज की आवश्यकता होती है।
प्रश्न - मूंग की बुवाई के समय खाद की कितनी मात्रा डालें। - राजपाल, लाडपुर
उत्तर - मूंग की बुवाई के समय प्रति हेक्टेयर 15 किलोग्राम नाइट्रोजन, 40 किलोग्राम फास्फोरस तथा 20 किलोग्राम गंधक का प्रयोग अवश्य करें।
प्रश्न - बैंगन की बुवाई कब करें। - हरि सिंह, कूड़ी
उत्तर - बैंगन की बुवाई जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई के प्रथम सप्ताह में पूर्ण कर लेनी चाहिए।
प्रश्न - मूंगफली की बुवाई का उचित समय बताएं। - श्रीपाल, मेरठ
उत्तर - मूंगफली की बुवाई जुलाई के प्रथम सप्ताह तक कर लेनी चाहिए।
प्रश्न - आम के फलों को तोड़ने के बाद कितना खाद डालें। -नसीब, नानौता
उत्तर - आम के फलों की तुड़ाई के बाद फलदार वृक्षों में 500 किलोग्राम नाइट्रोजन प्रतिवर्ष की दर से प्रयोग कर सकते हैं।
उत्तर - धान की रोपाई से पूर्व 25 किलोग्राम जिंक सल्फेट प्रति हेक्टेयर की दर से खेत में मिला दें। परंतु ध्यान रहे कि फास्फोरस वाले उर्वरक के साथ सल्फेट कभी न मिलाएं।
प्रश्न - ज्वार की बुवाई कब करें। - लालू, मवाना
उत्तर - ज्वार की बुवाई जुलाई के प्रथम पखवाड़े में पूरी कर लें। ज्वार की बुवाई के लिए प्रति हेक्टेयर 12 से 15 किलोग्राम बीज की आवश्यकता होती है।
प्रश्न - मूंग की बुवाई के समय खाद की कितनी मात्रा डालें। - राजपाल, लाडपुर
उत्तर - मूंग की बुवाई के समय प्रति हेक्टेयर 15 किलोग्राम नाइट्रोजन, 40 किलोग्राम फास्फोरस तथा 20 किलोग्राम गंधक का प्रयोग अवश्य करें।
प्रश्न - बैंगन की बुवाई कब करें। - हरि सिंह, कूड़ी
उत्तर - बैंगन की बुवाई जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई के प्रथम सप्ताह में पूर्ण कर लेनी चाहिए।
प्रश्न - मूंगफली की बुवाई का उचित समय बताएं। - श्रीपाल, मेरठ
उत्तर - मूंगफली की बुवाई जुलाई के प्रथम सप्ताह तक कर लेनी चाहिए।
प्रश्न - आम के फलों को तोड़ने के बाद कितना खाद डालें। -नसीब, नानौता
उत्तर - आम के फलों की तुड़ाई के बाद फलदार वृक्षों में 500 किलोग्राम नाइट्रोजन प्रतिवर्ष की दर से प्रयोग कर सकते हैं।