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गेहूं में चूहों के प्रकोप से कैसे बचें, कृषि विशेषज्ञ से पूछें सवाल, जानें खेती से जुड़ी जानकारियां

Tue, 26 Nov 2019 10:25 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 26 Nov 2019 10:25 AM IST
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Agricultur news, How to avoid mice in wheat, agricultural experts will answer your questions
agricultural news - फोटो : अमर उजाला
प्रश्न: भारी मृदा में प्रति हेक्टेयर गेहूं में खाद की मात्रा क्या होगी (नकली सिंह, रामपुर मनिहारन)।
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उत्तर:   भारी मृदा में प्रति हेक्टेयर में 60 किग्रा नाइट्रोजन (132 किग्रा यूरिया) की टॉप डेऊसिंग पहली सिंचाई के 4-5 दिन बाद प्रयोग करें। 

प्रश्न: गेहूं में चूहों के प्रकोप से कैसे बचें (अमन अहलावत, शामली)।
उत्तर:  अगर गेहूं की फसल में चूहों का प्रकोप हो गया है तो फास्फाइड से बने चारे या एल्युमिनियम फास्फाइड की टिकिया बनाकर चूहों के बिल के आस-पास रख दें।

प्रश्न: सरसों में सफेद गेरुई के लक्षण दिखाई दें तो कैसे बचाव करें (फूले सिंह, गंगोह)
उत्तर: यदि सरसों की फसल में सफेद गेरुई या झुलसा रोग का प्रकोप हो गया है तो मेटालैक्सिल 80 प्रतिशत, मेन्कोजेब 64 प्रतिशत की 1.25 किग्रा मात्रा को 80 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव कर दें।

प्रश्न: चने में फूल आने से पहली सिंचाई कर सकते हैं क्या (प्रहलाद सिंह, नगीना)।
उत्तर: अगर हल्की दोमट मिट्टी है और उसमें चने की फसल उगाई जा रही है तो पहली सिंचाई कर सकते हैं।
 
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प्रश्न: लौकी, करेला की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर खाद की मात्रा कितनी डाले (जिले सिंह, मवाना, मेरठ)।
उत्तर: कद्दू एवं करेला की खेती की तैयारी करते समय प्रति हेक्टेयर 200-300 क्विंटल गोबर/कम्पोस्ट खाद का प्रयोग कर सकते हैं या 70-80 क्विंटल नादेप मृदा में मिला सकते हैं। 

प्रश्न: मैंथा की खेती में एक हेक्टेयर के लिए कितने सकर्स का उपयोग करें, उचित प्रजाति बताए (हरि सिंह,मेरठ)।
उत्तर: मैंथा की खेती में एक हेक्टेयर के लिए लगभग पांच क्विंटल सकर्स की आवश्यकता होती है। हाइब्रिड, शिवालिक, 77 कोसी एवं गोमती मैंथा उपयुक्त  प्रजाति है। 
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प्रश्न: चने के पत्ते झुलस रहे हैं। (भूला सिंह, नंगली)।
उत्तर: अगर चने के पत्ते झुलस रहे हैं तो यह झुलसा रोग है और प्रति हेक्टेयर दो किग्रा मैंकोजेब को 1000 लीटर पानी में घोलकर 10-10 दिन के अंतराल पर दो छिड़काव कर दें।

प्रश्न: आलू के सिंचाई, अंतराल एवं झुलसा एवं माहू रोग की रोकथाम कैसे करें (सुभाष, जानसठ)।
उत्तर: आलू की खेती में आवश्यकतानुसार 12-13 दिन के अंतर पर सिंचाई करते रहे एवं झुलसा एवं माहू रोग के रोकथाम के लिए मैंकोजेब 2 ग्राम और इमिडाक्लोप्रिड 0.5 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी में मिलाकर 10-15 दिन के अंतराल पर 2-3 छिड़काव कर दें।

प्रश्न: एक हेक्टेयर खेती के लिए टमाटर के बीज की मात्रा कितनी लें (शेर सिंह, बागपत)।
उत्तर: एक हेक्टेयर क्षेत्रफल के लिए 400 ग्राम उन्नत किस्म एवं संकर प्रजाति की किस्मों के लिए 200-250 ग्राम बीज की आवश्यकता होती है।

प्रश्न: प्याज के खेत में खरपतवार नियंत्रण कैसे करें (अतर सिंह, नांवला)।
उत्तर: प्याज में खरपतवार नियंत्रण के लिए रोपाई के 2 या 3 दिन बाद पेन्डेमेथेलीन की 3.4 लीटर की मात्रा 1000 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव कर दें।  

नोट: कृषि दर्शन कालम हर सोमवार को प्रकाशित होगा। किसान भाई अपनी खेती संबंधित समस्याएं हमें भेज सकते हैं, एक्सपर्ट कृषि विशेषज्ञों के सुझाव के साथ हम उन्हें प्रकाशित करेंगे।  हमारा व्हाट्सएप नंबर 
7617566168 या ईमेल करें:   mrt-cityreporter@mrt.amarujala.com  
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