इंतजार खत्म: दो साल बाद आज हुआ नौचंदी मेले का उद्घाटन, कोरोना के कारण नहीं हुआ था मेले का आयोजन
मेरठ के सुप्रसिद्ध नौचंदी मेले का आज दो साल बाद उद्घाटन किया गया। मेले के संचालन के लिए 14 सदस्यीय समिति गठित कर दी गई है।
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वर्षों पुराने नौचंदी मेले में एक तरफ नवचंडी देवी में पूजा अर्चना की जाती है, तो वहीं ठीक सामने ही बाले मियां की मजार पर चादरपोशी की जाती है। धार्मिक स्थलों के महत्व को देखते हुए मेला पूरे देश में प्रसिद्ध हैं। कई राज्यों से मेले में आने वाले कलाकार पटेल मंडप में हुनर दिखाते हैं।
इसके अलावा कई राज्यों के पारंपरिक स्टॉल भी लगाए जाते हैं। इस बार मेले में स्वयंसेवी संस्थाओं को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे मेले में महिलाएं भी अपने उत्पाद की बिक्री कर सकें। उद्घाटन समारोह में रंगारंग कार्यक्रम के लिए दिल्ली के कलाकारों को बुलाया जा रहा है।
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मेले के लिए गठित हुई समिति
मेले के संचालन के लिए 14 सदस्यीय समिति गठित कर दी गई है। इसमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, वरिष्ठ कवि हरिओम पंवार और एडीएम सिटी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और प्रबुद्ध लोगों को समिति में शामिल किया गया है। एक महीने तक चलने वाले मेले में यही समिति फैसला लेगी।
क्रांति नगरी की झलक में जगमग होंगे गेट
नौचंदी मेले की शुरुआत होने के बाद क्रांति नगरी की झलक देखने को मिलेगी। इसके लिए तिरंगा गेट, शंभूदास गेट, शहीद द्वार और इंदिरा गेट पर विशेष तौर पर सजावट की जाएगी। इसके अलावा एक खेल एक उत्पाद की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसमें सरकार ने मेरठ के खेल उत्पादों का चयन किया है।
यह रहा कार्यक्रम
शाम पांच बजे : नौचंदी मेला स्थल शहीद गेट पर कमिश्नर, आईजी, जिलाधिकारी, एसएसपी, सीडीओ का आगमन
शाम 5.10 बजे : शहीद द्वार के निकट मंदिर में गणेश जी पर माल्यार्पण और पूजा
शाम 5.20 बजे : शहीद द्वार पर नारियल फोड़ते हुए फीता काटकर गुब्बारे और कबूतर उड़ाकर मेला कार्यक्रम का उद्घाटन
शाम 5.30 बजे : अतिथियों द्वारा मेला स्थल पर पांचों महापुरुषों की मूर्तियों पर माल्यार्पण
शाम छह बजे : मां नवचंडी देवी मंदिर में पूजा-अर्चना
शाम 6.30 बजे : बाले मियां की मजार पर चादरपोशी
शाम सात बजे : शहीद द्वार पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए दीप प्रज्ज्वलन
शाम 8.30 बजे : सांस्कृतिक कार्यक्रम की समाप्ति