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पहले सपा और अब भाजपा नेता के संरक्षण में विजय धामा

Mon, 08 Jul 2019 02:03 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jul 2019 02:03 AM IST
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After the SP, hooliganism under the patronage of BJP leaders
मेरठ। प्रधान पुत्र का हत्या आरोपी विजय धामा पहले सपा और अब भाजपा नेताओं के संरक्षण में गुंडागर्दी कर रहा है। खुद को भाजपा का प्रत्याशी बताकर जिला पंचायत वार्ड 34 का उपचुनाव लड़ा। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार विजय धामा का करीब आठ साल से जिले में गुंडाराज चल रहा है। दो बार वह जिला बदर हो चुका है। रंगदारी मांगने, जानलेना हमला, पुलिस से हाथापाई समेत कई मुकदमे विजय पर पहले से दर्ज हैं।
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अनित गुर्जर के हत्यारोपी विजय धामा की गुंडागर्दी चौधरी चरणसिंह विश्वविद्यालय से शुरू हुई। पुलिस के अनुसार सन 2011 में मेडिकल कॉलेज के पास एक्सिस बैंक के एटीएम से 33 लाख की लूट विजय धामा के साथी अनिल खारी समेत कई अपराधियों ने की। जिनको विजय धामा ने संरक्षण दिया था। इससे पहले पुलिस विजय को नामजद आरोपी बनाती कि एक सपा नेता ने उसकी पैरवी कर दी। उसके बाद यूनिवर्सिटी में फायरिंग व रंगदारी के कई मामले विजय धामा पर लगे।
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पुलिस पर हमला तक विजय ने किया। लेकिन सपा नेता उसकी पैरवी करता रहा। वह रोजाना यूनिवर्सिटी में गुंडागर्दी करता था। इसके बावजूद पुलिस उसको गिरफ्तार नहीं कर सकी। भाजपा सरकार बनने के बाद विजय धामा की गुंडागर्दी पर लगाम लगी। पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर जेल भेजा। जेल से छूटने के बाद विजय धामा ने भाजपा नेताओं का दामन थाम लिया। जिससे उसने भाजपा विधायक दिनेश खटीक से नजदीकी बना ली थी और अब जिला पंचायत का उपचुनाव लड़ा था।
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