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आतंकी अब्दुल्ला की गिरफ्तारी के बाद फैजान बना देश के लिए खतरा

Tue, 08 Aug 2017 01:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ शशांक मिश्र, सहारनपुर
अमर उजाला ब्यूरो/ शशांक मिश्र, सहारनपुर Updated Tue, 08 Aug 2017 01:23 PM IST
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After the arrest of militant Abdullah, a threat to the country made by Faizan
आतंकी अब्दुल्ला गिरफ्तार

सहारनपुर। एटीएस की कार्रवाई में हत्थे चढ़े आतंकी अब्दुल्ला और फरार आतंकी फैजान के मंसूबों का पता लगाने में जांच एजेंसियां जुटी हैं। अब तक की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि दोनों ही वेस्ट यूपी में स्लीपर सेल एक्टिव कर देशभर में अपना नेटवर्क स्थापित करना चाहते थे। 

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इसके लिए बाकायदा बांग्लादेश में बैठे उनके आका लगातार उन्हें संसाधन मुहैया करा रहे थे। देवबंद से फरार हुए संदिग्ध आतंकी फैजान ने दर्जनों संदिग्धों के पासपोर्ट बनवाए हैं। हालांकि अब तक यह माना जा रहा है कि पासपोर्ट पूरी तरह से फर्जी तरीके से तैयार हैं, तो उनका इस्तेमाल बांग्लादेशी खुद को भारत में रहने के लिए काम में लाते हैं। मगर, इसके बाद भी एटीएस को आशंका को है कि संदिग्धों को जारी किए गए पासपोर्ट पर कोई यात्रा हुई है। कुल मिलाकर त्योहारी सीजन से ठीक पहले पकड़े गए आतंकी नेटवर्क के बाद अब एटीएस और अन्य एजेंसियां उनके मंसूबों को जानने में जुटी है।
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दरअसल, चरथावल से गिरफ्तार आतंकी अब्दुल्ला छह साल से ज्यादा समय तक देवबंद में सक्रिय रहा। उसके साथ बांग्लादेशी आतंकी फैजान आतंकियों को फर्जी आईडी बनाता था।

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After the arrest of militant Abdullah, a threat to the country made by Faizan
वेस्ट यूपी में आतंकियों का साया

सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि पिछले कई सालों में यहां रहकर दोनों ने अपना मजबूत नेटवर्क खड़ा कर लिया होगा। यह भी बात सामने आ रही है कि अब्दुल्ला कुटेसरा से निकलने वाला था, तो उसका अगला ठिकाना क्या था। जिन लोगों की फर्जी आईडी बनाकर उन्हें भारत में रहने का इंतजाम इन आतंकियों ने किया है, उनके जरिए इनके क्या मंसूबे थे। ऐसे ही कई सवाल अब भी एटीएस और जांच में जुटी एजेंसियों को उलझा रहे हैं। यहां बता दें कि स्लीपर सेल को मजबूत कर इन आतंकियों ने अपने नेटवर्क का जाल बिछा लिया है। ऐसे में अब सुरक्षा एजेंसियां इनसे जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है। 

फर्जी पासपोर्ट पर देशभर में फैले हैं बांग्लादेशी 
एटीएस की प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है देवबंद में बनाए गए पासपोर्ट और अन्य आईडी से देशभर में बांग्लादेशी रह रहे हैं। वह सीधे तौर पर तो नहीं मगर अप्रत्यक्ष रुप से एबी टीम से जुड़े हुए हैं। यह भी आशंका जाहिर की जा रही है कि इनके जरिए ही आतंकी अपने स्लीपर सेल को नए सिरे से खड़ा कर रहे हैं।

दारुल उलूम में नहीं मिल पाया था प्रवेश

After the arrest of militant Abdullah, a threat to the country made by Faizan
आतंकी साया

वर्ष 2011 में भारत आया आतंकी अब्दुल्ला ने दारुल उलूम में प्रवेश परीक्षा दी। मगर, उसका प्रवेश नहीं हो पाया। इसके बाद उसने मदरसा दारुल उलूम वक्फ देवबंद से मौलवियत और अरेबिया की पढ़ाई की। पढ़ाई के बाद वर्ष 2015 से जून 2017 तक वह देवबंद के अंबेहटा शेख में मस्जिद में रहा। उसकी गिरफ्तारी के बाद एटीएस के साथ अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी जांच में जुट गई हैं। देवबंद और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस टीमें पड़ताल कर रही हैं। सबसे अहम बात यह है कि अब्दुल्ला ने देवबंद के पते पर पासपोर्ट बनावा लिया है। ऐसे में पुलिस उसके पासपोर्ट को  लेकर भी जांच कर रही है। आखिर कैसे उसने इसकी जांच करवाई। उधर, एटीएस ने संदिग्ध आतंकी फैजान का चित्रण जारी कर उसकी गिरफ्तारी की कोशिश तेज कर दी है। उसकी लंबाई पांच फीट 9 इंच के करीब बताई जा रही है। चेहरा पतला, नाक थोड़ी लंबी, रंग हल्का सांवला और उम्र 24-25 साल बताई जा रही है। काली घनी दाढ़ी और बांग्ला के साथ आसामी बोलता है। 

आईजी एसटीएफ असीम अरुण का कहना है कि अब हमारा सबसे महत्वपूर्ण टास्क फैजान को खोजना है। इसके लिए लगातार आतंकी अब्दुल्ला से पूछताछ कर जानकारी जुटाई जा रही है। कई अहम जानकारी हमें मिली है। जिस पर काम भी हो रहा है

फैजान के पास हैं कई अहम जानकारियां 
देवबंद से फरार हुए बांग्लादेशी आतंकी फैजान के पास कई अहम जानकारियां हैं। बांग्लादेशी खासकर आतंकियों को फर्जी आईडी बनाकर वह देश में उन्हें रहने के लिए पहचान पत्र मुहैया करता था। ऐसे में वह इन लोगों से सीधे संपर्क में था। इसके अलावा बांग्लादेश में बैठे आकाओं से भी उसका सीधा संवाद है। एटीएस को आशंका है कि अंसारउल बांग्ला टीम और देश में रह रहे आतंकियों के बीच का संवाद सूत्र फैजान होगा। ऐसे में उसके पास आतंकी गतिविधियों से जुड़ी अहम जानकारियां होंगी।

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