{"_id":"69125524c5632eab9f068ca1","slug":"after-his-fathers-death-asif-established-his-base-in-meerut-and-formed-a-gang-to-commit-the-crime-meerut-news-c-14-1-mrt1051-1025180-2025-11-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: आसिफ ने पिता की मौत के बाद मेरठ में बनाया ठिकाना, गैंग बनाकर की वारदात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: आसिफ ने पिता की मौत के बाद मेरठ में बनाया ठिकाना, गैंग बनाकर की वारदात
विज्ञापन
मेरठ। मुरादाबाद में एटीएफ और पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर किए गए आसिफ उर्फ टिड्डा ने पिता की मौत के बाद मेरठ में अपना नया ठिकाना बनाया। इसके बाद उसने गैंग बनाकर वारदातों को अंजाम दिया। 20 साल पहले उसके खिलाफ मेरठ के ब्रह्मपुरी थाने में चोरी का केस दर्ज हुआ था। इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। यूपी, दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड में लूट, डकैती, फिरौती मांगने, अपहरण जैसे जघन्य वारदातों को अंजाम दिया। वह ब्रह्मपुरी थाने का पुराना हिस्ट्रीशीटर था।
एसटीएफ के एएसपी बृजेश सिंह के मुताबिक, एक लाख का इनामी बदमाश आसिफ उर्फ टिड्डा का परिवार गाजियाबाद जिले भोजपुर थाना क्षेत्र के गांव कलछीना में रहता था। आसिफ के पिता की मौत हुई तो उसने अपना ठिकाना बदल लिया। इसके बाद वह मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के रसीद नगर में रहने लगा और अपना गैंग बना लिया। इसके बाद उसने चोरी की घटनाओं को अंजाम देना शुरू किया। 20 साल पहले मेरठ के ही ब्रह्मपुरी थाने में उसके खिलाफ चोरी का पहला केस दर्ज किया गया। उसने अलीगढ़, बुलंदशहर, हापुड़, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा के पानीपत में वारदातों को अंजाम दिया।
आसिफ उर्फ टिड्डा ने अपनी गैंग के साथ 13 मार्च 2020 को मुजफ्फरनगर के रतनपुरी थाना क्षेत्र के हुसैनाबाद भनवाडा में अब्दुल बहाव के घर में घुसकर लूटपाट कर अब्दुल बहाव और उसके भाई इस्माइल का अपहरण कर साथ ले गया था। गांव के बाहर इस्माइल को रास्ते में फेंक दिया था और अब्दुल बहाव की हत्या कर दी थी। अब्दुल बहाव की दो दिन बाद ही शादी होनी थी।
विज्ञापन
इसके अलावा नौ जनवरी 2022 की रात अलीगढ़ की प्रतिभा कॉलोनी में सरिता के घर घुसकर परिवार को बंधक बनाकर डकैती की घटना को अंजाम दिया। इससे पहले 2013 में हरियाणा में पानीपत के चांदीबाग में घर में घुसकर परिवार को बंधक बनाकर 40 लाख रुपये की की डकैती का अंजाम दिया था। इसी तरह आरोपी ने अलग अलग जनपदों में घटनाएं की। उसके खिलाफ 65 मुकदमे दर्ज हैं।
--
दस साल का सजायफ्ता था
एसटीएफ के एएसपी बृजेश सिंह ने बताया कि आसिफ उर्फ टिड्डा हरियाणा से 10 साल का सजायफ्ता भी था। वह चार भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। बचपन में ही अपराधिक
प्रवृत्ति का होने के कारण वह 8 वीं तक ही पढ़ सका था।
-- -- -- -- -- -- -
छह साल पहले खिवाई छोड़ आया था दीनू
मुठभेड़ में आसिफ उर्फ टिड्डा के साथ मारा गया दीनू भी शातिर अपराधी थी। वह आसिफ उर्फ टिड्डा का दाया हाथ था। उस पर 50 हजार का इनाम घोषित था। दीनू जनपद के सरूरपुर थाना क्षेत्र के कस्बा खिवाई का रहने वाला था। सरूरपुर थाने का वह हिस्ट्रीशीटर था। उस पर सरूरपुर थाने में लूट, हत्या का प्रयास समेत छह मुकदमे दर्ज हैं। वैसे उस पर कई जनपदों के थानों में 25 मुकदमे संगीन अपराधों के दर्ज है। पिछले छह साल से वह ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में रह रहा था। हाल ही में बुलंदशहर से किसी मामले में जेल गया था। वहां से वह जेल से छूट कर आसिफ के साथ फिर वारदात करने लगा।
-- -- -- -- -- -- -- -- -
विज्ञापन
एसटीएफ के एएसपी बृजेश सिंह के मुताबिक, एक लाख का इनामी बदमाश आसिफ उर्फ टिड्डा का परिवार गाजियाबाद जिले भोजपुर थाना क्षेत्र के गांव कलछीना में रहता था। आसिफ के पिता की मौत हुई तो उसने अपना ठिकाना बदल लिया। इसके बाद वह मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के रसीद नगर में रहने लगा और अपना गैंग बना लिया। इसके बाद उसने चोरी की घटनाओं को अंजाम देना शुरू किया। 20 साल पहले मेरठ के ही ब्रह्मपुरी थाने में उसके खिलाफ चोरी का पहला केस दर्ज किया गया। उसने अलीगढ़, बुलंदशहर, हापुड़, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा के पानीपत में वारदातों को अंजाम दिया।
विज्ञापन
आसिफ उर्फ टिड्डा ने अपनी गैंग के साथ 13 मार्च 2020 को मुजफ्फरनगर के रतनपुरी थाना क्षेत्र के हुसैनाबाद भनवाडा में अब्दुल बहाव के घर में घुसकर लूटपाट कर अब्दुल बहाव और उसके भाई इस्माइल का अपहरण कर साथ ले गया था। गांव के बाहर इस्माइल को रास्ते में फेंक दिया था और अब्दुल बहाव की हत्या कर दी थी। अब्दुल बहाव की दो दिन बाद ही शादी होनी थी।
विज्ञापन
इसके अलावा नौ जनवरी 2022 की रात अलीगढ़ की प्रतिभा कॉलोनी में सरिता के घर घुसकर परिवार को बंधक बनाकर डकैती की घटना को अंजाम दिया। इससे पहले 2013 में हरियाणा में पानीपत के चांदीबाग में घर में घुसकर परिवार को बंधक बनाकर 40 लाख रुपये की की डकैती का अंजाम दिया था। इसी तरह आरोपी ने अलग अलग जनपदों में घटनाएं की। उसके खिलाफ 65 मुकदमे दर्ज हैं।
दस साल का सजायफ्ता था
एसटीएफ के एएसपी बृजेश सिंह ने बताया कि आसिफ उर्फ टिड्डा हरियाणा से 10 साल का सजायफ्ता भी था। वह चार भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। बचपन में ही अपराधिक
प्रवृत्ति का होने के कारण वह 8 वीं तक ही पढ़ सका था।
छह साल पहले खिवाई छोड़ आया था दीनू
मुठभेड़ में आसिफ उर्फ टिड्डा के साथ मारा गया दीनू भी शातिर अपराधी थी। वह आसिफ उर्फ टिड्डा का दाया हाथ था। उस पर 50 हजार का इनाम घोषित था। दीनू जनपद के सरूरपुर थाना क्षेत्र के कस्बा खिवाई का रहने वाला था। सरूरपुर थाने का वह हिस्ट्रीशीटर था। उस पर सरूरपुर थाने में लूट, हत्या का प्रयास समेत छह मुकदमे दर्ज हैं। वैसे उस पर कई जनपदों के थानों में 25 मुकदमे संगीन अपराधों के दर्ज है। पिछले छह साल से वह ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में रह रहा था। हाल ही में बुलंदशहर से किसी मामले में जेल गया था। वहां से वह जेल से छूट कर आसिफ के साथ फिर वारदात करने लगा।