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शराब पीकर विजेंद्र को पीटा और तड़पता छोड़ गए

Wed, 26 Oct 2022 01:48 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 26 Oct 2022 01:48 AM IST
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After drinking alcohol, Vijendra was beaten up and left tormented.
शराब पीकर विजेंद्र को पीटा और तड़पता छोड़ गए
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मेरठ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में विजेंद्र के शरीर पर चोट के कई निशान मिले हैं। अंदेशा है कि आरोपियों ने उसे बेहरमी से उसे पीटा था। सिर से अधिक खून बहने के चलते मौत होना बताया गया है। उसकी आंखों में चोट लगी है। तीनों आरोपियों से एसपी देहात ने रात में घंटों पूछताछ की, लेकिन वह हत्या की वारदात कबूल नहीं कर रहे हैं। पुलिस का कहना कि नामजद आरोपियों के अलावा दूसरे लोग भी हत्या में शामिल हो सकते हैं।
पुलिस ने प्राथमिक जांच में मजदूरी का पैसा और शराब पीकर मारपीट करने की बात कही है। घटनास्थल पर शराब की बोतल मिलीं, जिससे वारदात से पहले शराब पीने का अंदेशा लगाया जा रहा है। हिरासत में लिए एक आरोपी ने घटना के बारे में कुछ जानकारी दी है। एक आरोपी कुछ बोला है, इसका पता लगते ही रात 10 बजे एसपी देहात केशव कुमार इंचौली थाने पहुंचे। रात में फिर तीनों से पूछताछ की गई।
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विजेंद्र ने किसी का क्या बिगाड़ा
ग्रामीणों का कहना है कि विजेंद्र मूकबधिर था, वह न तो बोल सकता था और न ही सुन सकता था। उसने किसी का भला क्या बिगाड़ा होगा। मजदूरी का पैसा भी आरोपियों पर तीन-चार हजार रुपये बकाया है। उसकी आंख क्यों फोड़ी है। आरोपियों के मोबाइलों की सीडीआर निकाली जा रही है।
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रातभर तड़पता रहा विजेंद्र
आरोपी विजेंद्र को मरा समझकर भाग निकले। परंतु, विजेंद्र की सांसें चल रही थी। रातभर विजेंद्र तड़पता रहा। वह किसी से मदद की गुहार नहीं लगा सका। जिस समय परिजनों को उसके खून से लथपथ एक घेर में पड़े होने की जानकारी हुई, विजेंद्र में सांसें चल रही थी। विजेंद्र की मौत के बाद ग्रामीणों के मुंह पर सिर्फ एक ही बात थी यदि विजेंद्र बोल सकता तो समय से उसे उपचार मिल जाता और उसकी जान बच जाती। उसके भाई जोनी ने बताया कि विजेंद्र भले ही सुन व बोल नहीं सकता था। परंतु, उसने कभी भी अपनी इस कमी को अपने आगे नहीं आने दिया। वह सबकी बात समझता था और बड़ी आसानी से सभी को अपनी बात भी समझा देता था। वह आत्मनिर्भर था और आरोपियों के खेतों के साथ साथ पेपर मिल में भी मजदूरी करता था।
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