{"_id":"6899f788cd58f4dc2f082369","slug":"after-decreasing-for-two-days-the-water-level-of-ganga-increased-again-mawana-news-c-228-1-mwn1001-103537-2025-08-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो दिनों तक घटने के बाद फिर बढ़ा गंगा का जलस्तर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो दिनों तक घटने के बाद फिर बढ़ा गंगा का जलस्तर
विज्ञापन
बाढ़ के पानी से टूटा पड़ा चांदपुर मार्ग स्रोत संवाद
- 1.54 लाख क्यूसेक पर पहुंचा,
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। पिछले एक सप्ताह से लगातार खादर क्षेत्र में तबाही मचाने के बाद गंगा का जलस्तर घट गया था। सोमवार को पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बारिश का असर शाम को बिजनौर बैराज पर नजर आया, जहां पर जलस्तर घटने के बाद एक बार फिर बढ़ता हुआ नजर आया। इससे खादर क्षेत्र के लोगों की चिंता फिर से बढ़ गई है।
खादर क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांवों में बाढ़ ने एक सप्ताह से जमकर तबाही मचाई हुई है। इससे खादर क्षेत्र की करीब तीन हजार हेक्टेयर धान और गन्ने की फसल प्रभावित हुई है। कई दिनों से लगातार पानी भरा होने के कारण फसल नष्ट होने की कगार पर पहुंच गई है। वहीं गंगा का जलस्तर कम होने पर खादर क्षेत्र में कई स्थानों पर कटान शुरू कर दिया है। काटन रोकने के लिए सिंचाई विभाग की ओर से भरसक प्रयास किए जा रहे हैं।
बृहस्पतिवार को मेरठ-मुजफ्फरनगर की सीमा पर मौजूद खेड़ा मजादपुर गांव के समीप से तटबंध टूट गया था। वहीं शेरपुर नई बस्ती के समीप भी गंगा ने सिंचाई विभाग के कटान कर तटबंध को क्षतिग्रस्त कर दिया था। सिरजेपुर गांव के समीप तीन स्थानों पर तटबंध टूटा था जिससे लगातार कई दिनों तक पानी निकला और खादर क्षेत्र के एक दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। इससे एक सप्ताह तक ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा और आवागमन के संपर्क मार्ग भी बंद रहे।
विज्ञापन
सोमवार को गंगा का पानी कम होने से आवागमन सुचारू हो सका। हालांकि, अभी भी इन संपर्क मार्गों पर चलना खतरे से खाली नहीं है क्योंकि बाढ़ के कारण यह कई स्थानों पर टूट चुके हैं। वहीं, टूटे तटबंध को दुरुस्त करने के लिए सिंचाई विभाग की टीम लगातार कार्य कर रही है। सोमवार को पहाड़ी क्षेत्र में हुई बारिश का असर खादर क्षेत्र में एक बार फिर दिखाई दिया। सोमवार शाम बिजनौर बैराज पर गंगा का जलस्तर 1.54 लाख क्यूसेक पर पहुंच गया। जबकि सुबह 1.27 लाख क्यूसेक था। गंगा के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए खादर क्षेत्र के लोगों की चिंता फिर बढ़ती नजर आ रही है।
हस्तिनापुर-चांदपुर मार्ग अभी भी बंद
जलस्तर कम होने पर खादर क्षेत्र के अधिकतर संपर्क मार्गों पर सोमवार को आवागमन सुचारू हो गया था। कई संपर्क मार्गों पर पानी अधिक भरा होने से अभी खतरा बना हुआ है। परंतु ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्राॅली के सहारे इन मार्गों से गुजर रहे हैं। हस्तिनापुर से चांदपुर को जाने वाला गंगा पुल का संपर्क मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। इस पर अभी आवागमन संभव नहीं है।
चेतावनी बोर्ड लगाकर कर ली जिम्मेदारी पूरी
पीडब्ल्यूडी द्वारा भीमकुंड तिराहे पर संपर्क मार्ग पर हुए कटान और आवागमन को रोकने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाया गया है। वहीं पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग की गई है। परंतु यहां पीडब्ल्यूडी का कोई अधिकारी या कर्मचारी और न ही कोई पुलिसकर्मी तैनात है। इस कारण यहां से लोग आसानी से आगे की ओर जा रहे हैं।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। पिछले एक सप्ताह से लगातार खादर क्षेत्र में तबाही मचाने के बाद गंगा का जलस्तर घट गया था। सोमवार को पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बारिश का असर शाम को बिजनौर बैराज पर नजर आया, जहां पर जलस्तर घटने के बाद एक बार फिर बढ़ता हुआ नजर आया। इससे खादर क्षेत्र के लोगों की चिंता फिर से बढ़ गई है।
खादर क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांवों में बाढ़ ने एक सप्ताह से जमकर तबाही मचाई हुई है। इससे खादर क्षेत्र की करीब तीन हजार हेक्टेयर धान और गन्ने की फसल प्रभावित हुई है। कई दिनों से लगातार पानी भरा होने के कारण फसल नष्ट होने की कगार पर पहुंच गई है। वहीं गंगा का जलस्तर कम होने पर खादर क्षेत्र में कई स्थानों पर कटान शुरू कर दिया है। काटन रोकने के लिए सिंचाई विभाग की ओर से भरसक प्रयास किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को मेरठ-मुजफ्फरनगर की सीमा पर मौजूद खेड़ा मजादपुर गांव के समीप से तटबंध टूट गया था। वहीं शेरपुर नई बस्ती के समीप भी गंगा ने सिंचाई विभाग के कटान कर तटबंध को क्षतिग्रस्त कर दिया था। सिरजेपुर गांव के समीप तीन स्थानों पर तटबंध टूटा था जिससे लगातार कई दिनों तक पानी निकला और खादर क्षेत्र के एक दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। इससे एक सप्ताह तक ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा और आवागमन के संपर्क मार्ग भी बंद रहे।
विज्ञापन
सोमवार को गंगा का पानी कम होने से आवागमन सुचारू हो सका। हालांकि, अभी भी इन संपर्क मार्गों पर चलना खतरे से खाली नहीं है क्योंकि बाढ़ के कारण यह कई स्थानों पर टूट चुके हैं। वहीं, टूटे तटबंध को दुरुस्त करने के लिए सिंचाई विभाग की टीम लगातार कार्य कर रही है। सोमवार को पहाड़ी क्षेत्र में हुई बारिश का असर खादर क्षेत्र में एक बार फिर दिखाई दिया। सोमवार शाम बिजनौर बैराज पर गंगा का जलस्तर 1.54 लाख क्यूसेक पर पहुंच गया। जबकि सुबह 1.27 लाख क्यूसेक था। गंगा के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए खादर क्षेत्र के लोगों की चिंता फिर बढ़ती नजर आ रही है।
हस्तिनापुर-चांदपुर मार्ग अभी भी बंद
जलस्तर कम होने पर खादर क्षेत्र के अधिकतर संपर्क मार्गों पर सोमवार को आवागमन सुचारू हो गया था। कई संपर्क मार्गों पर पानी अधिक भरा होने से अभी खतरा बना हुआ है। परंतु ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्राॅली के सहारे इन मार्गों से गुजर रहे हैं। हस्तिनापुर से चांदपुर को जाने वाला गंगा पुल का संपर्क मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। इस पर अभी आवागमन संभव नहीं है।
चेतावनी बोर्ड लगाकर कर ली जिम्मेदारी पूरी
पीडब्ल्यूडी द्वारा भीमकुंड तिराहे पर संपर्क मार्ग पर हुए कटान और आवागमन को रोकने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाया गया है। वहीं पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग की गई है। परंतु यहां पीडब्ल्यूडी का कोई अधिकारी या कर्मचारी और न ही कोई पुलिसकर्मी तैनात है। इस कारण यहां से लोग आसानी से आगे की ओर जा रहे हैं।

बाढ़ के पानी से टूटा पड़ा चांदपुर मार्ग स्रोत संवाद

बाढ़ के पानी से टूटा पड़ा चांदपुर मार्ग स्रोत संवाद

बाढ़ के पानी से टूटा पड़ा चांदपुर मार्ग स्रोत संवाद