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Meerut News: 1000 वर्ष बाद सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के पावन अंशों का मेरठ में आगमन

Thu, 02 Apr 2026 02:50 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 02 Apr 2026 02:50 AM IST
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After 1000 years, the sacred fragments of Somnath Jyotirlinga arrive in Meerut.
मेरठ एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक क्षण का साक्षी बनने जा रही है। सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के एक हजार वर्षों तक संरक्षित पवित्र अंश शुक्रवार को मेरठ पहुंचेंगे। लालकुर्ती के एक होटल में प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी गई।
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आयोजकों ने इसे भारतीय सांस्कृतिक अस्मिता और आध्यात्मिक चेतना के पुनर्जागरण का प्रतीक बताया। प्रवक्ता पुलकित त्यागी ने बताया कि जनवरी 2025 में परंपरा के अंतिम संरक्षक सीताराम शास्त्री ने इन अंशों को बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग आश्रम में रविशंकर को समर्पित किया। इसके बाद महाशिवरात्रि 2025 के अवसर पर इनका सार्वजनिक अनावरण किया गया। यह यात्रा पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और केरल सहित विभिन्न राज्यों से गुजरी है। अब यह उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर चुकी है।
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झांसी, कानपुर, आगरा, मथुरा, वृंदावन, गाजियाबाद, मुरादाबाद, प्रयागराज और वाराणसी से होते हुए यह मेरठ पहुंचेगी। इतिहास के अनुसार, वर्ष 1026 ईस्वी में आक्रांता महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर को ध्वस्त किया था। तब भी आस्था की ज्योति मंद नहीं पड़ी और मंदिर के कुछ अंशों को अग्निहोत्री ब्राह्मणों ने गुप्त रूप से सुरक्षित रखा।
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अंशों का संरक्षण और भविष्यवाणी


ये पवित्र अंश पीढ़ी दर पीढ़ी संरक्षित होते रहे। पुलकित त्यागी ने बताया कि सन 1924 में कांची के शंकराचार्य ने भविष्यवाणी की थी कि अंशों को एक शताब्दी तक सुरक्षित रखा जाएगा। उचित समय पर इन्हें योग्य आध्यात्मिक नेतृत्व को सौंपा जाएगा। इसी क्रम में जनवरी 2025 में यह परंपरा पूर्ण हुई। यह संरक्षण श्रद्धा, धैर्य और सांस्कृतिक चेतना की विजय का प्रतीक है।


मेरठ में आयोजन और महत्व

मेरठ इस ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बनकर अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ करेगा। यह आयोजन श्रद्धा, धैर्य और सांस्कृतिक चेतना की विजय का प्रतीक है। पुलकित ने बताया कि शनिवार को डी ब्लॉक सरस्वती शिशु मंदिर में शाम 4:30 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक आयोजन होगा। इसमें सोमनाथ मूल ज्योतिर्लिंग के दर्शन और पूजा होगी। इस दौरान आर्ट ऑफ लिविंग से जुड़े बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहेंगे।
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