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बेंच के मुद्दे पर वकीलों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को घेरा
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Fri, 16 Dec 2016 11:45 AM IST
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केशव प्रसाद मौर्य का विरोध करने पहुंचे अधिवक्ताओं को सर्किट हाउस गेट पर रोकने का प्रयास करते बीजेपी नेता।
- फोटो : अमर उजाला
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को सर्किट हाउस के बाहर जमकर बखेड़ा हुआ। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य के आने की सूचना पर वकीलों ने सर्किट हाउस के बाहर करीब तीन घंटे तक प्रदर्शन और नारेबाजी की। विरोध स्वरूप भाजपा के झंडे और बैनर फाड़कर जला दिए। जब मौर्य वहां पहुंचे तो उन्हें वकीलों की गहरी नाराजगी झेलनी पड़ी। इस दौरान उन्होंने अधिवक्ताओं से कहा कि हाईकोर्ट बेंच की मांग जायज है और इसे केंद्रीय नेतृत्व के सामने मजबूती से रखूंगा। इस आश्वासन पर अधिवक्ता वापस लौटे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मौर्य का मेरठ में महानगर युवा सम्मेलन को संबोधित करने का कार्यक्रम था। इसके लिए पुलिस लाइन के हैलीपैड पर उनका हेलीकाप्टर उतरने और वहां से सर्किट हाउस जाकर मीडिया से बात करने का कार्यक्रम तय था। जहां से उन्हें कार द्वारा सम्मेलन स्थल पर जाना था। केशव प्रसाद मौर्य के आने की सूचना पर हाईकोर्ट बेंच केंद्रीय संघर्ष समिति के चेयरमैन गजेंद्र पाल सिंह और संयोजक अजय कुमार शर्मा के नेतृत्व में सैकड़ों वकील सुबह 10 बजे ही सर्किट हाउस पहुंच गए। बाहर से ताला डालकर गेट बंद कर दिया। इस दौरान जिस भी भाजपाई ने सर्किट हाउस की तरफ जाने की कोशिश की तो अधिवक्ताओं ने उसे धकिया दिया।
अधिवक्ताओं का प्रदर्शन लगातार उग्र होता गया। उन्होंने सर्किट हाउस के आसपास लगे भाजपा के झंडे और बैनर फाड़ते हुए जला दिये। इस दौरान सम्मेलन में जा रहे युवकों को भी अधिवक्ताओं ने रोकते हुए वापस लौटाने का प्रयास किया। लेकिन कुछ वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने बीच में आकर युवाओं को सम्मेलन में जाने दिया। अधिवक्ताओं की इस दौरान सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल और रविंद्र भड़ाना सहित तमाम नेताओं से नोकझोंक हुई।
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यह थी नाराजगी
अधिवक्ताओं के अनुसार मेरठ सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ता लंबे समय से हाईकोर्ट बेंच के लिए आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन मांग पूरी नहीं हो रही है। पिछले दिनों इलाहाबाद में प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इलाहाबाद के अधिवक्ताओं के सामने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच न बनाये जाने की बात कहलवाने से मेरठ सहित पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं में गहरी नाराजगी है।
पुलिस लाइन के गेट पर रोका काफिला
केशव प्रसाद मौर्य का हेलीकाप्टर दोपहर करीब 1:30 बजे हैलीपैड पर उतरा। समय ज्यादा होने और बाहर वकीलों का हंगामा होने के कारण उनकी प्रेस वार्ता का कार्यक्रम निरस्त कर दिया गया और सीधे सम्मेलन स्थल के लिए कार में वह रवाना हुए। लेकिन पुलिस लाइन के गेट पर ही अधिवक्ताओं ने काफिला रोक दिया। इस हंगामे के बीच अधिवक्ताओं का प्रतिनिधि मंडल केशव प्रसाद मौर्य से वार्ता के लिए भीतर चला गया। जहां दोनों की बातचीत हुई।
ये अधिवक्ता रहे मौजूद
प्रदर्शन में मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र पाल सिंह, महामंत्री अजय कुमार शर्मा, लीलापत, गजेंद्र पाल धामा, अजय त्यागी, डीडी शर्मा, अजय शर्मा, उदयवीर राणा, राजेंद्र सिंह जानी, जितेंद्र सिंह बना, अनिल जंगाला, मुकेश वालिया, सतीश शर्मा, महावीर त्यागी, सुरेंद्र मलिक, बिरेंद्र सिहं, रामकुमार शर्मा, कुंवर पाल शर्मा, अब्दुल जब्बार खॉ, राजकुमार गुर्जर, परवेज आलम, गगन राणा, सरताज गाजी, देवकरण शर्मा, जगदीश पावटी, सतीश बालियान, अभय त्यागी, सेठ संदीप बंसल, विजय शर्मा, चरण सिंह त्यागी, सुभाष, सूरजवीर मलिक, अरविंद गुप्ता, इस्लाम मलिक और नवाब अली आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
इलाहाबाद में इलाहाबाद की बात करूंगा
अधिवक्ताओं ने नाराजगी जताते हुए मौर्य से कहा कि आप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इलाहाबाद ले गए थे और वहां पउप्र में हाईकोर्ट बेंच न बनाए जाने की बात कहलवाई थी। इस पर मौर्य ने कहा कि साहब जब इलाहाबाद जाऊंगा तो मेरी मजबूरी है कि मुझे वहीं की बात कहनी पडे़गी। इस पर अधिवक्ताओं ने कहा कि आज आप मेरठ में हैं तो यहां की बात कहें। इस पर मौर्य वार्ता में घिरते नजर आए
वार्ता के सवाल- जवाब
अधिवक्ता: पउप्र में हाईकोर्ट बेंच के लिए आपका क्या निर्णय है
मौर्य: यह मुद्दा सरकार को निस्तारित करना है, व्यक्तिगत रूप से नहीं कर सकता
अधिवक्ता: पार्टी इस मांग को लेकर क्या सोचती है
मौर्य: इस बारे में पार्टी जनता की परेशानियों से वाकिफ है
अधिवक्ता: आपका क्या विचार है
मौर्या: मेरा व्यक्तिगत विचार इस मामले में कुछ नहीं हो सकता
अधिवक्ता: नहीं, आपको बताना होगा कि बेंच के बारे में आप क्या सोचते हैं
मौर्य: मांग जायज है और वे इस मांग को भाजपा हाईकमान और सरकार के सामने मजबूती से रखेंगे
अधिवक्ता: इस बारे में शीघ्र निर्णय लीजिए। कहीं ऐसा न हो कि भाजपा को इस बार विधानसभा चुनावों में पउप्र से हाथ धोना पड़ जाए
मौर्य: नहीं, ऐसा नहीं होने देंगे। शीघ्र ही अधिवक्ताओं को वार्ता के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मौर्य का मेरठ में महानगर युवा सम्मेलन को संबोधित करने का कार्यक्रम था। इसके लिए पुलिस लाइन के हैलीपैड पर उनका हेलीकाप्टर उतरने और वहां से सर्किट हाउस जाकर मीडिया से बात करने का कार्यक्रम तय था। जहां से उन्हें कार द्वारा सम्मेलन स्थल पर जाना था। केशव प्रसाद मौर्य के आने की सूचना पर हाईकोर्ट बेंच केंद्रीय संघर्ष समिति के चेयरमैन गजेंद्र पाल सिंह और संयोजक अजय कुमार शर्मा के नेतृत्व में सैकड़ों वकील सुबह 10 बजे ही सर्किट हाउस पहुंच गए। बाहर से ताला डालकर गेट बंद कर दिया। इस दौरान जिस भी भाजपाई ने सर्किट हाउस की तरफ जाने की कोशिश की तो अधिवक्ताओं ने उसे धकिया दिया।
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अधिवक्ताओं का प्रदर्शन लगातार उग्र होता गया। उन्होंने सर्किट हाउस के आसपास लगे भाजपा के झंडे और बैनर फाड़ते हुए जला दिये। इस दौरान सम्मेलन में जा रहे युवकों को भी अधिवक्ताओं ने रोकते हुए वापस लौटाने का प्रयास किया। लेकिन कुछ वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने बीच में आकर युवाओं को सम्मेलन में जाने दिया। अधिवक्ताओं की इस दौरान सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल और रविंद्र भड़ाना सहित तमाम नेताओं से नोकझोंक हुई।
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यह थी नाराजगी
अधिवक्ताओं के अनुसार मेरठ सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ता लंबे समय से हाईकोर्ट बेंच के लिए आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन मांग पूरी नहीं हो रही है। पिछले दिनों इलाहाबाद में प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इलाहाबाद के अधिवक्ताओं के सामने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच न बनाये जाने की बात कहलवाने से मेरठ सहित पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं में गहरी नाराजगी है।
पुलिस लाइन के गेट पर रोका काफिला
केशव प्रसाद मौर्य का हेलीकाप्टर दोपहर करीब 1:30 बजे हैलीपैड पर उतरा। समय ज्यादा होने और बाहर वकीलों का हंगामा होने के कारण उनकी प्रेस वार्ता का कार्यक्रम निरस्त कर दिया गया और सीधे सम्मेलन स्थल के लिए कार में वह रवाना हुए। लेकिन पुलिस लाइन के गेट पर ही अधिवक्ताओं ने काफिला रोक दिया। इस हंगामे के बीच अधिवक्ताओं का प्रतिनिधि मंडल केशव प्रसाद मौर्य से वार्ता के लिए भीतर चला गया। जहां दोनों की बातचीत हुई।
ये अधिवक्ता रहे मौजूद
प्रदर्शन में मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र पाल सिंह, महामंत्री अजय कुमार शर्मा, लीलापत, गजेंद्र पाल धामा, अजय त्यागी, डीडी शर्मा, अजय शर्मा, उदयवीर राणा, राजेंद्र सिंह जानी, जितेंद्र सिंह बना, अनिल जंगाला, मुकेश वालिया, सतीश शर्मा, महावीर त्यागी, सुरेंद्र मलिक, बिरेंद्र सिहं, रामकुमार शर्मा, कुंवर पाल शर्मा, अब्दुल जब्बार खॉ, राजकुमार गुर्जर, परवेज आलम, गगन राणा, सरताज गाजी, देवकरण शर्मा, जगदीश पावटी, सतीश बालियान, अभय त्यागी, सेठ संदीप बंसल, विजय शर्मा, चरण सिंह त्यागी, सुभाष, सूरजवीर मलिक, अरविंद गुप्ता, इस्लाम मलिक और नवाब अली आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
इलाहाबाद में इलाहाबाद की बात करूंगा
अधिवक्ताओं ने नाराजगी जताते हुए मौर्य से कहा कि आप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इलाहाबाद ले गए थे और वहां पउप्र में हाईकोर्ट बेंच न बनाए जाने की बात कहलवाई थी। इस पर मौर्य ने कहा कि साहब जब इलाहाबाद जाऊंगा तो मेरी मजबूरी है कि मुझे वहीं की बात कहनी पडे़गी। इस पर अधिवक्ताओं ने कहा कि आज आप मेरठ में हैं तो यहां की बात कहें। इस पर मौर्य वार्ता में घिरते नजर आए
वार्ता के सवाल- जवाब
अधिवक्ता: पउप्र में हाईकोर्ट बेंच के लिए आपका क्या निर्णय है
मौर्य: यह मुद्दा सरकार को निस्तारित करना है, व्यक्तिगत रूप से नहीं कर सकता
अधिवक्ता: पार्टी इस मांग को लेकर क्या सोचती है
मौर्य: इस बारे में पार्टी जनता की परेशानियों से वाकिफ है
अधिवक्ता: आपका क्या विचार है
मौर्या: मेरा व्यक्तिगत विचार इस मामले में कुछ नहीं हो सकता
अधिवक्ता: नहीं, आपको बताना होगा कि बेंच के बारे में आप क्या सोचते हैं
मौर्य: मांग जायज है और वे इस मांग को भाजपा हाईकमान और सरकार के सामने मजबूती से रखेंगे
अधिवक्ता: इस बारे में शीघ्र निर्णय लीजिए। कहीं ऐसा न हो कि भाजपा को इस बार विधानसभा चुनावों में पउप्र से हाथ धोना पड़ जाए
मौर्य: नहीं, ऐसा नहीं होने देंगे। शीघ्र ही अधिवक्ताओं को वार्ता के लिए आमंत्रित किया जाएगा।