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अच्छे गुणों को अपनाएं, अच्छे कर्म करें : सहदेव मुनि
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- आर्य समाज गंगानगर में हुआ वार्षिकोत्सव का आयोजन
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। आर्य समाज गंगानगर की ओर से 26वां वार्षिकोत्सव एवं वेद प्रचार सप्ताह मनाया गया। वेद प्रचार कार्यक्रम के दूसरे दिन यज्ञ में वेद मंत्रों की आहुतियां दी गईं। आचार्य सानंद ने मत्रों की व्याख्या की। भजन उपदेशक सहदेव मुनि बेधड़क ने ईश्वर की स्तुति की और समाज में फैल रही बुराइयों पर अपने विचार रखें। सभी को बुराइयों से बचने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने कहा कि हमें अच्छे गुण अपनाकर अच्छे कर्म करने चाहिएं। इससे जीवन श्रेष्ठ और सरल होगा।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार गाड़ी के चार पहियों में से एक पहिए में पंचर हो जाने पर हम गाड़ी को सुगमता से नहीं चला सकते हैं। इस प्रकार मनुष्य के जीवन में यदि दुर्गुण होते हैं तो वह सद्गुणों की ओर चल नहीं पाता है। दुर्गुणों को दूर कर अच्छे गुणों को धारण करना चाहिए। महर्षि दयानंद सरस्वती ने आर्य समाज के नियम बनाकर सत्य को ग्रहण करने का तरीका भी समझाया।
आचार्य सानंद ने दशहरा उत्सव का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व समझाया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सूचना आयुक्त राजेंद्र सिंह, मुकेश आर्य, तेजपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, मनोज आर्य, यशपाल सिंह, रविंद्र आर्य आदि रहे।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। आर्य समाज गंगानगर की ओर से 26वां वार्षिकोत्सव एवं वेद प्रचार सप्ताह मनाया गया। वेद प्रचार कार्यक्रम के दूसरे दिन यज्ञ में वेद मंत्रों की आहुतियां दी गईं। आचार्य सानंद ने मत्रों की व्याख्या की। भजन उपदेशक सहदेव मुनि बेधड़क ने ईश्वर की स्तुति की और समाज में फैल रही बुराइयों पर अपने विचार रखें। सभी को बुराइयों से बचने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने कहा कि हमें अच्छे गुण अपनाकर अच्छे कर्म करने चाहिएं। इससे जीवन श्रेष्ठ और सरल होगा।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार गाड़ी के चार पहियों में से एक पहिए में पंचर हो जाने पर हम गाड़ी को सुगमता से नहीं चला सकते हैं। इस प्रकार मनुष्य के जीवन में यदि दुर्गुण होते हैं तो वह सद्गुणों की ओर चल नहीं पाता है। दुर्गुणों को दूर कर अच्छे गुणों को धारण करना चाहिए। महर्षि दयानंद सरस्वती ने आर्य समाज के नियम बनाकर सत्य को ग्रहण करने का तरीका भी समझाया।
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आचार्य सानंद ने दशहरा उत्सव का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व समझाया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सूचना आयुक्त राजेंद्र सिंह, मुकेश आर्य, तेजपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, मनोज आर्य, यशपाल सिंह, रविंद्र आर्य आदि रहे।
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