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ग्रेजुएशन में लगातार लड़कों का बुरा हाल, लड़कियां आगे
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मेरठ। उच्च शिक्षा में लड़कियों का बोलबाला है, जबकि लड़के पिछड़ रहे हैं। सीसीएसयू से संबद्ध मेरठ और सहारनपुर मंडल के जिलों में अब तक हुए एडमिशन में यह तस्वीर सामने आई है। यूजी में 66031 एडमिशन में से 38699 सिर्फ लड़कियों के हैं। वहीं नौ जिलों में 27332 लड़कों ने ही दाखिल लिया है।
पहली ओपन मेरिट के एडमिशन खत्म हो चुके हैं। अब सिर्फ अंतिम ओपन मेरिट के एडमिशन होने बाकी हैं। अभी तक सारे कॉलेजों की बात करें तो 66031 एडमिशन हो चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा एडमिशन बीए विषय में हुए हैं। बीए में आधे के करीब एडमिशन हैं। शनिवार तक इनकी संख्या 32323 पहुंच चुकी थी। इनमें लड़कियों की संख्या दोगुनी है। लड़कों के एडमिशन जहां 10844 हुए हैं वहीं, लड़कियों के एडमिशन 21479 हैं। बीकॉम में 10450 एडमिशन हुए हैं। इनमें लड़कों की संख्या 4616 है। लड़कियों की संख्या 5834 है। वहीं पीजी कोर्सों की बात करें तो लड़कियां यहां भी आगे हैं। अब तक 44 हजार से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। इनमें लड़कियों की संख्या 25 हजार से ज्यादा है। यूजी और पीजी में लड़कों की संख्या घटना चिंताजनक हैं।
उपस्थिति में भी गर्ल्स कॉलेज आगे
कॉलेजों में एडमिशन लेने में तो लड़कियां आगे हैं ही, साथ ही कक्षाएं करने में भी लड़कों से आगे हैं। शहर के कॉलेजों की बात करें तो यहां पर चार गर्ल्स कॉलेज और तीन कोएड कॉलेज हैं। इनमें चारों गर्ल्स कॉलेजों में जहां खूब भीड़ रहती है वहीं, कोएड कॉलेजों में छात्रों की संख्या पिछले सालों के मुताबिक कम रहती है।
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पहली ओपन मेरिट के एडमिशन खत्म हो चुके हैं। अब सिर्फ अंतिम ओपन मेरिट के एडमिशन होने बाकी हैं। अभी तक सारे कॉलेजों की बात करें तो 66031 एडमिशन हो चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा एडमिशन बीए विषय में हुए हैं। बीए में आधे के करीब एडमिशन हैं। शनिवार तक इनकी संख्या 32323 पहुंच चुकी थी। इनमें लड़कियों की संख्या दोगुनी है। लड़कों के एडमिशन जहां 10844 हुए हैं वहीं, लड़कियों के एडमिशन 21479 हैं। बीकॉम में 10450 एडमिशन हुए हैं। इनमें लड़कों की संख्या 4616 है। लड़कियों की संख्या 5834 है। वहीं पीजी कोर्सों की बात करें तो लड़कियां यहां भी आगे हैं। अब तक 44 हजार से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। इनमें लड़कियों की संख्या 25 हजार से ज्यादा है। यूजी और पीजी में लड़कों की संख्या घटना चिंताजनक हैं।
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उपस्थिति में भी गर्ल्स कॉलेज आगे
कॉलेजों में एडमिशन लेने में तो लड़कियां आगे हैं ही, साथ ही कक्षाएं करने में भी लड़कों से आगे हैं। शहर के कॉलेजों की बात करें तो यहां पर चार गर्ल्स कॉलेज और तीन कोएड कॉलेज हैं। इनमें चारों गर्ल्स कॉलेजों में जहां खूब भीड़ रहती है वहीं, कोएड कॉलेजों में छात्रों की संख्या पिछले सालों के मुताबिक कम रहती है।
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