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Meerut News: गैस की कालाबाजारी पर प्रशासन सख्त, होगी एफआईआर
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मेरठ..कंवलजीत..शिवाजी रोड स्थित वैश्य अनाथालय के सामने गैस सिलेंडर के गोदाम में पड़े सिलेन्डर व
- फोटो : credit
अमेरिका-इस्राइल और ईरान युद्ध के बीच शहर में लोगों में घरेलू गैस की किल्लत बढ़ती जा रही है। सर्वर डाउन होने के कारण लोग ऑनलाइन गैस की बुकिंग नहीं कर पा रहे हैं गैस एजेंसियों की ओर से पहले से बुक सिलिंडरों को कॉलोनियों में प्वाइंट बनाकर बांटा जा रहा है। इस बीच गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए जिलापूर्ति विभाग ने बुधवार को शहर सेे देहात तक टीमों का गठन कर जांच अभियान चलाया। अफसरों का कहना है कि मेरठ में पर्याप्त गैस उपलब्ध है। सिलिंडर की कालाबाजारी करने वालों पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
कमर्शियल गैस की सप्लाई बंद होने से शहर और बाहरी इलाकों में स्थित होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। कई होटल में कमर्शियल गैस नहीं मिलने से खाना नहीं बन पा रहा है। सरकार और प्रशासन का पूरा जोर घरेलू गैस की आपूर्ति बरकरार रखने पर हैं। जिला पूर्ति विभाग ने बुधवार को जिले की प्रत्येक तहसील में टीमों का गठन करके गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए जांच अभियान चलाया। मेरठ शहर में भी पांच टीमों ने गैस एजेंसियों और उनके गोदामों पर जाकर जांच की। टीम में शामिल अधिकारियों ने गैस उपभोक्ताओं से भी बात करके गैस की आपूर्ति की जानकारी ली।
नहीं हुआ सर्वर डाउन होने की समस्या का समाधान
गैस कंपनियों द्वारा बुधवार को भी ऑनलाइन बुकिंग का सर्वर डाउन होने की समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला गया। इस कारण गैस बुक कराने के लिए लोगों की भीड़ गैस एजेंसियों पर लगी रही। कई लोग तो नए गैस कनेक्शन लेने के लिए एजेंसियों पर पहुंचे, लेकिन सर्वर डाउन होने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। गैस एजेंसी संचालक उनका समस्या का कोई समाधान नहीं कर पाए।
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प्वाइंट बनाकर लोगों को दिए जा रहे सिलिंडर
आम दिनों में उपभोक्ताओं को गैस की होम डिलीवरी दी जाती है, लेकिन सर्वर डाउन होने के कारण पुरानी बुकिंग की गैस भी सप्लाई नहीं हो पा रही है। ऐसे लोगों की भीड़ बढ़ने पर गैस एजेंसियों ने छोटे वाहनों में गैस सिलिंडर भरकर उनकी कॉलोनियों में भिजवा दिए। इसके बाद प्वाइंट बनाकर पर्ची के हिसाब से लोगों को गैस सिलिंडर दिए गए। इस कारण शारदा रोड, जिमखाना मैदान के पास, गढ़ रोड, शास्त्रीनगर, जागृति विहार में कई स्थानों पर सिलिंडर दिए गए।
ई-केवाईसी नहीं होने के कारण निष्क्रिय हो गए गैस कनेक्शन
गैस कंपनियों ने पुराने कनेक्शनों का ई-केवाईसी अनिवार्य किया हुआ है। इसके बाद भी बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने अपने कनेक्शन का ई-केवाईसी नहीं कराया। जिसका कारण उनके गैस कनेक्शन अस्थायी तौर पर बंद हो गए। अब गैस संकट का आभास होने पर एकाएक लोग अपने कनेक्शन फिर से चालू कराने के लिए गैस एजेंसी पहुंच रहे हैं। सर्वर डाउन होने के कारण उनके कनेक्शन फिर से चालू नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे लोगों की भी भीड़ एजेंसियों पर लगी है।
ऑफलाइन बुकिंग के निर्देश
अफसरों के मुताबिक गैस कंपनियों का सर्वर डाउन होने के कारण 25 दिन बाद भी गैस बुक नहीं हो रही है। गैस एजेंसियों को ऐसे उपभोक्ताओं की गैस बुकिंग ऑफलाइन रजिस्टर में दर्ज करके सिलिंडर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
बयान
मेरठ में गैस एजेंसियों पर पर्याप्त गैस उपलब्ध है। पूरी पारदर्शिता से गैस का वितरण किया जा रहा है। तहसील वार टीमें बनाकर शहर में गैस एजेंसियों पर जांच कराई जा रही है। कालाबाजारी की कोई भी शिकायत मिलने पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
-विनय कुमार सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी मेरठ।
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कमर्शियल गैस की सप्लाई बंद होने से शहर और बाहरी इलाकों में स्थित होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। कई होटल में कमर्शियल गैस नहीं मिलने से खाना नहीं बन पा रहा है। सरकार और प्रशासन का पूरा जोर घरेलू गैस की आपूर्ति बरकरार रखने पर हैं। जिला पूर्ति विभाग ने बुधवार को जिले की प्रत्येक तहसील में टीमों का गठन करके गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए जांच अभियान चलाया। मेरठ शहर में भी पांच टीमों ने गैस एजेंसियों और उनके गोदामों पर जाकर जांच की। टीम में शामिल अधिकारियों ने गैस उपभोक्ताओं से भी बात करके गैस की आपूर्ति की जानकारी ली।
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नहीं हुआ सर्वर डाउन होने की समस्या का समाधान
गैस कंपनियों द्वारा बुधवार को भी ऑनलाइन बुकिंग का सर्वर डाउन होने की समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला गया। इस कारण गैस बुक कराने के लिए लोगों की भीड़ गैस एजेंसियों पर लगी रही। कई लोग तो नए गैस कनेक्शन लेने के लिए एजेंसियों पर पहुंचे, लेकिन सर्वर डाउन होने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। गैस एजेंसी संचालक उनका समस्या का कोई समाधान नहीं कर पाए।
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प्वाइंट बनाकर लोगों को दिए जा रहे सिलिंडर
आम दिनों में उपभोक्ताओं को गैस की होम डिलीवरी दी जाती है, लेकिन सर्वर डाउन होने के कारण पुरानी बुकिंग की गैस भी सप्लाई नहीं हो पा रही है। ऐसे लोगों की भीड़ बढ़ने पर गैस एजेंसियों ने छोटे वाहनों में गैस सिलिंडर भरकर उनकी कॉलोनियों में भिजवा दिए। इसके बाद प्वाइंट बनाकर पर्ची के हिसाब से लोगों को गैस सिलिंडर दिए गए। इस कारण शारदा रोड, जिमखाना मैदान के पास, गढ़ रोड, शास्त्रीनगर, जागृति विहार में कई स्थानों पर सिलिंडर दिए गए।
ई-केवाईसी नहीं होने के कारण निष्क्रिय हो गए गैस कनेक्शन
गैस कंपनियों ने पुराने कनेक्शनों का ई-केवाईसी अनिवार्य किया हुआ है। इसके बाद भी बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने अपने कनेक्शन का ई-केवाईसी नहीं कराया। जिसका कारण उनके गैस कनेक्शन अस्थायी तौर पर बंद हो गए। अब गैस संकट का आभास होने पर एकाएक लोग अपने कनेक्शन फिर से चालू कराने के लिए गैस एजेंसी पहुंच रहे हैं। सर्वर डाउन होने के कारण उनके कनेक्शन फिर से चालू नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे लोगों की भी भीड़ एजेंसियों पर लगी है।
ऑफलाइन बुकिंग के निर्देश
अफसरों के मुताबिक गैस कंपनियों का सर्वर डाउन होने के कारण 25 दिन बाद भी गैस बुक नहीं हो रही है। गैस एजेंसियों को ऐसे उपभोक्ताओं की गैस बुकिंग ऑफलाइन रजिस्टर में दर्ज करके सिलिंडर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
बयान
मेरठ में गैस एजेंसियों पर पर्याप्त गैस उपलब्ध है। पूरी पारदर्शिता से गैस का वितरण किया जा रहा है। तहसील वार टीमें बनाकर शहर में गैस एजेंसियों पर जांच कराई जा रही है। कालाबाजारी की कोई भी शिकायत मिलने पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
-विनय कुमार सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी मेरठ।