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Meerut News: एडीएम के पेशकार पर रिश्वत लेने का आरोप, शिकायत करेंगे व्यापारी

Sat, 16 Nov 2024 04:44 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 16 Nov 2024 04:44 AM IST
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ADM official accused of taking bribe, traders will complain
मेरठ। फर्जी स्टांप की रिकवरी में रिश्वतखोरी के आरोप लगने शुरू हो गए हैं। मेरठ व्यापार मंडल ने बोम्बे बाजार स्थित एक होटल में व्यापारियों के साथ बैठक की और नाराजगी जताई। व्यापारियों का आरोप है कि एडीएम वित्त का पेशकार रणसिंह रिकवरी के साथ 20-25 हजार की रिश्वत ले रहे है। इसकी शिकायत डीएम की शनिवार को प्रस्तावित बैठक में व्यापारी करेंगे। व्यापारियों ने कहा है कि स्टांप घोटाले के आरोपी बेनकाब हो चुके, बावजूद जिला प्रशासन बेकसूर लोगों से रिकवरी के नोटिस भेजकर परेशान कर रहा है।
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997 रजिस्ट्री में फर्जी स्टांप मिलने की पुष्टि के बाद पुलिस नामजद अधिवक्ता विशाल वर्मा के गिरोह के नेटवर्क का पता लगाने में लगी है। एडीएम वित्त और सहायक आयुक्त स्टांप कार्यालय से रजिस्ट्री में फर्जी स्टांप लगाने के मामले में रिकवरी के नोटिस भेजने की प्रक्रिया जारी है। इसको लेकर बृहस्पतिवार दोपहर अपर आयुक्त जसजीत कौर और एडीएम वित्त सूर्यकांत त्रिपाठी को मेरठ व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष जीतू नागपाल, महानगर अध्यक्ष शैंकी वर्मा सहित कई व्यापारियों ने ज्ञापन दिया था। व्यापारियों ने रिकवरी के नोटिस बंद करने की मांग की थी। डीएम दीपक मीणा ने शनिवार को एडीएम वित्त, सहायक आयुक्त स्टांप, उपनिबंधक, पीड़ित लोग व मेरठ व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ बैठक करने की बात कही थी।
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शुक्रवार को मेरठ व्यापार मंडल की पीड़ित व्यापारी और लोगों के साथ बोम्बे बाजार स्थित हनुमान मंदिर के पास एक होटल में बैठक हुई। जिसमें पीड़ित व्यापारी राकेश कुमार सैनी ने बताया कि उसकी रजिस्ट्री में फर्जी स्टांप लगा है, इसकी रिकवरी का नोटिस आया था। रिकवरी के पैसे के अलावा 20 हजार की रिश्वत एडीएम के पेशकार रणसिंह को दिए है। यह बात सुनकर मेरठ व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष जीतू नागपाल, महानगर अध्यक्ष शैंकी ने कहा कि रिश्वत लेने की बात पहले भी कई बार आई है। शनिवार को डीएम के साथ व्यापारियों की बैठक प्रस्तावित है, जिसमें एडीएम के पेशकार की शिकायत करेंगे। बैठक में व्यापारी तरुण शर्मा, अभिनव गुप्ता, अंजलि, अशोक कुमार वर्मा, अर्पित, बीएम गुप्ता सहित 50 व्यापारी मौजूद थे।
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पहले भी जेल जा चुके रणसिंह
तत्कालीन कमिश्नर प्रभात कुमार ने पेशकार रणसिंह को गिरफ्तार कराया था। आरोप था कि बाहरी लोगों को सरकारी कार्यालय में रखकर काम कराया जाता था। इस दौरान पैसे के लेनदेन का आरोप लगा था। इस मामले में देहलीगेट थाने में मुकदमा पंजीकृत हुआ था। उस समय रणसिंह सदर तहसील में तैनात थे।


वर्जन
फर्जी स्टांप लगाकर रजिस्ट्री कराने वाले लोगों को रिकवरी के नोटिस भेजे जा रहे हैं। 60 फीसदी लोग पैसा जमा भी कर चुके हैं। व्यापारियों ने अगर पेशकार पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया है तो उसकी जांच कराई जाएगी। रिकवरी के नोटिस भेजना प्रक्रिया है, पैसा जमा करने के लिए दबाव नहीं दे रहे है।

सूर्यकांत त्रिपाठी, एडीएम वित्त
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रिश्वत लेने का आरोप निराधार है। जो लोग आरोप लगा रहे है, उनके पास रिश्वत लेने का फोटो, वीडियो या ऑडियो हो तो अधिकारी को दें। बेवजह आरोप लगाकर बदनाम करने की साजिश है।
रणसिंह, पेशकार
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