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'कार्यालय से बाहर जाइए': कैराना सांसद इकरा हसन से अभद्रता के मामले ने पकड़ा तूल, एडीएम पर अखिलेश ने कही ये बात
Thu, 17 Jul 2025 12:13 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 17 Jul 2025 12:13 PM IST
सार
यूपी के कैराना से सांसद इकरा हसन से अभद्रता के मामले ने तूल पकड़ लिया है। सपाई विरोध में उतर आए हैं। मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर एडीएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। वहीं, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी एडीएम पर निशाना साधा है।
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iqra hasan
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शामली जिले की कैराना लोकसभा सीट से सपा सांसद इकरा हसन के साथ अभद्रता का मामला तूल पकड़ गया। सपाई इसके विरोध में उतर आए। पदाधिकारियों की तरफ से मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर जांच के बाद एडीएम पर कार्रवाई की मांग की गई है।
वहीं, पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने भी फेसबुक पर पोस्ट कर लिखा है कि हम अपनी बेटी के साथ हैं। सपा जिलाध्यक्ष चौधरी अब्दुल वाहिद की तरफ से मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की गई है।
जिलाध्यक्ष ने लिखा कि कैराना सांसद और छुटमलपुर नगर पंचायत अध्यक्षा शमा परवीन के साथ हुई घटना निंदनीय है। इसके लिए एडीएम पर कार्रवाई होनी चाहिए।
उधर, सपा महानगर प्रभारी एवं पार्षद अभिषेक टिंकू अरोड़ा ने पत्र भेजकर लिखा कि जन समस्याओं को लेकर सांसद इकरा हसन और अध्यक्षा एडीएम से मिलने के लिए पहुंची थीं। इस तरह उनके साथ अभद्र व्यवहार किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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वहीं, पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने भी फेसबुक पर पोस्ट कर लिखा है कि हम अपनी बेटी के साथ हैं। सपा जिलाध्यक्ष चौधरी अब्दुल वाहिद की तरफ से मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की गई है।
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जिलाध्यक्ष ने लिखा कि कैराना सांसद और छुटमलपुर नगर पंचायत अध्यक्षा शमा परवीन के साथ हुई घटना निंदनीय है। इसके लिए एडीएम पर कार्रवाई होनी चाहिए।
उधर, सपा महानगर प्रभारी एवं पार्षद अभिषेक टिंकू अरोड़ा ने पत्र भेजकर लिखा कि जन समस्याओं को लेकर सांसद इकरा हसन और अध्यक्षा एडीएम से मिलने के लिए पहुंची थीं। इस तरह उनके साथ अभद्र व्यवहार किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य फैसल सलमानी ने कहा कि यह पूरी घटना विपक्ष की राजनीति के लिए अत्यधिक गंभीर है। इसे लेकर उच्च अधिकारियों से मुलाकात की जाएगी।
अखिलेश यादव ने साधा निशाना
वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने फेसबुक और एक्स पर लिखा है कि जो अधिकारी सांसद का सम्मान नहीं करता वह जनता का सम्मान क्या करेगा।
वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने फेसबुक और एक्स पर लिखा है कि जो अधिकारी सांसद का सम्मान नहीं करता वह जनता का सम्मान क्या करेगा।
अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया मामला
एक जुलाई को सांसद इकरा हसन और नगर पंचायत अध्यक्ष शमा परवीन एडीएम कार्यालय पहुंची थीं। इसके बाद कैराना सांसद की तरफ से शासन को शिकायत की गई। बताया कि एडीएम ने उनके साथ अभद्रता की और कार्यालय से बाहर जाने के लिए कहा।
एक जुलाई को सांसद इकरा हसन और नगर पंचायत अध्यक्ष शमा परवीन एडीएम कार्यालय पहुंची थीं। इसके बाद कैराना सांसद की तरफ से शासन को शिकायत की गई। बताया कि एडीएम ने उनके साथ अभद्रता की और कार्यालय से बाहर जाने के लिए कहा।
शिकायत की कॉपी मंडलायुक्त को भी दी गई। मंडलायुक्त के आदेश पर जिलाधिकारी ने जांच शुरू कर दी है। अमर उजाला ने 16 जुलाई के अंक में इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया। एडीएम संतोष बहादुर सिंह से भी जवाब मांगा गया है।
पूर्व विधायक ने भी जताई आपत्ति
पूर्व विधायक माविया अली ने भी इस घटना पर रोष जताया। बुधवार को जारी बयान में पूर्व विधायक माविया अली ने कहा कि कहा कि भाजपा की सरकार में उत्तर प्रदेश में अधिकारी पूरी तरह बेलगाम होकर काम कर रहे हैं।
पूर्व विधायक माविया अली ने भी इस घटना पर रोष जताया। बुधवार को जारी बयान में पूर्व विधायक माविया अली ने कहा कि कहा कि भाजपा की सरकार में उत्तर प्रदेश में अधिकारी पूरी तरह बेलगाम होकर काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कैराना सांसद इकरा हसन के साथ अभद्र व्यवहार राजनीति से प्रेरित है, जिसे सपाई किसी सूरत बर्दाश्त नहीं करेंगे। वहीं, पूर्व सभासद सिकंदर अली ने भी सांसद के साथ अभद्र व्यवहार की निंदा की है।
इकरा हसन हमारी बेटी : पूर्व सांसद
पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने फेसबुक पर पोस्ट करते हुए लिखा कि कैराना सांसद, हमारी बेटी इकरा हसन के साथ घटना बेहद निंदनीय है। सांसद का अपना प्रोटोकॉल होता है। हम इस लड़ाई में अपनी बेटी के साथ है। पूर्व सांसद की इस पोस्ट पर काफी कमेंट्स आ रहे हैं, जो इस घटना की निंदा कर रहे हैं।
पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने फेसबुक पर पोस्ट करते हुए लिखा कि कैराना सांसद, हमारी बेटी इकरा हसन के साथ घटना बेहद निंदनीय है। सांसद का अपना प्रोटोकॉल होता है। हम इस लड़ाई में अपनी बेटी के साथ है। पूर्व सांसद की इस पोस्ट पर काफी कमेंट्स आ रहे हैं, जो इस घटना की निंदा कर रहे हैं।
एडीएम ने आरोपों को बताया निराधार
एडीएम ने कहा कि जैसे ही मुझे कैराना सांसद के कार्यालय में पहुंचने का पता चला तो तुरंत वहां पहुंचा। कैराना सांसद ने फोन रिसीव नहीं करने पर नाराजगी जताई। छुटमलपुर ईओ को लेकर शिकायत की थी, लेकिन उन्होंने लिखित में शिकायत नहीं दी। वार्ता सिर्फ इतनी हुई। उन्हें कार्यालय से बाहर जाने के लिए बिल्कुल नहीं कहा। यह आरोप गलत है। जनप्रतिनिधियों का पूरी तरह से सम्मान करते हैं।
एडीएम ने कहा कि जैसे ही मुझे कैराना सांसद के कार्यालय में पहुंचने का पता चला तो तुरंत वहां पहुंचा। कैराना सांसद ने फोन रिसीव नहीं करने पर नाराजगी जताई। छुटमलपुर ईओ को लेकर शिकायत की थी, लेकिन उन्होंने लिखित में शिकायत नहीं दी। वार्ता सिर्फ इतनी हुई। उन्हें कार्यालय से बाहर जाने के लिए बिल्कुल नहीं कहा। यह आरोप गलत है। जनप्रतिनिधियों का पूरी तरह से सम्मान करते हैं।
महिला विरोधी मानसिकता वाले अधिकारी को सजा मिले: इकरा
सांसद इकरा हसन ने बताया कि वह अपने किसी काम से सहारनपुर कलेक्ट्रेट गई थी, वहां छुटमलपुर नगर पंचायत की अध्यक्ष शमा परवीन ने अपनी परेशानी बताई। महिला और जनप्रतिनिधि होने के नाते वह उनके साथ एडीएम से मिलीं।
सांसद इकरा हसन ने बताया कि वह अपने किसी काम से सहारनपुर कलेक्ट्रेट गई थी, वहां छुटमलपुर नगर पंचायत की अध्यक्ष शमा परवीन ने अपनी परेशानी बताई। महिला और जनप्रतिनिधि होने के नाते वह उनके साथ एडीएम से मिलीं।
दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक एडीएम अपने कार्यालय नहीं आए। तीन बजे आने के बाद एडीएम ने जनप्रतिनिधि होने के साथ-साथ ही महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया। योगी और मोदी सरकार एक और तो बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और महिला सशक्तिकरण का नारा बुलंद कर रही है, लेकिन एडीएम ने सारी हदें पार करते हुए महिलाओं का अपमान किया।
जनप्रतिनिधि होने के नाते प्रोटोकॉल का पालन भी नहीं किया। उन्होंने शासन और प्रशासन में लिखित रूप में शिकायत की है। उनकी सरकार से मांग है कि महिला विरोधी मानसिकता के अधिकारी पर कार्रवाई होनी चाहिए।